ग्वालियर: हजीरा पुलिस थाना परिसर में 24 जुलाई को पुलिस के सामने आत्मदाह का प्रयास करने वाले युवक की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. युवक अपने ही सगे रिश्तेदारों से पीड़ित था और सुनवाई ना होने के चलते उसने ऐसा कदम उठाया था.
बता दें कि बीते 24 जुलाई को ग्वालियर के बिरला नगर लाइन नंबर 1 में रहने वाले युवक ने हजीरा पुलिस थाना परिसर में खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया था. युवक लगातार अपने बहन-बहनोई से प्रताड़ित था और उसका अपने घर के मकान का विवाद चल रहा था. उसका आरोप था कि पुलिस उसकी सुनवाई करने की जगह उसे परेशान कर रही है. इसी बात से हताश हो कर उसने प्राणघातक कदम उठाया था.
युवक द्वारा आग लगाते ही पुलिस ने तुरंत उसकी आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तब तक वह 80 फीसदी तक झुलस चुका था. जिसके बाद पुलिस ने आनन फानन में उसे जेएएच हॉस्पिटल में भर्ती कराया था जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी. चूंकि युवक का शरीर हद से ज्यादा झुलस चुका था, ऐसे में 4 दिन इलाज के बाद सोमवार को उसने दम तोड़ दिया. हालांकि युवक की मौत के बाद परिजन ने शहर के हाजिर चौक पर शव रखकर चक्काजाम किया और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग भी की.
असल में पीड़ित युवक का अपनी बहन और बहनोई से पैतृक मकान को लेकर विवाद था, उसका आरोप था कि उसके दोनों रिश्तेदार उसके मकान पर कई वर्षों से कब्जा किए हुए हैं. इस बात को लेकर कई बार विवाद भी हुआ था. युवक की पत्नी के अनुसार बीते 23 जुलाई को उसका ननदोई अपने एक दोस्त के साथ घर आया और दोनों ने महिला से छेड़छाड़ की. ये बात जब अपने पति को बताई तो ननदोई से विवाद हुआ, जिसमें युवक के साथ मारपीट भी हुई. इस घटना के बाद पीड़ित दंपति पुलिस में शिकायत करने पहुंचे तो ननदोई ने भी झूठी मारपीट की शिकायत पुलिस में की. जिस पर पुलिस ने पीड़ित दंपति की कोई सुनवाई नहीं की.
इस घटना से आहत होकर 24 जुलाई को युवक ने पुलिस थाना परिसर में ही खुद को आग लगा ली. इस घटना के बाद मामला उछला तो 25 जुलाई को ननदोई और उसके दोस्त पर पुलिस ने छेड़छाड़ और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया.
वहीं युवक की मौत के बाद एएसपी केएल चंदानी का कहना है कि "पूरे मामले की जांच की जा रही है. युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई है ऐसे में आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले में खुदकुशी के लिए उकसाने के संबंध में धाराओं में इजाफा किया जाएगा. एक दिन पहले ही आरोपी ननदोई और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया गया था."
ग्वालियर: हजीरा पुलिस थाना परिसर में 24 जुलाई को पुलिस के सामने आत्मदाह का प्रयास करने वाले युवक की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. युवक अपने ही सगे रिश्तेदारों से पीड़ित था और सुनवाई ना होने के चलते उसने ऐसा कदम उठाया था.
बता दें कि बीते 24 जुलाई को ग्वालियर के बिरला नगर लाइन नंबर 1 में रहने वाले युवक ने हजीरा पुलिस थाना परिसर में खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया था. युवक लगातार अपने बहन-बहनोई से प्रताड़ित था और उसका अपने घर के मकान का विवाद चल रहा था. उसका आरोप था कि पुलिस उसकी सुनवाई करने की जगह उसे परेशान कर रही है. इसी बात से हताश हो कर उसने प्राणघातक कदम उठाया था.
युवक द्वारा आग लगाते ही पुलिस ने तुरंत उसकी आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तब तक वह 80 फीसदी तक झुलस चुका था. जिसके बाद पुलिस ने आनन फानन में उसे जेएएच हॉस्पिटल में भर्ती कराया था जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी. चूंकि युवक का शरीर हद से ज्यादा झुलस चुका था, ऐसे में 4 दिन इलाज के बाद सोमवार को उसने दम तोड़ दिया. हालांकि युवक की मौत के बाद परिजन ने शहर के हाजिर चौक पर शव रखकर चक्काजाम किया और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग भी की.
असल में पीड़ित युवक का अपनी बहन और बहनोई से पैतृक मकान को लेकर विवाद था, उसका आरोप था कि उसके दोनों रिश्तेदार उसके मकान पर कई वर्षों से कब्जा किए हुए हैं. इस बात को लेकर कई बार विवाद भी हुआ था. युवक की पत्नी के अनुसार बीते 23 जुलाई को उसका ननदोई अपने एक दोस्त के साथ घर आया और दोनों ने महिला से छेड़छाड़ की. ये बात जब अपने पति को बताई तो ननदोई से विवाद हुआ, जिसमें युवक के साथ मारपीट भी हुई. इस घटना के बाद पीड़ित दंपति पुलिस में शिकायत करने पहुंचे तो ननदोई ने भी झूठी मारपीट की शिकायत पुलिस में की. जिस पर पुलिस ने पीड़ित दंपति की कोई सुनवाई नहीं की.
इस घटना से आहत होकर 24 जुलाई को युवक ने पुलिस थाना परिसर में ही खुद को आग लगा ली. इस घटना के बाद मामला उछला तो 25 जुलाई को ननदोई और उसके दोस्त पर पुलिस ने छेड़छाड़ और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया.
वहीं युवक की मौत के बाद एएसपी केएल चंदानी का कहना है कि "पूरे मामले की जांच की जा रही है. युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई है ऐसे में आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले में खुदकुशी के लिए उकसाने के संबंध में धाराओं में इजाफा किया जाएगा. एक दिन पहले ही आरोपी ननदोई और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया गया था."



Journalist खबरीलाल














