रायपुर। गुरुवार की रात प्रभु यीशु के जन्मोत्सव को उत्साह से मनाने के बाद
शुक्रवार की सुबह विशेष आराधना करने चर्चों में लोग उमड़ पड़े। हर साल
जहां 10 हजार से अधिक लोग सेंट पाल्स चर्च में एकत्रित होते थे, इस बार
कोरोना के माहौल में एहतियात बरतते हुए कम लोगों को आराधना हाल में प्रवेश
दिया गया। पहली बार ऐसा हुआ जब चर्चों में दिन भर में तीन - चार बार आराधना
हुई ताकि सभी लोग शारीरिक दूरी का पालन करते हुए आराधना में शामिल हो
सकें।
सेंट पाल्स चर्च में सुबह नौ बजे आराधना में बिशप राबर्ट अली ने
संपूर्ण दुनिया में उजाला फैलाने के लिए प्रभु यीशु के दिखाए मार्ग पर चलने
की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रेम, सद्भावना और सहयोग से लोगों का दिल
जीतें। सेवा, परोपकार करके मजबूरों की मदद करें। चर्च परिसर में इस बार
प्रशासन के नियमों के चलते दूर - दूर बैठने की व्यवस्था की गई। बाहर
प्रांगण में सजी प्रभु जन्म की झांकी के समक्ष सेल्फी लेने युवक - युवतियों
की भीड़ लगी रही। वहीं चर्च परिसर में एक - दूसरे को हैप्पी क्रिसमस कहकर
युवा बधाई देते रहे।
शहर के दो दर्जन से अधिक चर्चों में बच्चे,
युवतियां, युवक, बुजुर्ग प्रभु यीशु के जन्म की खुशियां बनाते हुए नजर आए।
सेंट पॉल्स चर्च के फादर अजय मार्टिन ने प्रभु यीशु का संदेश देते हुए कहा
कि शांति-सद्भावना के मार्ग पर चलकर दूसरों के प्रति उपकार करते हुए जीवन
व्यतीत करें। जीवन का असली उद्देश्य सेवा और परोपकार की भावना होना चाहिए।
क्रिसमस के मौके पर चर्चों में पादरी और अन्य पदाधिकारियों ने सांताक्लॉज
का भेष धारण करके बच्चों को चाकलेट, टाफी, खिलौने देकर खुशियां बांटी।
अभिभावकों को संदेश दिया कि ऐसी ही खुशियां बांटकर दूसरे बच्चों को भी खुश
करें। बच्चे भी खुश होकर सांताक्लॉज के साथ नृत्य करके जिंगलबेल,
जिंगलबेल... की धुन पर नाचते हुए खुशी से झूम उठे।
रायपुर। गुरुवार की रात प्रभु यीशु के जन्मोत्सव को उत्साह से मनाने के बाद
शुक्रवार की सुबह विशेष आराधना करने चर्चों में लोग उमड़ पड़े। हर साल
जहां 10 हजार से अधिक लोग सेंट पाल्स चर्च में एकत्रित होते थे, इस बार
कोरोना के माहौल में एहतियात बरतते हुए कम लोगों को आराधना हाल में प्रवेश
दिया गया। पहली बार ऐसा हुआ जब चर्चों में दिन भर में तीन - चार बार आराधना
हुई ताकि सभी लोग शारीरिक दूरी का पालन करते हुए आराधना में शामिल हो
सकें।
सेंट पाल्स चर्च में सुबह नौ बजे आराधना में बिशप राबर्ट अली ने
संपूर्ण दुनिया में उजाला फैलाने के लिए प्रभु यीशु के दिखाए मार्ग पर चलने
की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रेम, सद्भावना और सहयोग से लोगों का दिल
जीतें। सेवा, परोपकार करके मजबूरों की मदद करें। चर्च परिसर में इस बार
प्रशासन के नियमों के चलते दूर - दूर बैठने की व्यवस्था की गई। बाहर
प्रांगण में सजी प्रभु जन्म की झांकी के समक्ष सेल्फी लेने युवक - युवतियों
की भीड़ लगी रही। वहीं चर्च परिसर में एक - दूसरे को हैप्पी क्रिसमस कहकर
युवा बधाई देते रहे।
शहर के दो दर्जन से अधिक चर्चों में बच्चे,
युवतियां, युवक, बुजुर्ग प्रभु यीशु के जन्म की खुशियां बनाते हुए नजर आए।
सेंट पॉल्स चर्च के फादर अजय मार्टिन ने प्रभु यीशु का संदेश देते हुए कहा
कि शांति-सद्भावना के मार्ग पर चलकर दूसरों के प्रति उपकार करते हुए जीवन
व्यतीत करें। जीवन का असली उद्देश्य सेवा और परोपकार की भावना होना चाहिए।
क्रिसमस के मौके पर चर्चों में पादरी और अन्य पदाधिकारियों ने सांताक्लॉज
का भेष धारण करके बच्चों को चाकलेट, टाफी, खिलौने देकर खुशियां बांटी।
अभिभावकों को संदेश दिया कि ऐसी ही खुशियां बांटकर दूसरे बच्चों को भी खुश
करें। बच्चे भी खुश होकर सांताक्लॉज के साथ नृत्य करके जिंगलबेल,
जिंगलबेल... की धुन पर नाचते हुए खुशी से झूम उठे।


Journalist खबरीलाल












