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मर्दों से धोखा मिलने के बाद दो पत्नियों ने एक दूजे से रचाई शादी:

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उत्तर प्रदेश के बदायूं की कचहरी में चौंकाने वाला मामला देखने को मिला है। यहां ना कोई बैंड बाजा न बरती, ना पंडित ना दहेज की बात हुई, महज कुछ महीनो के मुलाकात के बाद दोनों ने एक दूसरे को वरमाला पहनकर कचहरी में शादी कर ली।

दरअसल आशा और ज्योति ने पतियों से धोखा खाने के बाद कचहरी में एक दूजे को वरमाला पहनाकर विवाह कर लिया है। दोनों एक दूसरे से शादी करने के बाद मीडिया से मुखातिब हुई, उन्होंने अपनी पीड़ा बयां करते हुए एक दूजे के साथ जीवन गुजारने का निर्णय लिया।

आशा ज्योति ने तोड़ दी समाज की जंजीरें

दरअसल बदायूं कचहरी परिसर के मंदिर में आशा और ज्योति ने समाज व लोक लाज की परवाह किए बिना एक दूसरे से शादी कर ली। अब दोनों एक दूसरे के साथ जीवन गुजारेंगी, एक दूजे को वरमाला पहनकर अब दोनों एक दूजे की हो गई है। यहां दोनों को शादी करने के लिए किसी पंडित की जरूरत नहीं, पड़ी बस एक दूसरे के गले में माला डाली और एक दूजे की हो गई।

प्यार के नाम पर मिला धोखा

समाज की बनाई हुई दीवारों को तोड़ते हुए एक दूजे की हुई आशा और ज्योति समाज से सख्त नफरत करती हैं। उनका कहना है कि समाज ने उन्हें प्यार के नाम पर धोखा दिया है। समाज के पुरुष ने प्यार का मुखौटा पहना कर उनके भरोसे को चकनाचूर किया है।अब वह एक दूसरे की पत्नी है ना कोई दूल्हा है और ना कोई दुल्हन है। दोनों एक साथ जीना मरना चाहती हैं। उन्हें धोखा देने वाला कोई और नहीं बल्कि पुरुष समाज ही था, जिससे उन्हें अब नफरत हो गई है। धर्म छुपा करके उनके साथ दोस्ती की गई लेकिन जब वास्तविकता सामने आई तो दोनों के पांव तले जमीन खिसक गई। प्यार के नाम पर धोखा खाने के बाद दोनों अंदर से टूट गई, इसलिए अब पुरुष को नफरत भरी नजरों से देखती हैं। उन्हें पुरुष के प्यार में विश्वास नहीं बचा है।

3 महीने की दोस्ती

आशा और ज्योति की मुलाकात 3 महीने पहले हुई थी, दोनों के प्रेम में धोखा खाने के किस्से एक जैसे थे। कचहरी से शुरू हुई दोस्ती इतनी परवान चढ़ी कि दोनों ने एक दूसरे के संग जीने मरने का फैसला कर लिया।

दोनों का छलका दर्द

दोनों का कहना है कि हमारे साथ जो हुआ है जैसे एक भेड़िया बकरे को नोच कर खाता है। इतनी परेशान हो चुकी थी कि हमने कई बार सुसाइड करने की कोशिश की, लेकिन सोचा कि सुसाइड करने से कोई लाभ नहीं होगा। लड़का किसी लड़की के साथ कुछ भी करें वह स्वीकार नहीं है लेकिन ऐसा हो रहा है..! अब हम जो कर रहे हैं वह गलत नहीं है, हमने कोई गलत नहीं किया है। हमारे साथ जो हुआ है, हम वह पूरी बात यहां नहीं लाना चाहते हैं।

पति की भूमिका निभाएंगी आशा

आलापुर कस्बे की रहने वाली आशा अब वैवाहिक बंधन में बनने के बाद पति की भूमिका निभाएंगी। उसने अपना नाम बदलकर गोलू रख लिया है। जबकि ज्योति घर संभालने वाली पत्नी की भूमिका में नजर आएगी।

दुनियादारी से नहीं लेना देना

आशा ने बताया कि हम एक दूसरे का साथ निभाएंगे, अच्छे से काम करेंगे कमाएंगे, दुनिया से कोई मतलब नहीं है। हम अपनी मस्ती में अपनी जिंदगी जिएंगे, किसी से कोई लेना देना नहीं होगा।


