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गौ-पालकों और समाज के अंतिम छोर में खड़े लोगों से 2 रूपये किलो में गोबर खरीदी रमन को नहीं आ रही रास :

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00 36 हजार करोड़ के नान घोटाले के नामों को छिपाने पूरी ताकत झोंक दी थी भाजपा ने
रायपुर।
छत्तीसगढ़
में गौ-पालको से 2 रूपये किलो की दर पर गोबर खरीदा जा रहा है। समाज के
अंतिम छोर में खड़ी महिलाएं एवं गो-पालक गोबर 2 रूपये किलो की दर में बेच
रही है तो इसमें रमन सिंह को बड़ी पीड़ा हो रही है। गोबर खरीदी में रमन सिं
को बड़ी तकलीफ हो रही है। यह तकलीफ उस समय कहां थी गरीबों के निवाला को
छीनकर जब 36 हजार करोड़ का नान घोटाला हुआ था?


प्रदेश कांग्रेस के
संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 36000 करोड़ के
नान घोटाले के नामों को छिपाने क्यों भाजपा सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी थी?
2 रू. की गोबर खरीदी में घोटाले का मनगढ़त, बेबुनियाद आरोप लगाने वाले रमन
सिंह जी नान घोटाले के समय में क्यों खामोश चुप्पी साधे बैठे थे? जिस रमन
सिंह जी के 15 वर्ष शासनकाल में गौशालाओं में गायों को पालने पोसने के नाम
पर करोड़ों रू. का अनुदान घोटाला हुआ और गौ मांस के लिए और चमड़े के लिए
सैंकड़ो हजारों गायों की निर्मम हत्यायें की गई उस समय रमन सिंह जी का जमीर
कहां सोया पड़ा था? आज रमनसिंह को घोटालों की बात अचानक कैसे समझ में आने
लगी है? दरअसल गरीबों को, महिलाओं को, समाज के अंतिम छोर में खड़े
व्यक्तियों को और गो पालको को सीधे लाभ मिल रहा है जो रमन सिंह  और भाजपा
को बर्दाश्त ही नहीं हो रहा है।




00 36 हजार करोड़ के नान घोटाले के नामों को छिपाने पूरी ताकत झोंक दी थी भाजपा ने
रायपुर।
छत्तीसगढ़
में गौ-पालको से 2 रूपये किलो की दर पर गोबर खरीदा जा रहा है। समाज के
अंतिम छोर में खड़ी महिलाएं एवं गो-पालक गोबर 2 रूपये किलो की दर में बेच
रही है तो इसमें रमन सिंह को बड़ी पीड़ा हो रही है। गोबर खरीदी में रमन सिं
को बड़ी तकलीफ हो रही है। यह तकलीफ उस समय कहां थी गरीबों के निवाला को
छीनकर जब 36 हजार करोड़ का नान घोटाला हुआ था?


प्रदेश कांग्रेस के
संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 36000 करोड़ के
नान घोटाले के नामों को छिपाने क्यों भाजपा सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी थी?
2 रू. की गोबर खरीदी में घोटाले का मनगढ़त, बेबुनियाद आरोप लगाने वाले रमन
सिंह जी नान घोटाले के समय में क्यों खामोश चुप्पी साधे बैठे थे? जिस रमन
सिंह जी के 15 वर्ष शासनकाल में गौशालाओं में गायों को पालने पोसने के नाम
पर करोड़ों रू. का अनुदान घोटाला हुआ और गौ मांस के लिए और चमड़े के लिए
सैंकड़ो हजारों गायों की निर्मम हत्यायें की गई उस समय रमन सिंह जी का जमीर
कहां सोया पड़ा था? आज रमनसिंह को घोटालों की बात अचानक कैसे समझ में आने
लगी है? दरअसल गरीबों को, महिलाओं को, समाज के अंतिम छोर में खड़े
व्यक्तियों को और गो पालको को सीधे लाभ मिल रहा है जो रमन सिंह  और भाजपा
को बर्दाश्त ही नहीं हो रहा है।



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