00 तालाब सौंदर्यीकरण, आदर्श ग्राम सहित अनेक कार्यों के लिए मंत्री ने की राशि देने की घोषणा
रायपुर। ग्राम
पंचायत कुटेश्वर में आयोजित गुरू घासीदास जयंती समारोह में श्वेत ध्वज के
साथ जैतखाम की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख समृद्धि की
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कामना की।
डॉ. डहरिया ने
इस अवसर पर कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश देकर
पूरे मानव समाज को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया। उन्होंने जातिविहीन
समाज की परिकल्पना करके सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया। बाबा गुरू घासीदास
का यह संदेश सभी समाजों के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा में
अपने संदेश दिए इसका प्रमाण पंथी गीतों में मिलता है। इस अवसर पर डॉ.
डहरिया ने गांव में पीडीएस के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने कहा है। उन्होंने
कार्यक्रम आयोजन के लिए समिति को 40 हजार की राशि स्वेच्छानुदान देने की
घोषणा की और सामुदायिक भवन हेतु 6.50 लाख की स्वीकृति, तालाब सौंदर्यीकरण
के लिए 20 लाख और आदर्श ग्राम योजना अंतर्गत 40 लाख की स्वीकृति प्रदान की।
डॉ. डहरिया ने गुरू घासीदास जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि
संत किसी एक समाज के नही पूरे मानव समाज के होते हैं। बाबा गुरू घासीदास का
संदेश सभी समाजों के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि संत
शिरोमणि परम पूज्य बाबा गुरू घासीदास की जयंती 18 दिसंबर को गुरू पर्व के
रूप में मनायी जाती है और यह पर्व 31 दिसंबर तक प्रदेश में श्रद्धा-भक्ति
और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। कार्यक्रम में मंत्री ने पंथी
कलाकारों, ग्रामीणों एवं बच्चों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि बाबा
गुरू घासीदास के बताये मार्ग पर चलकर हम सब छत्तीसगढ़ को और अधिक विकसित
राज्य बनायेंगे। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री खिलेश देवांगन, जिला
पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता थान सिंह, जनपद सदस्य श्रीमती रानी पवन धींवर,
सरपंच श्रीमती कामिनी लक्ष्मण यादव, दिनेश जांगड़े, रेखराम पात्रे, राजू
बंजारे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
00 तालाब सौंदर्यीकरण, आदर्श ग्राम सहित अनेक कार्यों के लिए मंत्री ने की राशि देने की घोषणा
रायपुर। ग्राम
पंचायत कुटेश्वर में आयोजित गुरू घासीदास जयंती समारोह में श्वेत ध्वज के
साथ जैतखाम की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख समृद्धि की
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कामना की।
डॉ. डहरिया ने
इस अवसर पर कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश देकर
पूरे मानव समाज को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया। उन्होंने जातिविहीन
समाज की परिकल्पना करके सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया। बाबा गुरू घासीदास
का यह संदेश सभी समाजों के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा में
अपने संदेश दिए इसका प्रमाण पंथी गीतों में मिलता है। इस अवसर पर डॉ.
डहरिया ने गांव में पीडीएस के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने कहा है। उन्होंने
कार्यक्रम आयोजन के लिए समिति को 40 हजार की राशि स्वेच्छानुदान देने की
घोषणा की और सामुदायिक भवन हेतु 6.50 लाख की स्वीकृति, तालाब सौंदर्यीकरण
के लिए 20 लाख और आदर्श ग्राम योजना अंतर्गत 40 लाख की स्वीकृति प्रदान की।
डॉ. डहरिया ने गुरू घासीदास जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि
संत किसी एक समाज के नही पूरे मानव समाज के होते हैं। बाबा गुरू घासीदास का
संदेश सभी समाजों के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि संत
शिरोमणि परम पूज्य बाबा गुरू घासीदास की जयंती 18 दिसंबर को गुरू पर्व के
रूप में मनायी जाती है और यह पर्व 31 दिसंबर तक प्रदेश में श्रद्धा-भक्ति
और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। कार्यक्रम में मंत्री ने पंथी
कलाकारों, ग्रामीणों एवं बच्चों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि बाबा
गुरू घासीदास के बताये मार्ग पर चलकर हम सब छत्तीसगढ़ को और अधिक विकसित
राज्य बनायेंगे। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री खिलेश देवांगन, जिला
पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता थान सिंह, जनपद सदस्य श्रीमती रानी पवन धींवर,
सरपंच श्रीमती कामिनी लक्ष्मण यादव, दिनेश जांगड़े, रेखराम पात्रे, राजू
बंजारे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


Journalist खबरीलाल












