धर्म_ज्योतिष post authorJournalist खबरीलाल LAST UPDATED ON:Saturday ,October 24,2020

हवन-पूजन के लिए मंदिरों में नहीं खुले श्रद्धालुओं के लिए पट:

post


रायपुर। शारदीय नवरात्रि के महाष्टमी पर हवन और पूजन तो हो रहा है लेकिन



श्रद्धालुओं को कोरोना संक्रमण के चलते प्रशासन द्वारा बनाए गए नियम के तहत



अंदर जाने की मनाही है, इस कारण कई श्रद्धालुओं में नाराजगी भी देखी गई।



मंदिर समिति के कुछ ही सदस्य हवन-पूजन में शामिल हुए। कोरोना के चलते



श्रद्धालुओं को आरती में भी शामिल नहीं किया गया है और खिड़की से ही दर्शन



कराए गए।


महाष्टमी पर पुरानी बस्ती स्थित महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं



की सुबह से ही लंबी लाइन लगी रहती है लेकिन इस बार भीड़ बहुत कम रही। माता



के दर्शन के लिए एक बार में दो लोगों को ही अंदर जाने दिया जा रहा था।



लेकिन हवन पूजन कार्यक्रम में उन्हें शामिल नहीं होने दिया गया, इसका



प्रमुख कारण कोरोना काल को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जारी गाईड लाइन



था। आरती और हवन कार्यक्रम को देखने और सुनने के लिए मंदिर प्रबंधन ने बाहर



ही स्क्रीन लगा रखी है जिसके माध्यम से वे यहां इसमें शामिल हो सकें।
वहीं



दूसरी ओर रावांभाठा स्थित मां बंजारी मंदिर में दर्शन के लिए सुबह से



हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं लेकिन उन्हें भी जिला प्रशासन



की गाइड लाइन के अनुसार दर्शन कराए जा रहे है। आज हवन-पूजन कार्यक्रम में



भी यही देखने को मिला। हवन कार्यक्रम में मात्र समिति के कुछ सदस्य और



पूजारीगण ही शामिल हुए, श्रद्धालुओं को इससे दूर ही रखा गया।













रायपुर। शारदीय नवरात्रि के महाष्टमी पर हवन और पूजन तो हो रहा है लेकिन



श्रद्धालुओं को कोरोना संक्रमण के चलते प्रशासन द्वारा बनाए गए नियम के तहत



अंदर जाने की मनाही है, इस कारण कई श्रद्धालुओं में नाराजगी भी देखी गई।



मंदिर समिति के कुछ ही सदस्य हवन-पूजन में शामिल हुए। कोरोना के चलते



श्रद्धालुओं को आरती में भी शामिल नहीं किया गया है और खिड़की से ही दर्शन



कराए गए।


महाष्टमी पर पुरानी बस्ती स्थित महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं



की सुबह से ही लंबी लाइन लगी रहती है लेकिन इस बार भीड़ बहुत कम रही। माता



के दर्शन के लिए एक बार में दो लोगों को ही अंदर जाने दिया जा रहा था।



लेकिन हवन पूजन कार्यक्रम में उन्हें शामिल नहीं होने दिया गया, इसका



प्रमुख कारण कोरोना काल को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जारी गाईड लाइन



था। आरती और हवन कार्यक्रम को देखने और सुनने के लिए मंदिर प्रबंधन ने बाहर



ही स्क्रीन लगा रखी है जिसके माध्यम से वे यहां इसमें शामिल हो सकें।
वहीं



दूसरी ओर रावांभाठा स्थित मां बंजारी मंदिर में दर्शन के लिए सुबह से



हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं लेकिन उन्हें भी जिला प्रशासन



की गाइड लाइन के अनुसार दर्शन कराए जा रहे है। आज हवन-पूजन कार्यक्रम में



भी यही देखने को मिला। हवन कार्यक्रम में मात्र समिति के कुछ सदस्य और



पूजारीगण ही शामिल हुए, श्रद्धालुओं को इससे दूर ही रखा गया।












शयद आपको भी ये अच्छा लगे!

Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner