सावन का पावन महीना शुरू हो गया है जहां पर आने वाले 14 जुलाई को पहला सोमवार रहने वाला है। पहले सोमवार के दिन शिवभक्त सुबह से ही भगवान शिव की पूजा भक्ति के साथ करते है। कहते हैं कि, सावन में शिवजी धरती पर भक्तों के बीच वास करते है। जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान शिव को अपना लेते है भगवान उसकी पूजा से प्रसन्न होते है। जैसा कि, धार्मिक मतों के अनुसार, शिवलिंग पर जल अर्पित करने से महादेव प्रसन्न होते है और कृपा बरसाते हैं वैसे ही सावन में शिवलिंग पर तेल भी चढ़ाया जाता है। कहते है तेल चढ़ाने से कई दोषों से मुक्ति मिलती है।
सावन के महीने में आप अगर तेल अर्पित करने वाले है तो शिवलिंग पर तीन तरह के तेल को अर्पित कर सकते है। आज हम आपको इन तेलों के महत्व के बारे में जानकारी देंगे।
इन तरह के तेलों को करें अर्पित
सोमवार के दिन पूजा के समय भगवान शिव को आप इन खास प्रकार के तेलों को अर्पित कर सकते है..
सरसों का तेल
धर्म शास्त्रों के अनुसार सावन सोमवार में शिवलिंग पर इस तेल को अर्पित करना सही होता है। कहते है कि, शिवलिंग पर इस चढ़ाने से शत्रु शांत होते है और विरोधी जो कार्य में अड़चनें पैदा करते है तेल चढ़ाने से उनकी कोशिशें नाकाम होती है। इसके अलावा सरसों का तेल चढ़ाने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का बुरा प्रभाव भी कम होने लगता है। वहीं पर बुरा प्रभाव भी कम होने के साथ ही जीवन में सुख का आगमन होता है और समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है।
तिल का तेल
सावन के महीने में आप शिवलिंग पर तिल का तेल अर्पित कर सकते है। यहां पर तिल का तेल चढ़ाने से रोगों, दोष और तमाम तरह के मानसिक और शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलने लगती है। इस तेल को लेकर बताया है कि,तिल की उत्पत्ति विष्णु जी से हुई है और शिवलिंग पर तिल का तेल चढ़ाने से आपको सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। तिल का तेल चढ़ाने से शनि दोषों से मुक्ति मिलती है।
चंदन का तेल
सावन के महीने में आप शिवजी को इस खास प्रकार के तेल को अर्पित कर सकते है। कहते हैं भगवान शिव को चंदन का तेल भी प्रिय होता है।सावन सोमवार के दिन जो लोग महादेव का चंदन के तेल से अभिषेक करते हैं उनके जीवन में ग्रहों की असुभता दूर होने लगती है। अगर आप ग्रहों के अशुभ प्रभाव से जूझ रहे है तो आप शिवजी को चंदजन का तेल अर्पित करें नौकरी में आ रही बाधाओं का नाश होता है साथ ही पारिवारिक रिश्ते भी सुधरते हैं।
सावन का पावन महीना शुरू हो गया है जहां पर आने वाले 14 जुलाई को पहला सोमवार रहने वाला है। पहले सोमवार के दिन शिवभक्त सुबह से ही भगवान शिव की पूजा भक्ति के साथ करते है। कहते हैं कि, सावन में शिवजी धरती पर भक्तों के बीच वास करते है। जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान शिव को अपना लेते है भगवान उसकी पूजा से प्रसन्न होते है। जैसा कि, धार्मिक मतों के अनुसार, शिवलिंग पर जल अर्पित करने से महादेव प्रसन्न होते है और कृपा बरसाते हैं वैसे ही सावन में शिवलिंग पर तेल भी चढ़ाया जाता है। कहते है तेल चढ़ाने से कई दोषों से मुक्ति मिलती है।
सावन के महीने में आप अगर तेल अर्पित करने वाले है तो शिवलिंग पर तीन तरह के तेल को अर्पित कर सकते है। आज हम आपको इन तेलों के महत्व के बारे में जानकारी देंगे।
इन तरह के तेलों को करें अर्पित
सोमवार के दिन पूजा के समय भगवान शिव को आप इन खास प्रकार के तेलों को अर्पित कर सकते है..
सरसों का तेल
धर्म शास्त्रों के अनुसार सावन सोमवार में शिवलिंग पर इस तेल को अर्पित करना सही होता है। कहते है कि, शिवलिंग पर इस चढ़ाने से शत्रु शांत होते है और विरोधी जो कार्य में अड़चनें पैदा करते है तेल चढ़ाने से उनकी कोशिशें नाकाम होती है। इसके अलावा सरसों का तेल चढ़ाने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का बुरा प्रभाव भी कम होने लगता है। वहीं पर बुरा प्रभाव भी कम होने के साथ ही जीवन में सुख का आगमन होता है और समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है।
तिल का तेल
सावन के महीने में आप शिवलिंग पर तिल का तेल अर्पित कर सकते है। यहां पर तिल का तेल चढ़ाने से रोगों, दोष और तमाम तरह के मानसिक और शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलने लगती है। इस तेल को लेकर बताया है कि,तिल की उत्पत्ति विष्णु जी से हुई है और शिवलिंग पर तिल का तेल चढ़ाने से आपको सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। तिल का तेल चढ़ाने से शनि दोषों से मुक्ति मिलती है।
चंदन का तेल
सावन के महीने में आप शिवजी को इस खास प्रकार के तेल को अर्पित कर सकते है। कहते हैं भगवान शिव को चंदन का तेल भी प्रिय होता है।सावन सोमवार के दिन जो लोग महादेव का चंदन के तेल से अभिषेक करते हैं उनके जीवन में ग्रहों की असुभता दूर होने लगती है। अगर आप ग्रहों के अशुभ प्रभाव से जूझ रहे है तो आप शिवजी को चंदजन का तेल अर्पित करें नौकरी में आ रही बाधाओं का नाश होता है साथ ही पारिवारिक रिश्ते भी सुधरते हैं।



Journalist खबरीलाल














