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रिलायंस डिफेंस और जर्मनी की कंपनी राइनमेटल ने गोला-बारूद बनाने के लिए रणनीतिक सहयोग समझौता किया:

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नई दिल्ली। भारतीय कंपनी रिलायंस डिफेंस और जर्मनी की कंपनी राइनमेटल ने गोला-बारूद बनाने के लिए रणनीतिक सहयोग समझौता किया है। यह साझेदारी भारत की रक्षा निर्माण क्षमताओं को मजबूत करेगी। इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य का प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।

महाराष्ट्र के रतनगिरी में होगा गोला-बारूद के उत्पादन

अधिकारियों ने गुरुवार को बताया इस समझौते के तहत रिलायंस डिफेंस लिमिटेड द्वारा महाराष्ट्र के रत्नागिरी के वटाड औद्योगिक क्षेत्र में ग्रीनफील्ड निर्माण केंद्र का भी निर्माण किया जाएगा। धीरूभाई अंबानी डिफेंस सिटी (डीएडीसी) नामक यह सुविधा दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी सुविधाओं में से एक होगी.
दक्षिण एशिया में सबसे बड़े इस केंद्र से सालाना तोप के दो लाख गोले, 10 हजार टन विस्फोटक और दो हजार टन प्रोपेलेंट्स का उत्पादन किया जा सकेगा। इससे पहले रिलायंस डिफेंस ने फ्रांस की कंपनियों दासौ एविएशन और थेल्स समूह के साथ समझौता किया था। राइनमटल एजी के सीईओ आर्मिन पैपरगर ने बयान में कहा, यह रणनीतिक साझेदारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व वाले भारत के साथ साझेदारी करने की हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रिलायंस समूह के संस्थापक और अध्यक्ष अनिल अंबानी ने कहा, यह रणनीतिक साझेदारी देश के प्राइवेट रक्षा निर्माण क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी क्षण है।
पीएम मोदी के विजन को लेकर बोले अनिल अंबानी

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्थित ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण से निर्देशित, हमारा उद्देश्य स्पष्ट है – रिलायंस डिफेंस को शीर्ष तीन रक्षा निर्यातकों में स्थान दिलाना, जिससे भारत न केवल अपनी घरेलू रक्षा आवश्यकताओं को पूरा कर सके, बल्कि वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर सके। यह परियोजना तेजी से बढ़ते रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निवेश करने की रिलायंस समूह की दीर्घकालिक रणनीति में एक बड़ा कदम है। राइनमेटल एजी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आर्मिन पैपरगर ने कहा कि अनिल अंबानी के रिलायंस समूह के नेतृत्व वाली रिलायंस डिफेंस के साथ राइनमेटल की यह रणनीतिक साझेदारी प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व में भारत के साथ साझेदारी करने की हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


नई दिल्ली। भारतीय कंपनी रिलायंस डिफेंस और जर्मनी की कंपनी राइनमेटल ने गोला-बारूद बनाने के लिए रणनीतिक सहयोग समझौता किया है। यह साझेदारी भारत की रक्षा निर्माण क्षमताओं को मजबूत करेगी। इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य का प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।

महाराष्ट्र के रतनगिरी में होगा गोला-बारूद के उत्पादन

अधिकारियों ने गुरुवार को बताया इस समझौते के तहत रिलायंस डिफेंस लिमिटेड द्वारा महाराष्ट्र के रत्नागिरी के वटाड औद्योगिक क्षेत्र में ग्रीनफील्ड निर्माण केंद्र का भी निर्माण किया जाएगा। धीरूभाई अंबानी डिफेंस सिटी (डीएडीसी) नामक यह सुविधा दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी सुविधाओं में से एक होगी.
दक्षिण एशिया में सबसे बड़े इस केंद्र से सालाना तोप के दो लाख गोले, 10 हजार टन विस्फोटक और दो हजार टन प्रोपेलेंट्स का उत्पादन किया जा सकेगा। इससे पहले रिलायंस डिफेंस ने फ्रांस की कंपनियों दासौ एविएशन और थेल्स समूह के साथ समझौता किया था। राइनमटल एजी के सीईओ आर्मिन पैपरगर ने बयान में कहा, यह रणनीतिक साझेदारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व वाले भारत के साथ साझेदारी करने की हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रिलायंस समूह के संस्थापक और अध्यक्ष अनिल अंबानी ने कहा, यह रणनीतिक साझेदारी देश के प्राइवेट रक्षा निर्माण क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी क्षण है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्थित ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण से निर्देशित, हमारा उद्देश्य स्पष्ट है – रिलायंस डिफेंस को शीर्ष तीन रक्षा निर्यातकों में स्थान दिलाना, जिससे भारत न केवल अपनी घरेलू रक्षा आवश्यकताओं को पूरा कर सके, बल्कि वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर सके। यह परियोजना तेजी से बढ़ते रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निवेश करने की रिलायंस समूह की दीर्घकालिक रणनीति में एक बड़ा कदम है। राइनमेटल एजी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आर्मिन पैपरगर ने कहा कि अनिल अंबानी के रिलायंस समूह के नेतृत्व वाली रिलायंस डिफेंस के साथ राइनमेटल की यह रणनीतिक साझेदारी प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व में भारत के साथ साझेदारी करने की हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


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