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Chhattisgarh (खबरीलाल न्यूज़) : श्री नकोडा इस्पात एंड पावर की नई परियोजना हेतु जनसुनवाई संपन्न:

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रायपुर: ग्राम सांकरा, तहसील तिल्दा (रायपुर) में श्री नकोडा इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित एकीकृत इस्पात परियोजना के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना-2006 के अंतर्गत जनसुनवाई आयोजित की गई। यह जनसुनवाई अतिरिक्त कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुई और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी श्री पी.के. राबडे ने इसका संचालन किया।

परियोजना प्रस्तावक ने जनसुनवाई के दौरान जानकारी दी कि 684 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाली इस परियोजना से लगभग 1200 लोगों को रोजगार मिलेगा। पर्यावरणीय संरक्षण के लिए कंपनी द्वारा लगभग 60 करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजीगत निवेश और 10 करोड़ रुपये की वार्षिक आवर्ती लागत प्रस्तावित की गई है।

बैठक के दौरान सांकरा, लखना और परसदा गांवों के कुछ ग्रामीण बैनर लेकर विरोध में खड़े रहे और अन्य ग्रामीणों को जनसुनवाई में शामिल होने से रोका। वहीं दूसरी ओर, बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने परियोजना के समर्थन में अपनी लिखित सहमति प्रस्तुत की।

परियोजना प्रमुख ने बताया कि कंपनी ने 10 वर्षों से बंद पड़ी मेसर्स एस्टर प्राइवेट लिमिटेड इकाई को अधिग्रहित कर इस नए संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव छत्तीसगढ़ सरकार की औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत है, जिसके अंतर्गत तिल्दा क्षेत्र को औद्योगिक विकास हेतु चयनित किया गया है। सरकार ने कंपनी को MoU जारी कर परियोजना को आगे बढ़ाने की अनुमति दी है।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना ग्रामीणों को रोजगार, क्षेत्र को CSR फंड से विकास, सरकार को राजस्व और निवेशकों को लाभांश प्रदान करेगी — यानी सभी के लिए यह एक ‘विन-विन’ स्थिति होगी।

जनसुनवाई के अंत में अतिरिक्त कलेक्टर ने सभी पक्षों को अपनी राय लिखित में प्रस्तुत करने की सलाह देते हुए जनसुनवाई को संपन्न घोषित किया।



रायपुर: ग्राम सांकरा, तहसील तिल्दा (रायपुर) में श्री नकोडा इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित एकीकृत इस्पात परियोजना के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना-2006 के अंतर्गत जनसुनवाई आयोजित की गई। यह जनसुनवाई अतिरिक्त कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुई और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी श्री पी.के. राबडे ने इसका संचालन किया।

परियोजना प्रस्तावक ने जनसुनवाई के दौरान जानकारी दी कि 684 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाली इस परियोजना से लगभग 1200 लोगों को रोजगार मिलेगा। पर्यावरणीय संरक्षण के लिए कंपनी द्वारा लगभग 60 करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजीगत निवेश और 10 करोड़ रुपये की वार्षिक आवर्ती लागत प्रस्तावित की गई है।

बैठक के दौरान सांकरा, लखना और परसदा गांवों के कुछ ग्रामीण बैनर लेकर विरोध में खड़े रहे और अन्य ग्रामीणों को जनसुनवाई में शामिल होने से रोका। वहीं दूसरी ओर, बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने परियोजना के समर्थन में अपनी लिखित सहमति प्रस्तुत की।

परियोजना प्रमुख ने बताया कि कंपनी ने 10 वर्षों से बंद पड़ी मेसर्स एस्टर प्राइवेट लिमिटेड इकाई को अधिग्रहित कर इस नए संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव छत्तीसगढ़ सरकार की औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत है, जिसके अंतर्गत तिल्दा क्षेत्र को औद्योगिक विकास हेतु चयनित किया गया है। सरकार ने कंपनी को MoU जारी कर परियोजना को आगे बढ़ाने की अनुमति दी है।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना ग्रामीणों को रोजगार, क्षेत्र को CSR फंड से विकास, सरकार को राजस्व और निवेशकों को लाभांश प्रदान करेगी — यानी सभी के लिए यह एक ‘विन-विन’ स्थिति होगी।

जनसुनवाई के अंत में अतिरिक्त कलेक्टर ने सभी पक्षों को अपनी राय लिखित में प्रस्तुत करने की सलाह देते हुए जनसुनवाई को संपन्न घोषित किया।


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