रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध हास्य कवि, पद्मश्री सम्मान से अलंकृत डॉ. सुरेन्द्र दुबे जी के निधन पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. सुरेन्द्र दुबे का जाना छत्तीसगढ़ की साहित्यिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है।
सांसद अग्रवाल ने कहा कि डॉ. दुबे जी ने 20 वर्षों तक उनके साथ लगातार कार्य किया और उनके व्यक्तित्व में विषय को गहराई से समझने, पहचानने और अंतिम परिणति तक पहुँचाने की विलक्षण क्षमता थी। उन्होंने हास्य और व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक चिंतन को नई दिशा दी और भारतीय समाज की जटिलताओं पर सरल भाषा में गंभीर प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि डॉ. दुबे केवल एक कवि नहीं, बल्कि विचारों और मूल्यों के सजग प्रहरी थे। वे छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके थे और साहित्य जगत में उनकी कमी को भर पाना भविष्य में असंभव होगा।
बृजमोहन अग्रवाल ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे डॉ. दुबे जी की पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध हास्य कवि, पद्मश्री सम्मान से अलंकृत डॉ. सुरेन्द्र दुबे जी के निधन पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. सुरेन्द्र दुबे का जाना छत्तीसगढ़ की साहित्यिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है।
सांसद अग्रवाल ने कहा कि डॉ. दुबे जी ने 20 वर्षों तक उनके साथ लगातार कार्य किया और उनके व्यक्तित्व में विषय को गहराई से समझने, पहचानने और अंतिम परिणति तक पहुँचाने की विलक्षण क्षमता थी। उन्होंने हास्य और व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक चिंतन को नई दिशा दी और भारतीय समाज की जटिलताओं पर सरल भाषा में गंभीर प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि डॉ. दुबे केवल एक कवि नहीं, बल्कि विचारों और मूल्यों के सजग प्रहरी थे। वे छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके थे और साहित्य जगत में उनकी कमी को भर पाना भविष्य में असंभव होगा।
बृजमोहन अग्रवाल ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे डॉ. दुबे जी की पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।



Journalist खबरीलाल














