दुनियाभर में इन दिनों वैश्विक बीमारी कोरोना वायरस की लहर तेज है जिसके मामले भारत से भी सामने आ रहे है। कोरोना का नया स्ट्रेन JN.1 बीमारी का खतरा शऱीर पर बुरी तरह से वार कर रहा है इसके बचने के लिए इम्यूनिटी बढ़ाना जरूरी है। वायरस के खतरे से अलग हाल ही में एक ताजा स्टडी सामने आई है। इस स्टडी के अंतर्गत चौंका देने वाला खुलासा हुआ है जो फंगस से बीमार के पनपने की चेतावनी देता है।
स्टडी में एक खतरनाक फंगस एसपर्गिलस (Aspergillus) की जानकारी मिली है जो जलवायु परिवर्तन के साथ पनपता है। इतना ही नहीं इंसान को अंदर ही अंदर खाने लगता है गंभीर मामले भी इसके सामने आते है। चलिए अच्छी तरह जानते हैं इस स्टडी के बारे में…
जानिए क्या है चौंका देने वाला खुलासा
हाल ही में स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसमें बताया गया कि, धरती का तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इसके कारण एस्परगिलस, जो इंसानों में इन्फेक्शन (Fungal Infection) फैलाने वाला एक फंगस है, जो इंसानों में मौत का कारण बनकर उभर रहा है। दरअसल जलवायु परिवर्तन के अधिकतर मामले उत्तरी अमेरिका, यूरोप, चीन और रूस में देखने के लिए मिलते है जिसके मामले आगे के समय में बढ़ने की संभावना है। अगर हम इसी तरह फॉसिल फ्यूल्स को जलाते रहेंगे, तो आने वाले सालों में यह फंगस 16% तक बढ़ सकता है। इस फंगस की चेतावनी आने के बाद रिसर्चर्स और वैज्ञानिक, इसे रोकने के प्रयास कर रहे है यानि इस पर स्टडी जारी है।
क्या होता है Aspergillus Fungus
आपको बताते चलें कि, यह एक प्रकार का ऐसा फंगस है जो इंसानों से इंसानों से नहीं बल्कि पेड़-पौधो को भी नुकसान पहुंचाता है। यह फंगस सूक्ष्म होता है जो आसानी से पता नहीं चल पाता है। यह खतरनाक फंगस इंसानों की सेहत पर बुरा असर करता है यानि इंसानों को फेफडों पर अटैक करता है, जिससे जानलेवा बीमारी हो सकती है। खतरनाक फंगस कई बार लोगों के शरीर को अंदर से बुरी तरह से प्रभावित करता है।
25 लाख से ज्यादा लोगों की मौत का खतरा
स्टडी में यह भी बताया गया है कि, यह खतरनाक फंगस, सांस के जरिए इंसानों के शरीर में प्रवेश करता है। इतना ही नहीं यह फंगल मिट्टी या किसी नमी वाली जगह पर छोटे-छोटे कणों में पनपता है जो हवा में बहुत छोटे-छोटे स्पोर्स को रिलीज करते हैं। फंगस इंफेक्शन का उदाहरण अस्थमा, सिस्टिक फाइब्रोसिस और सीओपीडी जैसी बीमारियों में ज्यादा देखने के लिए मिलता है। वैसे यह इंफेक्शन हर इंसान को मुश्किल में नहीं डालती है बल्कि कुछ लोगों को ही प्रभावित करती है। इस इंफेक्शन से बचने के लिए आपकी इम्यूनिटी का मजबूत होना बेहद जरूरी है इसमें लो लेवल होने पर सेहत को नुकसान पहुंच सकते है।
दुनियाभर में इन दिनों वैश्विक बीमारी कोरोना वायरस की लहर तेज है जिसके मामले भारत से भी सामने आ रहे है। कोरोना का नया स्ट्रेन JN.1 बीमारी का खतरा शऱीर पर बुरी तरह से वार कर रहा है इसके बचने के लिए इम्यूनिटी बढ़ाना जरूरी है। वायरस के खतरे से अलग हाल ही में एक ताजा स्टडी सामने आई है। इस स्टडी के अंतर्गत चौंका देने वाला खुलासा हुआ है जो फंगस से बीमार के पनपने की चेतावनी देता है।
स्टडी में एक खतरनाक फंगस एसपर्गिलस (Aspergillus) की जानकारी मिली है जो जलवायु परिवर्तन के साथ पनपता है। इतना ही नहीं इंसान को अंदर ही अंदर खाने लगता है गंभीर मामले भी इसके सामने आते है। चलिए अच्छी तरह जानते हैं इस स्टडी के बारे में…
जानिए क्या है चौंका देने वाला खुलासा
हाल ही में स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसमें बताया गया कि, धरती का तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इसके कारण एस्परगिलस, जो इंसानों में इन्फेक्शन (Fungal Infection) फैलाने वाला एक फंगस है, जो इंसानों में मौत का कारण बनकर उभर रहा है। दरअसल जलवायु परिवर्तन के अधिकतर मामले उत्तरी अमेरिका, यूरोप, चीन और रूस में देखने के लिए मिलते है जिसके मामले आगे के समय में बढ़ने की संभावना है। अगर हम इसी तरह फॉसिल फ्यूल्स को जलाते रहेंगे, तो आने वाले सालों में यह फंगस 16% तक बढ़ सकता है। इस फंगस की चेतावनी आने के बाद रिसर्चर्स और वैज्ञानिक, इसे रोकने के प्रयास कर रहे है यानि इस पर स्टडी जारी है।
क्या होता है Aspergillus Fungus
आपको बताते चलें कि, यह एक प्रकार का ऐसा फंगस है जो इंसानों से इंसानों से नहीं बल्कि पेड़-पौधो को भी नुकसान पहुंचाता है। यह फंगस सूक्ष्म होता है जो आसानी से पता नहीं चल पाता है। यह खतरनाक फंगस इंसानों की सेहत पर बुरा असर करता है यानि इंसानों को फेफडों पर अटैक करता है, जिससे जानलेवा बीमारी हो सकती है। खतरनाक फंगस कई बार लोगों के शरीर को अंदर से बुरी तरह से प्रभावित करता है।
25 लाख से ज्यादा लोगों की मौत का खतरा
स्टडी में यह भी बताया गया है कि, यह खतरनाक फंगस, सांस के जरिए इंसानों के शरीर में प्रवेश करता है। इतना ही नहीं यह फंगल मिट्टी या किसी नमी वाली जगह पर छोटे-छोटे कणों में पनपता है जो हवा में बहुत छोटे-छोटे स्पोर्स को रिलीज करते हैं। फंगस इंफेक्शन का उदाहरण अस्थमा, सिस्टिक फाइब्रोसिस और सीओपीडी जैसी बीमारियों में ज्यादा देखने के लिए मिलता है। वैसे यह इंफेक्शन हर इंसान को मुश्किल में नहीं डालती है बल्कि कुछ लोगों को ही प्रभावित करती है। इस इंफेक्शन से बचने के लिए आपकी इम्यूनिटी का मजबूत होना बेहद जरूरी है इसमें लो लेवल होने पर सेहत को नुकसान पहुंच सकते है।



Journalist खबरीलाल














