स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव
के इस्तीफे वाली चिट्ठी पर कांग्रेस में बवाल मचा हुआ है। मुख्यमंत्री
निवास में हुई विधायक दल की बैठक में 14 मंत्रियों-विधायकों ने सिंहदेव के
पत्र में लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताई। पत्र को अनुशासनहीनता कहा गया।
सिंहदेव के खिलाफ कार्यवाई की मांग वाले एक पत्र पर भी अधिकांश (61)
विधायकों के हस्ताक्षर लिए गए हैं। इसे लेकर प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया
दिल्ली जाएंगे।
मुख्यमंत्री
निवास में रविवार रात कांग्रेस विधायक दल की बैठक राष्ट्रपति चुनाव के
मतदान का प्रशिक्षण देने के सिंगल एजेंडे पर आयोजित थी। बैठक शुरू हुई तो
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने टीएस सिंहदेव के इस्तीफे का मामला
उठा दिया। डहरिया ने कहा, यह सरकार को अपमानित करने वाली स्थिति है। सरकार
अच्छा काम कर रही है। इसके बावजूद ऐसा लिखा जा रहा है, यह बेहद आपत्तिजनक
है।
राजिम विधायक अमितेश
शुक्ला ने कहा, उनके बाप-दादा के जमाने में भी कभी ऐसा नहीं हुआ। यह ठीक
नहीं हो रहा है। भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने यहां तक कह दिया कि यह
सरासर अनुशासनहीनता का मामला है। ऐसा पत्र लिखने वाले के खिलाफ अभी और यहीं
कार्यवाही होनी चाहिए।
खाद्य
एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा, हमारे आदिवासी विधायक बृहस्पत
सिंह ने इनके लिए कुछ बोल दिया था तो सदन में माफी मांगनी पड़ी। ये बोल रहे
हैं तो कुछ नहीं! विधायक डॉ. विनय जायसवाल, विनोद चंद्राकर, चंद्रदेव राय,
द्वारिकाधीश यादव, कुलदीप जुनेजा, शिशुपाल शोरी, रेखचंद जैन, कुंवर सिंह
निषाद और आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने भी अनुशासनहीनता पर कार्यवाही की
मांग वाली ऐसी ही बातें कहीं।
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव
के इस्तीफे वाली चिट्ठी पर कांग्रेस में बवाल मचा हुआ है। मुख्यमंत्री
निवास में हुई विधायक दल की बैठक में 14 मंत्रियों-विधायकों ने सिंहदेव के
पत्र में लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताई। पत्र को अनुशासनहीनता कहा गया।
सिंहदेव के खिलाफ कार्यवाई की मांग वाले एक पत्र पर भी अधिकांश (61)
विधायकों के हस्ताक्षर लिए गए हैं। इसे लेकर प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया
दिल्ली जाएंगे।
मुख्यमंत्री
निवास में रविवार रात कांग्रेस विधायक दल की बैठक राष्ट्रपति चुनाव के
मतदान का प्रशिक्षण देने के सिंगल एजेंडे पर आयोजित थी। बैठक शुरू हुई तो
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने टीएस सिंहदेव के इस्तीफे का मामला
उठा दिया। डहरिया ने कहा, यह सरकार को अपमानित करने वाली स्थिति है। सरकार
अच्छा काम कर रही है। इसके बावजूद ऐसा लिखा जा रहा है, यह बेहद आपत्तिजनक
है।
राजिम विधायक अमितेश
शुक्ला ने कहा, उनके बाप-दादा के जमाने में भी कभी ऐसा नहीं हुआ। यह ठीक
नहीं हो रहा है। भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने यहां तक कह दिया कि यह
सरासर अनुशासनहीनता का मामला है। ऐसा पत्र लिखने वाले के खिलाफ अभी और यहीं
कार्यवाही होनी चाहिए।
खाद्य
एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा, हमारे आदिवासी विधायक बृहस्पत
सिंह ने इनके लिए कुछ बोल दिया था तो सदन में माफी मांगनी पड़ी। ये बोल रहे
हैं तो कुछ नहीं! विधायक डॉ. विनय जायसवाल, विनोद चंद्राकर, चंद्रदेव राय,
द्वारिकाधीश यादव, कुलदीप जुनेजा, शिशुपाल शोरी, रेखचंद जैन, कुंवर सिंह
निषाद और आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने भी अनुशासनहीनता पर कार्यवाही की
मांग वाली ऐसी ही बातें कहीं।



Journalist खबरीलाल














