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news raipur:: कोरोना संक्रमण कम होते ही लोग हुए लापरवाह तो चिकित्‍सकों ने किया अलर्ट:

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 रायपुर । छत्‍तीसगढ़ में कोरोना
संक्रमण बेहद कम हो गए हैं। इसे लेकर लोगों में लापरवाही भी काफी हद तक बढ़
गई है। एक ओर जहां सार्वजनिक स्‍थलों पर मास्‍क लगाना भूल गए हैं वहीं लोग
हाथ भी धोना भी भूल गए हैं। ऐसे में एक्‍सपर्टस ने लोगों को अलर्ट रहने के
साथ मास्‍क और हाथ धोना नहीं भूलना चाहिए।

जानिए एक्सपर्ट्स ने लोगों को किया अलर्ट

इस
बारे में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों ने कहा
है कि कोविड-19 महामारी का प्रकोप भले ही कम हो गया हो पर अन्य बीमारियों
का खतरा लगाताार बना हुआ है। ऐसे में नियमित स्वच्छता ही किसी भी महामारी
के खिलाफ ढाल का कार्य कर सकती है। यदि समाज का प्रत्येक वर्ग आगे आकर
नियमित स्वच्छता को अपनाता है तो इससे बीमारियों से पैदा होने वाली
चुनौतियों को कम किया जा सकता है।
स्वच्छता पखवाड़ा-2022 के अंतर्गत एम्स के विभिन्न् विभागों में जागरूकता
कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 15 अप्रैल तक चलने वाले इन कार्यक्रमों
में रोगियों और उनके परिजनों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में जागरूक
बनाया जा रहा है। स्वच्छता पखवाड़ा-2022 का समापन दो दिन बाद होगा। 15
दिनों तक इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न् आयोजन किए जा चुके हैं।

विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर आयोजित अवर प्लानेट, अवर हेल्थ विषयक
वेबिनार को संबोधित करते हुए निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने कहा
कि स्वस्थ रहने के लिए पर्यावरण को भी साफ रखना होगा। प्रदूषण की वजह से भी
कई प्रकार की बीमारियां जन्म लेती है। अत: समाज के प्रत्येक वर्ग को इसके
प्रति जागरूक करना होगा। बीते
दिनों कार्यक्रम में पहुंची केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
मंत्रालय की निदेशक रोली खरे ने पर्यावरण संरक्षण के लिए दीर्घकालीन
योजनाएं बनाने पर जोर देते हुए शैक्षणिक संस्थाओं, उद्योगों और आम लोगों को
साथ मिलकर उपाय करने का सुझाव भी दिया।
 


 रायपुर । छत्‍तीसगढ़ में कोरोना
संक्रमण बेहद कम हो गए हैं। इसे लेकर लोगों में लापरवाही भी काफी हद तक बढ़
गई है। एक ओर जहां सार्वजनिक स्‍थलों पर मास्‍क लगाना भूल गए हैं वहीं लोग
हाथ भी धोना भी भूल गए हैं। ऐसे में एक्‍सपर्टस ने लोगों को अलर्ट रहने के
साथ मास्‍क और हाथ धोना नहीं भूलना चाहिए।

जानिए एक्सपर्ट्स ने लोगों को किया अलर्ट

इस
बारे में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों ने कहा
है कि कोविड-19 महामारी का प्रकोप भले ही कम हो गया हो पर अन्य बीमारियों
का खतरा लगाताार बना हुआ है। ऐसे में नियमित स्वच्छता ही किसी भी महामारी
के खिलाफ ढाल का कार्य कर सकती है। यदि समाज का प्रत्येक वर्ग आगे आकर
नियमित स्वच्छता को अपनाता है तो इससे बीमारियों से पैदा होने वाली
चुनौतियों को कम किया जा सकता है।
स्वच्छता पखवाड़ा-2022 के अंतर्गत एम्स के विभिन्न् विभागों में जागरूकता
कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 15 अप्रैल तक चलने वाले इन कार्यक्रमों
में रोगियों और उनके परिजनों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में जागरूक
बनाया जा रहा है। स्वच्छता पखवाड़ा-2022 का समापन दो दिन बाद होगा। 15
दिनों तक इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न् आयोजन किए जा चुके हैं।

विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर आयोजित अवर प्लानेट, अवर हेल्थ विषयक
वेबिनार को संबोधित करते हुए निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने कहा
कि स्वस्थ रहने के लिए पर्यावरण को भी साफ रखना होगा। प्रदूषण की वजह से भी
कई प्रकार की बीमारियां जन्म लेती है। अत: समाज के प्रत्येक वर्ग को इसके
प्रति जागरूक करना होगा। बीते
दिनों कार्यक्रम में पहुंची केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
मंत्रालय की निदेशक रोली खरे ने पर्यावरण संरक्षण के लिए दीर्घकालीन
योजनाएं बनाने पर जोर देते हुए शैक्षणिक संस्थाओं, उद्योगों और आम लोगों को
साथ मिलकर उपाय करने का सुझाव भी दिया।
 


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