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News (खबरीलाल न्यूज़) : रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में निस्तारी और पेयजल सुविधा के लिए शासन की नई सौगात:

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रायपुर, वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रयास से रायगढ़ जिले के विकासखण्ड रायगढ़ अंतर्गत रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में केलो नदी पर अंतरमुड़ा एनीकट कम पुलिया निर्माण कार्य को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना पर कुल 8 करोड़ 95 लाख 16 हजार  रुपए की राशि व्यय होगी।
इस परियोजना से क्षेत्र में निस्तारी और भू-जल संवर्धन के साथ ही औद्योगिक तथा पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे आमजन और उद्योग दोनों को लाभ मिलेगा। परियोजना का व्यय बजट शीर्ष मांग संख्या-45, लघु सिंचाई निर्माण कार्य से किया जाएगा। वित्त विभाग द्वारा 30 जुलाई 2025 को इस परियोजना को सहमति प्रदान की गई है।
निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा और स्वीकृत राशि में पूरा करना अनिवार्य होगा। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व तकनीकी स्वीकृति और डिज़ाइन अनुमोदन लिया जाएगा। निविदा प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से की जाएगी तथा यह तभी आमंत्रित होगी जब कम से कम 75 प्रतिशत भूमि बाधा रहित उपलब्ध हो। यदि भू-अर्जन आवश्यक हुआ तो उसका व्यय स्वीकृत राशि की सीमा के भीतर ही किया जाएगा।
निर्माण की गुणवत्ता सर्वाेच्च स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी तथा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण न होने पर नियमानुसार अर्थदण्ड लगाया जाएगा। यदि कार्य की लागत में वृद्धि अथवा अतिरिक्त कार्य की आवश्यकता उत्पन्न होती है तो पुनः प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करनी होगी।
राज्य शासन का यह जनहितकारी निर्णय क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगा तथा केलो नदी क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा।


रायपुर, वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रयास से रायगढ़ जिले के विकासखण्ड रायगढ़ अंतर्गत रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में केलो नदी पर अंतरमुड़ा एनीकट कम पुलिया निर्माण कार्य को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना पर कुल 8 करोड़ 95 लाख 16 हजार  रुपए की राशि व्यय होगी।
इस परियोजना से क्षेत्र में निस्तारी और भू-जल संवर्धन के साथ ही औद्योगिक तथा पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे आमजन और उद्योग दोनों को लाभ मिलेगा। परियोजना का व्यय बजट शीर्ष मांग संख्या-45, लघु सिंचाई निर्माण कार्य से किया जाएगा। वित्त विभाग द्वारा 30 जुलाई 2025 को इस परियोजना को सहमति प्रदान की गई है।
निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा और स्वीकृत राशि में पूरा करना अनिवार्य होगा। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व तकनीकी स्वीकृति और डिज़ाइन अनुमोदन लिया जाएगा। निविदा प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से की जाएगी तथा यह तभी आमंत्रित होगी जब कम से कम 75 प्रतिशत भूमि बाधा रहित उपलब्ध हो। यदि भू-अर्जन आवश्यक हुआ तो उसका व्यय स्वीकृत राशि की सीमा के भीतर ही किया जाएगा।
निर्माण की गुणवत्ता सर्वाेच्च स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी तथा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण न होने पर नियमानुसार अर्थदण्ड लगाया जाएगा। यदि कार्य की लागत में वृद्धि अथवा अतिरिक्त कार्य की आवश्यकता उत्पन्न होती है तो पुनः प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करनी होगी।
राज्य शासन का यह जनहितकारी निर्णय क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगा तथा केलो नदी क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा।


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