उत्तर प्रदेश के बदायूं की कचहरी में चौंकाने वाला मामला देखने को मिला है। यहां ना कोई बैंड बाजा न बरती, ना पंडित ना दहेज की बात हुई, महज कुछ महीनो के मुलाकात के बाद दोनों ने एक दूसरे को वरमाला पहनकर कचहरी में शादी कर ली।

दरअसल आशा और ज्योति ने पतियों से धोखा खाने के बाद कचहरी में एक दूजे को वरमाला पहनाकर विवाह कर लिया है। दोनों एक दूसरे से शादी करने के बाद मीडिया से मुखातिब हुई, उन्होंने अपनी पीड़ा बयां करते हुए एक दूजे के साथ जीवन गुजारने का निर्णय लिया।

आशा ज्योति ने तोड़ दी समाज की जंजीरें

दरअसल बदायूं कचहरी परिसर के मंदिर में आशा और ज्योति ने समाज व लोक लाज की परवाह किए बिना एक दूसरे से शादी कर ली। अब दोनों एक दूसरे के साथ जीवन गुजारेंगी, एक दूजे को वरमाला पहनकर अब दोनों एक दूजे की हो गई है। यहां दोनों को शादी करने के लिए किसी पंडित की जरूरत नहीं, पड़ी बस एक दूसरे के गले में माला डाली और एक दूजे की हो गई।

प्यार के नाम पर मिला धोखा

समाज की बनाई हुई दीवारों को तोड़ते हुए एक दूजे की हुई आशा और ज्योति समाज से सख्त नफरत करती हैं। उनका कहना है कि समाज ने उन्हें प्यार के नाम पर धोखा दिया है। समाज के पुरुष ने प्यार का मुखौटा पहना कर उनके भरोसे को चकनाचूर किया है।अब वह एक दूसरे की पत्नी है ना कोई दूल्हा है और ना कोई दुल्हन है। दोनों एक साथ जीना मरना चाहती हैं। उन्हें धोखा देने वाला कोई और नहीं बल्कि पुरुष समाज ही था, जिससे उन्हें अब नफरत हो गई है। धर्म छुपा करके उनके साथ दोस्ती की गई लेकिन जब वास्तविकता सामने आई तो दोनों के पांव तले जमीन खिसक गई। प्यार के नाम पर धोखा खाने के बाद दोनों अंदर से टूट गई, इसलिए अब पुरुष को नफरत भरी नजरों से देखती हैं। उन्हें पुरुष के प्यार में विश्वास नहीं बचा है।

3 महीने की दोस्ती

आशा और ज्योति की मुलाकात 3 महीने पहले हुई थी, दोनों के प्रेम में धोखा खाने के किस्से एक जैसे थे। कचहरी से शुरू हुई दोस्ती इतनी परवान चढ़ी कि दोनों ने एक दूसरे के संग जीने मरने का फैसला कर लिया।

दोनों का छलका दर्द

दोनों का कहना है कि हमारे साथ जो हुआ है जैसे एक भेड़िया बकरे को नोच कर खाता है। इतनी परेशान हो चुकी थी कि हमने कई बार सुसाइड करने की कोशिश की, लेकिन सोचा कि सुसाइड करने से कोई लाभ नहीं होगा। लड़का किसी लड़की के साथ कुछ भी करें वह स्वीकार नहीं है लेकिन ऐसा हो रहा है..! अब हम जो कर रहे हैं वह गलत नहीं है, हमने कोई गलत नहीं किया है। हमारे साथ जो हुआ है, हम वह पूरी बात यहां नहीं लाना चाहते हैं।

पति की भूमिका निभाएंगी आशा

आलापुर कस्बे की रहने वाली आशा अब वैवाहिक बंधन में बनने के बाद पति की भूमिका निभाएंगी। उसने अपना नाम बदलकर गोलू रख लिया है। जबकि ज्योति घर संभालने वाली पत्नी की भूमिका में नजर आएगी।

दुनियादारी से नहीं लेना देना

आशा ने बताया कि हम एक दूसरे का साथ निभाएंगे, अच्छे से काम करेंगे कमाएंगे, दुनिया से कोई मतलब नहीं है। हम अपनी मस्ती में अपनी जिंदगी जिएंगे, किसी से कोई लेना देना नहीं होगा।


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