रायपुर,21 दिसंबर 2020। किसानों की मौत मसले पर विपक्ष
के स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद शोर गुल में डूबा सदन अगले दिन
तक के लिए स्थगित हो गया। लेकिन इस मसले की गूंज सदन के बाहर भी रही। सत्ता
पक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है जबकि विपक्ष ने आरोप
लगाया स्थगन में उठाए गए मुद्दों को लेकर सरकार ने जो जवाब दिया वह अधूरा
था।
कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम ने कहा –
“विपक्ष के पास कोई तर्क नहीं है, कोई तथ्य नहीं है। सदन में
घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, स्थगन स्वीकार हो गया तो चर्चा करनी थी लेकिन
हंगामा करने लगे, चर्चा से भागने लगे.. आख़िर भागे क्यों”
हालाँकि विपक्ष की ओर से बृजमोहन अग्रवाल ने इस पर कहा
“स्थगन में उठाए मुद्दों पर मंत्री जी के जवाब में वो विषय ही
नहीं थे जिसका हमने उल्लेख किया था.. अधुरा जवाब असंतोषप्रद था.. हमने माँग
रखी कि मंत्रीजी का जवाब पूरा आए.. पर वो हुआ नही.. विरोध करते गर्भगृह
पहुँचे”
विदित हो कि सभापति सत्यनारायण शर्मा ने किसानों की मौत को लेकर स्थगन
स्वीकार कर लिया था। लेकिन चर्चा हंगामे में बदल गई और बेहद शोरगुल के बीच
आसंदी ने सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा
“हमने सरकार से कहा प्रति किसान मुआवज़ा पच्चीस लाख रुपए और दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए.. इस पर कोई जवाब ही नहीं आया”
रायपुर,21 दिसंबर 2020। किसानों की मौत मसले पर विपक्ष
के स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद शोर गुल में डूबा सदन अगले दिन
तक के लिए स्थगित हो गया। लेकिन इस मसले की गूंज सदन के बाहर भी रही। सत्ता
पक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है जबकि विपक्ष ने आरोप
लगाया स्थगन में उठाए गए मुद्दों को लेकर सरकार ने जो जवाब दिया वह अधूरा
था।
कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम ने कहा –
“विपक्ष के पास कोई तर्क नहीं है, कोई तथ्य नहीं है। सदन में
घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, स्थगन स्वीकार हो गया तो चर्चा करनी थी लेकिन
हंगामा करने लगे, चर्चा से भागने लगे.. आख़िर भागे क्यों”
हालाँकि विपक्ष की ओर से बृजमोहन अग्रवाल ने इस पर कहा
“स्थगन में उठाए मुद्दों पर मंत्री जी के जवाब में वो विषय ही
नहीं थे जिसका हमने उल्लेख किया था.. अधुरा जवाब असंतोषप्रद था.. हमने माँग
रखी कि मंत्रीजी का जवाब पूरा आए.. पर वो हुआ नही.. विरोध करते गर्भगृह
पहुँचे”
विदित हो कि सभापति सत्यनारायण शर्मा ने किसानों की मौत को लेकर स्थगन
स्वीकार कर लिया था। लेकिन चर्चा हंगामे में बदल गई और बेहद शोरगुल के बीच
आसंदी ने सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा
“हमने सरकार से कहा प्रति किसान मुआवज़ा पच्चीस लाख रुपए और दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए.. इस पर कोई जवाब ही नहीं आया”


Journalist खबरीलाल












