Breaking News

Mp News : जनजातीय विकास कार्य प्रेरक दृष्टिकोण के साथ क्रियान्वित हो : राज्यपाल पटेल:

post

 भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय समुदाय को विकास के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा है कि सबका साथ और सबका विकास, समावेशी समाज का आधार है। राज्यपाल पटेल आज राजभवन में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जनजातीय छात्र-छात्राओं के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि जनजातीय विकास और कल्याण प्रयासों को प्रेरक दृष्टिकोण के साथ क्रियान्वित किया जाना चाहिए। देश में सर्वाधिक जनजातीय आबादी वाला राज्य होने के कारण प्रदेश का दायित्व है कि जनजातीय विकास और कल्याण के कार्य आदर्श स्वरूप में संचालित हों। उन्होंने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति एवं पी.एच.डी. छात्रवृत्तियों के प्रावधानों को केंद्र सरकार की योजनाओं के अनुसार किए जाने की जरूरत बताई है। उन्होंने जनजातीय समुदाय की मेधावी प्रतिभाओं के माध्यम से समुदाय के युवाओं और भावी पीढ़प को प्रेरित करने की जरूरत बताई है।

 उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में निर्धारित पाठ्यक्रमों के साथ ही जनजातीय विषयों के अध्ययन की व्यवस्था पर विशेष बल दिया जाना चाहिए।

बैठक में जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, राज्यपाल के प्रमुख सचिव मुकेश चंद गुप्ता, प्रमुख सचिव जनजाति कार्य डॉ. ई. रमेश कुमार, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत वरवड़े, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


 भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय समुदाय को विकास के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा है कि सबका साथ और सबका विकास, समावेशी समाज का आधार है। राज्यपाल पटेल आज राजभवन में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जनजातीय छात्र-छात्राओं के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि जनजातीय विकास और कल्याण प्रयासों को प्रेरक दृष्टिकोण के साथ क्रियान्वित किया जाना चाहिए। देश में सर्वाधिक जनजातीय आबादी वाला राज्य होने के कारण प्रदेश का दायित्व है कि जनजातीय विकास और कल्याण के कार्य आदर्श स्वरूप में संचालित हों। उन्होंने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति एवं पी.एच.डी. छात्रवृत्तियों के प्रावधानों को केंद्र सरकार की योजनाओं के अनुसार किए जाने की जरूरत बताई है। उन्होंने जनजातीय समुदाय की मेधावी प्रतिभाओं के माध्यम से समुदाय के युवाओं और भावी पीढ़प को प्रेरित करने की जरूरत बताई है।

 उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में निर्धारित पाठ्यक्रमों के साथ ही जनजातीय विषयों के अध्ययन की व्यवस्था पर विशेष बल दिया जाना चाहिए।

बैठक में जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, राज्यपाल के प्रमुख सचिव मुकेश चंद गुप्ता, प्रमुख सचिव जनजाति कार्य डॉ. ई. रमेश कुमार, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत वरवड़े, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner