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सास-ससुर ने घर से निकाला तो रेलवे स्टेशन में महिला ने दिया बच्चे को जन्म:

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मनोहरपुर: झारखंड के मनोहरपुर रेलवे क्षेत्र में एक गर्भवती महिला द्वारा दो दिनों पहले बिना किसी मदद के नवजात बच्ची को जन्म देने का मामला प्रकाश में आया हैं। महिला दो दिनों से बिना कुछ खाए-पीए बच्चे को लेकर मनोहरपुर प्लेटफार्म संख्या एक में रह रही थी। शुक्रवार को स्थानीय सब्जी विक्रेता की महिला पर नजर पड़ी तो इसकी जानकारी लोगों को दी। जिसके बाद महिला सावित्री बांडरा को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सहिया पुष्पा मेनन और स्वास्थ्यकर्मियों ने रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दोनों का उपचार किया जा रहा है। महिला सावित्री बांडरा ने बताया कि वह सोनुवा के बालजोड़ी पंचायत के नायागांव की रहने वाली है। उसने डेढ़ साल पहले ओड़िशा के कटक निवासी आजाद समद से प्रेम विवाह कर लिया था, पर चार माह पूर्व सड़क हादसे में उसके पति की मौत हो गई।

महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति का श्राद्धकर्म होने के बाद सास-ससुर ने उसे घर से निकाल दिया। उसने काफी गुहार लगाई की वह पांच माह की गर्भवती है, पर किसी ने नहीं सुना। ससुराल से निकाले जाने के बाद अपने मायके पहुंची। वहां से भी दो दिनों बाद निकाल दिया गया। मायके से निकाले जाने के बाद वह चार माह तक कटक में इधर-उधर भटकती रही और 24 अप्रैल को उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन से मनोहरपुर पहुंची थी। वहां रात्रि में ही एक बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद सड़क से ब्लेड उठाकर बच्ची का नाड़ खुद काट कपड़ा से बांध दिया। मनोहरपुर सीएचसी की डॉक्टर प्रियंका ने बताया, अस्पताल में पहुंचने पर जांच के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। दोनों को ऑब्जरवेशन में रखा गया हैं और आगे जांच की जा रही है।


मनोहरपुर: झारखंड के मनोहरपुर रेलवे क्षेत्र में एक गर्भवती महिला द्वारा दो दिनों पहले बिना किसी मदद के नवजात बच्ची को जन्म देने का मामला प्रकाश में आया हैं। महिला दो दिनों से बिना कुछ खाए-पीए बच्चे को लेकर मनोहरपुर प्लेटफार्म संख्या एक में रह रही थी। शुक्रवार को स्थानीय सब्जी विक्रेता की महिला पर नजर पड़ी तो इसकी जानकारी लोगों को दी। जिसके बाद महिला सावित्री बांडरा को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सहिया पुष्पा मेनन और स्वास्थ्यकर्मियों ने रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दोनों का उपचार किया जा रहा है। महिला सावित्री बांडरा ने बताया कि वह सोनुवा के बालजोड़ी पंचायत के नायागांव की रहने वाली है। उसने डेढ़ साल पहले ओड़िशा के कटक निवासी आजाद समद से प्रेम विवाह कर लिया था, पर चार माह पूर्व सड़क हादसे में उसके पति की मौत हो गई।

महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति का श्राद्धकर्म होने के बाद सास-ससुर ने उसे घर से निकाल दिया। उसने काफी गुहार लगाई की वह पांच माह की गर्भवती है, पर किसी ने नहीं सुना। ससुराल से निकाले जाने के बाद अपने मायके पहुंची। वहां से भी दो दिनों बाद निकाल दिया गया। मायके से निकाले जाने के बाद वह चार माह तक कटक में इधर-उधर भटकती रही और 24 अप्रैल को उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन से मनोहरपुर पहुंची थी। वहां रात्रि में ही एक बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद सड़क से ब्लेड उठाकर बच्ची का नाड़ खुद काट कपड़ा से बांध दिया। मनोहरपुर सीएचसी की डॉक्टर प्रियंका ने बताया, अस्पताल में पहुंचने पर जांच के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। दोनों को ऑब्जरवेशन में रखा गया हैं और आगे जांच की जा रही है।


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