महाराष्ट्र में चल रहे मराठी भाषा पर बवाल पर बोलने से शिल्पा
शेट्टी बचती दिखीं। उनसे और संजय दत्त से अपकमिंग फिल्म केडी द डेविल के
इवेंट में इससे जुड़ा सवाल पूछा गया। संजय दत्त ने कहा कि उन्हें सवाल ही
समझ नहीं आया वहीं शिल्पा बोलीं कि वह महाराष्ट्र की लड़की हैं और कुछ
बोलकर विवाद नहीं खड़ा करना चाहतीं।
गुरुवार
को शिल्पा संजय दत्त के साथ फिल्म के प्रमोशनल इवेंट में थीं। वहां उनसे
पूछा गया कि सिनेमा की कोई भाषा नहीं होती। क्या उन्हें लगता है कि किसी
भाषा को सीखने के लिए जबरदस्ती की जानी चाहिए? पहले तो शिल्पा ने टाल दिया
और बोलीं कि इसका जवाब संजू बाबा देंगे। संजय दत्त बोले कि उन्हें सवाल ही
समझ नहीं आ रहा। इस पर शिल्पा ने जवाब दिया, 'मी महाराष्ट्रा ची मुल्गी
आहे। आज हम लोग बात कर रहे हैं केडी के बारे में। तो केडी से हटके अभी आप
किसी कॉन्ट्रोवर्सी में जाना चाहते हैं तो हम उसका बढ़ावा नहीं करेंगे। यह
पिक्चर पहले से ही एक मल्टी-लिंगुअल है, इसको हम मराठी में भी डब कर सकते
हैं।'
विवाद तब शुरू हुआ जब
महाराष्ट्र की राज्य सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के
रूप में रखने की योजना बनाई। अपोजिशन ने इसका जमकर विरोध किया। यह ऑर्डर
वापस ले लिया गया। वहीं महाराष्ट्र में मराठी न बोलने वालों को पीटने के भी
कुछ मामले सामने आए। इसका विरोध कई सिलेब्स ने किया। हिंदुस्तानी भाऊ भी
इस पर एक वीडियो बना चुके हैं।
महाराष्ट्र में चल रहे मराठी भाषा पर बवाल पर बोलने से शिल्पा
शेट्टी बचती दिखीं। उनसे और संजय दत्त से अपकमिंग फिल्म केडी द डेविल के
इवेंट में इससे जुड़ा सवाल पूछा गया। संजय दत्त ने कहा कि उन्हें सवाल ही
समझ नहीं आया वहीं शिल्पा बोलीं कि वह महाराष्ट्र की लड़की हैं और कुछ
बोलकर विवाद नहीं खड़ा करना चाहतीं।
गुरुवार
को शिल्पा संजय दत्त के साथ फिल्म के प्रमोशनल इवेंट में थीं। वहां उनसे
पूछा गया कि सिनेमा की कोई भाषा नहीं होती। क्या उन्हें लगता है कि किसी
भाषा को सीखने के लिए जबरदस्ती की जानी चाहिए? पहले तो शिल्पा ने टाल दिया
और बोलीं कि इसका जवाब संजू बाबा देंगे। संजय दत्त बोले कि उन्हें सवाल ही
समझ नहीं आ रहा। इस पर शिल्पा ने जवाब दिया, 'मी महाराष्ट्रा ची मुल्गी
आहे। आज हम लोग बात कर रहे हैं केडी के बारे में। तो केडी से हटके अभी आप
किसी कॉन्ट्रोवर्सी में जाना चाहते हैं तो हम उसका बढ़ावा नहीं करेंगे। यह
पिक्चर पहले से ही एक मल्टी-लिंगुअल है, इसको हम मराठी में भी डब कर सकते
हैं।'
विवाद तब शुरू हुआ जब
महाराष्ट्र की राज्य सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के
रूप में रखने की योजना बनाई। अपोजिशन ने इसका जमकर विरोध किया। यह ऑर्डर
वापस ले लिया गया। वहीं महाराष्ट्र में मराठी न बोलने वालों को पीटने के भी
कुछ मामले सामने आए। इसका विरोध कई सिलेब्स ने किया। हिंदुस्तानी भाऊ भी
इस पर एक वीडियो बना चुके हैं।



Journalist खबरीलाल














