अगस्त का महीना कई सारे तीज-त्योहार लेकर आता है। अगले ही महीने रक्षाबंधन है। भाई-बहनों के अटूट प्रेम के प्रतीक राखी के त्योहार का इंतजार हर किसी को होता है। हर साल सावन महीने की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन मनाया जाता है। जहां एक ओर बहनें रक्षा के प्रतीक राखी को बांधकर भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं और उन्हें हर बुरी नजर से बचाने के लिए दुआ मांगती हैं। वहीं भाई भी बहनों को उनकी रक्षा का वचन देते हैं। चलिए जानते हैं कि इस साल राखी कब है? राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है? राखी बंधवाते समय भाई को किस दिशा में बैठना चाहिए? साथ ही जानेंगे कि भाई को राखी बांधते वक्त बहनों को कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए?
हमारे यहां सदियों से आरती उतारने की परपंरा है। सनातन धर्म में हर विशेष काम के दौरान आरती करने की रस्म है। वहीं राखी के वक्त भी बहनें भाई की आरती उतारती हैं। मान्यता है कि बहनें जब भाई की आरती उतारती हैं तो उन्हें किसी की भी नजर नहीं लगती हैं। बहनों के ऐसा करने से दुनिया भर की हर एक बुरी नजर से भाई बचते हैं।
अगले महीने भद्रा का समय 8 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 बजे से लेकर 9 अगस्त की सुबह 1 बजकर 52 मिनट तक होगी। भद्राकाल में कभी भी राखी नहीं बांधी जाती है। भद्राकाल खत्म होते ही राखी बांधने का शुभ मुहूर्त बन जाता है। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 9 अगस्त को सुबह 5 बजकर 35 मिनटे से लेकर दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक होगा। इस बीच अगर बहनें अपने भाइयों को राखी बांध लेंगी तो इसे काफी शुभ माना जाएगा।
सुबह भगवान को तिलक लगाकर राखी बांध दें। आरती करके भोग लगा दें। पूजा के बाद भाई की आरती उतारें। ध्यान रहें कि आपका भाई इस तरह से बैठे कि उसका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर हो। आरती और तिलक लगवाते वक्त सर पर रुमाल रख लेना चाहिए। भाई को तिलक लगाएं। इसके बाद हाथ में नारियल देकर दाहिनी कलाई में राखी बांधें। राखी बांधते वक्त 'येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल: तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचल:' मंत्र का जाप करें।
अगस्त का महीना कई सारे तीज-त्योहार लेकर आता है। अगले ही महीने रक्षाबंधन है। भाई-बहनों के अटूट प्रेम के प्रतीक राखी के त्योहार का इंतजार हर किसी को होता है। हर साल सावन महीने की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन मनाया जाता है। जहां एक ओर बहनें रक्षा के प्रतीक राखी को बांधकर भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं और उन्हें हर बुरी नजर से बचाने के लिए दुआ मांगती हैं। वहीं भाई भी बहनों को उनकी रक्षा का वचन देते हैं। चलिए जानते हैं कि इस साल राखी कब है? राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है? राखी बंधवाते समय भाई को किस दिशा में बैठना चाहिए? साथ ही जानेंगे कि भाई को राखी बांधते वक्त बहनों को कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए?
हमारे यहां सदियों से आरती उतारने की परपंरा है। सनातन धर्म में हर विशेष काम के दौरान आरती करने की रस्म है। वहीं राखी के वक्त भी बहनें भाई की आरती उतारती हैं। मान्यता है कि बहनें जब भाई की आरती उतारती हैं तो उन्हें किसी की भी नजर नहीं लगती हैं। बहनों के ऐसा करने से दुनिया भर की हर एक बुरी नजर से भाई बचते हैं।
अगले महीने भद्रा का समय 8 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 बजे से लेकर 9 अगस्त की सुबह 1 बजकर 52 मिनट तक होगी। भद्राकाल में कभी भी राखी नहीं बांधी जाती है। भद्राकाल खत्म होते ही राखी बांधने का शुभ मुहूर्त बन जाता है। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 9 अगस्त को सुबह 5 बजकर 35 मिनटे से लेकर दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक होगा। इस बीच अगर बहनें अपने भाइयों को राखी बांध लेंगी तो इसे काफी शुभ माना जाएगा।
सुबह भगवान को तिलक लगाकर राखी बांध दें। आरती करके भोग लगा दें। पूजा के बाद भाई की आरती उतारें। ध्यान रहें कि आपका भाई इस तरह से बैठे कि उसका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर हो। आरती और तिलक लगवाते वक्त सर पर रुमाल रख लेना चाहिए। भाई को तिलक लगाएं। इसके बाद हाथ में नारियल देकर दाहिनी कलाई में राखी बांधें। राखी बांधते वक्त 'येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल: तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचल:' मंत्र का जाप करें।



Journalist खबरीलाल














