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काशी में पहली बार हुई मंत्र चिकित्सा की शुरुआत, 21 दिवसीय शिविर में मरीज करेंगे 3 हजार मंत्रों का जाप:

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उत्तरप्रदेश की देवस्थली काशी में आज से मंत्रों के द्वारा चिकित्सा की शुरुआत हुई है। पहली बार मंत्रों की शक्ति को लोगों तक पहुंचाने के लिए इस खास तरह की मंत्र चिकित्सा की शुरुआत हुई है। यहां पर 21 दिवसीय इस शिविर में मंत्र चिकित्सा में तीन हजार मंत्रों से रोगियों का इलाज किया जाएगा। आज से शुरू हुए इस शिविर के दौरान शामिल होने वाले लोगों को मंत्रों का जाप कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि, रोजाना तीन घंटे 14 मिनट के सत्र में मंत्र विशेषज्ञों ने रोगियों को रोग के अनुसार मंत्रों का जाप आरंभ किया।
किसने की शिविर की शुरुआत

आपको बताते चलें कि, काशी में बीते दिन रविवार को नव भारत निर्माण समिति ऑर सनातनम द फायर की ओर से शुद्धिपुर स्थित ऋषिव वैदिक अनुसंधान, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में मंत्र चिकित्सा का शिविर की शुरुआत हुई है। इस चिकित्सा शिविर के दौरान चिकित्सा के लिए तीन हजार मंत्रों का जाप किया जाएगा। मंत्रों के जरिये नकारात्मक सोच और भूतकाल में जीने वालों की सोच को सही दिशा में लगाया जा सकता है।

योग, ध्यान और प्राणायाम के साथ रोजाना मंत्रों की चिकित्सा होगी। अलग-अलग रोगों के लिए तीन हजार मंत्र तैयार किए गए हैं। रोगियों को उनके रोग के हिसाब से मंत्र चिकित्सा दी जाएगी। बताया जाता है कि, मंत्र चिकित्सा में जिन मंत्रों का जाप कराया जा रहा है वे सभी प्राकृत भाषा में है।

रोग के अनुसार किया जाता है मंत्रों से इलाज

आपको बताते चलें कि, इस शिविर को लेकर सचिव बृजेश सिंह ने जानकारी बताई है। जहां पर इलाज के लिए मंत्रों द्वारा जाप कराया जा रहा है। शिविर में रोजाना सुबह पहले 15 मिनट ऊं एवं वैदिक गायत्री मंत्र का जाप और ध्यान कराया जा रहा है। इसके बाद मंत्र विशेषज्ञ रोगियों के रोग के अनुसार मंत्रोच्चार करते हैं। इसके अलावा इस चिकित्सा शिविर में पहले 30 मिनट तक ध्यान की अवस्था में मंत्रों को सुना जाता है इसके बाद सभी रोगियों में से एक-एक को 5 मिनट तक मंत्र का जाप कराया जाता है। इस दौरान ध्यान भी लगाया जाता है। कहते हैं इस चिकित्सा से बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।


उत्तरप्रदेश की देवस्थली काशी में आज से मंत्रों के द्वारा चिकित्सा की शुरुआत हुई है। पहली बार मंत्रों की शक्ति को लोगों तक पहुंचाने के लिए इस खास तरह की मंत्र चिकित्सा की शुरुआत हुई है। यहां पर 21 दिवसीय इस शिविर में मंत्र चिकित्सा में तीन हजार मंत्रों से रोगियों का इलाज किया जाएगा। आज से शुरू हुए इस शिविर के दौरान शामिल होने वाले लोगों को मंत्रों का जाप कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि, रोजाना तीन घंटे 14 मिनट के सत्र में मंत्र विशेषज्ञों ने रोगियों को रोग के अनुसार मंत्रों का जाप आरंभ किया।
किसने की शिविर की शुरुआत

आपको बताते चलें कि, काशी में बीते दिन रविवार को नव भारत निर्माण समिति ऑर सनातनम द फायर की ओर से शुद्धिपुर स्थित ऋषिव वैदिक अनुसंधान, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में मंत्र चिकित्सा का शिविर की शुरुआत हुई है। इस चिकित्सा शिविर के दौरान चिकित्सा के लिए तीन हजार मंत्रों का जाप किया जाएगा। मंत्रों के जरिये नकारात्मक सोच और भूतकाल में जीने वालों की सोच को सही दिशा में लगाया जा सकता है।

योग, ध्यान और प्राणायाम के साथ रोजाना मंत्रों की चिकित्सा होगी। अलग-अलग रोगों के लिए तीन हजार मंत्र तैयार किए गए हैं। रोगियों को उनके रोग के हिसाब से मंत्र चिकित्सा दी जाएगी। बताया जाता है कि, मंत्र चिकित्सा में जिन मंत्रों का जाप कराया जा रहा है वे सभी प्राकृत भाषा में है।

रोग के अनुसार किया जाता है मंत्रों से इलाज

आपको बताते चलें कि, इस शिविर को लेकर सचिव बृजेश सिंह ने जानकारी बताई है। जहां पर इलाज के लिए मंत्रों द्वारा जाप कराया जा रहा है। शिविर में रोजाना सुबह पहले 15 मिनट ऊं एवं वैदिक गायत्री मंत्र का जाप और ध्यान कराया जा रहा है। इसके बाद मंत्र विशेषज्ञ रोगियों के रोग के अनुसार मंत्रोच्चार करते हैं। इसके अलावा इस चिकित्सा शिविर में पहले 30 मिनट तक ध्यान की अवस्था में मंत्रों को सुना जाता है इसके बाद सभी रोगियों में से एक-एक को 5 मिनट तक मंत्र का जाप कराया जाता है। इस दौरान ध्यान भी लगाया जाता है। कहते हैं इस चिकित्सा से बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।


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