रायपुर । छत्तीसगढ़
के आम उपभोक्ताओं को बिजली के मोर्चे पर झटका लगा है। छत्तीसगढ़ विद्युत
नियामक आयोग ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नई विद्युत दरों की घोषणा
की। आयोग के अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने बताया कि घरेलू, गैर-घरेलू और कृषि
वर्ग के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है।
इस
निर्णय के तहत अब घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 10 से 20 पैसे अधिक
चुकाने होंगे। वहीं, व्यवसायिक यानी गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए औसतन 25
पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
सबसे
ज्यादा असर कृषि पंपों पर पड़ा है, जिनकी दरों में सीधे 50 पैसे प्रति
यूनिट की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि राज्य के लाखों किसानों को प्रभावित
कर सकती है, जो पहले से ही खेती की लागत को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
दरअसल छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी ने दिया था 4947.41 करोड़ राजस्व घाटा
का ब्यौरा दिया था। नियामक आयोग ने राजस्व घाटे को 523.43 करोड़ मान्य
किया।
प्रमुख दर वृद्धि इस प्रकार है:
घरेलू उपभोक्ता: 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
गैर-घरेलू उपभोक्ता (व्यवसायिक): औसतन 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
कृषि पंप: 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
हेमंत
वर्मा ने कहा कि दरों में यह संशोधन ऊर्जा कंपनियों की लागत, मेंटेनेंस
खर्च और फिक्स्ड चार्ज के आकलन के आधार पर किया गया है। उन्होंने यह भी
स्पष्ट किया कि नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
हालांकि,
आयोग का तर्क है कि यह वृद्धि न्यूनतम है और अन्य राज्यों की तुलना में
छत्तीसगढ़ में अब भी बिजली की दरें कम हैं। बावजूद इसके आम जनता और किसान
वर्ग में इस फैसले को लेकर असंतोष देखा जा रहा है।
रायपुर । छत्तीसगढ़
के आम उपभोक्ताओं को बिजली के मोर्चे पर झटका लगा है। छत्तीसगढ़ विद्युत
नियामक आयोग ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नई विद्युत दरों की घोषणा
की। आयोग के अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने बताया कि घरेलू, गैर-घरेलू और कृषि
वर्ग के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है।
इस
निर्णय के तहत अब घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 10 से 20 पैसे अधिक
चुकाने होंगे। वहीं, व्यवसायिक यानी गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए औसतन 25
पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
सबसे
ज्यादा असर कृषि पंपों पर पड़ा है, जिनकी दरों में सीधे 50 पैसे प्रति
यूनिट की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि राज्य के लाखों किसानों को प्रभावित
कर सकती है, जो पहले से ही खेती की लागत को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
दरअसल छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी ने दिया था 4947.41 करोड़ राजस्व घाटा
का ब्यौरा दिया था। नियामक आयोग ने राजस्व घाटे को 523.43 करोड़ मान्य
किया।
प्रमुख दर वृद्धि इस प्रकार है:
घरेलू उपभोक्ता: 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
गैर-घरेलू उपभोक्ता (व्यवसायिक): औसतन 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
कृषि पंप: 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
हेमंत
वर्मा ने कहा कि दरों में यह संशोधन ऊर्जा कंपनियों की लागत, मेंटेनेंस
खर्च और फिक्स्ड चार्ज के आकलन के आधार पर किया गया है। उन्होंने यह भी
स्पष्ट किया कि नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
हालांकि,
आयोग का तर्क है कि यह वृद्धि न्यूनतम है और अन्य राज्यों की तुलना में
छत्तीसगढ़ में अब भी बिजली की दरें कम हैं। बावजूद इसके आम जनता और किसान
वर्ग में इस फैसले को लेकर असंतोष देखा जा रहा है।



Journalist खबरीलाल














