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कुंती का सिलाई सेंटर खोलने का सपना हुआ साकार:

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कांकेर। राज्य शासन द्वारा महिलाओं को विभिन्न रोजगार मूलक योजनाओं से
लाभान्वित किया जा रहा है। जिले में संचालित अंत्यावसायी सहकारी विकास
समिति द्वारा बेरोजगारों को ऋण सहायता एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण दिलाकर
स्वावलंबी बनाया जा रहा है, साथ ही स्वयं का व्यवसाय स्थापना के लिए कौशल
विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
जिला मुख्यालय से लगभग 25
किलोमीटर दूर स्थित चारामा विकासखण्ड के ग्राम गोटीटोला निवासी कुन्ती
मण्डावी ने अंत्यावसायी विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण केन्द्र कांकेर में
सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं का सिलाई सेंटर चलाकर आत्मनिर्भर बन
चुकी है। कुन्ती बताती है कि मैं गरीब परिवार से हॅू कक्षा 8वी तक पढ़ाई की
हॅू।


मेरी पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त
नहीं कर सकी। मेरी इच्छा थी कि अंत्यावसायी द्वारा संचालित स्वरोजगार
योजनान्तर्गत ऋण लेकर अपना स्वयं का सिलाई सेंटर खोल सकूॅ। जिला
अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति कांकेर द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति
वित्त एवं विकास निगम के सहयोग से संचालित आदिवासी महिला सशक्तीकरण योजना
के अंतर्गत स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित किया गया था, उसे
पढ़कर मेरे द्वारा अंत्यावसायी कार्यालय से सम्पर्क कर ऋण के लिए आवेदन
जमा किया। जिला स्तरीय चयन समिति की बैठक में इकाई लागत 50 हजार रूपये के
लिये मुझे चयन किया गया। आवश्यक दस्तावेज जमा करने के उपरान्त मैं अपनी
पसंद के अनुरूप सिलाई सेंटर के लिए सामग्री खरीदा। अंत्यावसायी सहकारी
विकास समिति द्वारा स्वीकृत ऋण से सिलाई मशीन एवं कपड़ा सामग्री क्रय करने
के पश्चात् सलवार सूट, पेटी कोट, ब्लाउज इत्यादि तैयार कर रही हॅू, जिससे
मुझे माह में लगभग 5 से 6 हजार रूपये की अच्छी आमदनी हो रही है। कुन्ती अब
तक 20 से 25 महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण दे चुकी है। उनकी सिलाई सेंटर
खोलने का सपना साकार होने के साथ ही दुकान की मालिकाना हक भी मिल गया है।
पहले की अपेक्षा उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो गया है और उनके जीवन
में खुशीहाली आई है। उन्होंने राज्य शासन एवं अंत्यावसायी विभाग द्वारा
संचालित रोजगार मूलक योजनाओं केे लिये आभार व्यक्त किया है।




कांकेर। राज्य शासन द्वारा महिलाओं को विभिन्न रोजगार मूलक योजनाओं से
लाभान्वित किया जा रहा है। जिले में संचालित अंत्यावसायी सहकारी विकास
समिति द्वारा बेरोजगारों को ऋण सहायता एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण दिलाकर
स्वावलंबी बनाया जा रहा है, साथ ही स्वयं का व्यवसाय स्थापना के लिए कौशल
विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
जिला मुख्यालय से लगभग 25
किलोमीटर दूर स्थित चारामा विकासखण्ड के ग्राम गोटीटोला निवासी कुन्ती
मण्डावी ने अंत्यावसायी विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण केन्द्र कांकेर में
सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं का सिलाई सेंटर चलाकर आत्मनिर्भर बन
चुकी है। कुन्ती बताती है कि मैं गरीब परिवार से हॅू कक्षा 8वी तक पढ़ाई की
हॅू।


मेरी पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त
नहीं कर सकी। मेरी इच्छा थी कि अंत्यावसायी द्वारा संचालित स्वरोजगार
योजनान्तर्गत ऋण लेकर अपना स्वयं का सिलाई सेंटर खोल सकूॅ। जिला
अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति कांकेर द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति
वित्त एवं विकास निगम के सहयोग से संचालित आदिवासी महिला सशक्तीकरण योजना
के अंतर्गत स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित किया गया था, उसे
पढ़कर मेरे द्वारा अंत्यावसायी कार्यालय से सम्पर्क कर ऋण के लिए आवेदन
जमा किया। जिला स्तरीय चयन समिति की बैठक में इकाई लागत 50 हजार रूपये के
लिये मुझे चयन किया गया। आवश्यक दस्तावेज जमा करने के उपरान्त मैं अपनी
पसंद के अनुरूप सिलाई सेंटर के लिए सामग्री खरीदा। अंत्यावसायी सहकारी
विकास समिति द्वारा स्वीकृत ऋण से सिलाई मशीन एवं कपड़ा सामग्री क्रय करने
के पश्चात् सलवार सूट, पेटी कोट, ब्लाउज इत्यादि तैयार कर रही हॅू, जिससे
मुझे माह में लगभग 5 से 6 हजार रूपये की अच्छी आमदनी हो रही है। कुन्ती अब
तक 20 से 25 महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण दे चुकी है। उनकी सिलाई सेंटर
खोलने का सपना साकार होने के साथ ही दुकान की मालिकाना हक भी मिल गया है।
पहले की अपेक्षा उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो गया है और उनके जीवन
में खुशीहाली आई है। उन्होंने राज्य शासन एवं अंत्यावसायी विभाग द्वारा
संचालित रोजगार मूलक योजनाओं केे लिये आभार व्यक्त किया है।



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