Vastu Mistakes: हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। अगर बात वास्तु शास्त्र की करें तो, अगर घर की कोई एक भी चीज सही दिशा में न हो या फिर घर में वास्तु दोष हो, तो राहु का नकारात्मक असर बढ़ जाता है। अक्सर लोग घर में ऐसी छोटी-मोटी गलतियां कर देते हैं, जिससे राहु जीवनभर परेशान रहता है। ऐसे में आइए जानें वो गलतियां कौन सी हैं-
घर की बरकत रोक देती हैं वास्तु की ये गलतियां :
मुख्य दरवाजे का दोष
वास्तु विशेषज्ञ के अनुसार, घर के मुख्य द्वार को वास्तु में ऊर्जा प्रवेश द्वार माना गया है। अगर आपका मुख्य दरवाजा यानी मेन गेट टूटा-फूटा या गलत दिशा में हो, तो राहु का प्रकोप बढ़ सकता है।
वहीं, बता दें, मुख्य दरवाजा दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर खुलना भी अशुभ माना जाता है। इस दोष को सही करने के लिए मुख्य द्वार पर स्वास्तिक या शुभ चिन्ह लगाएं।
बाथरूम-टॉयलेट की गलत दिशा
कहते है अगर आपके घर में टॉयलेट और बाथरूम उत्तर-पूर्व या ब्रह्म स्थान में बना हो, तो यह भी बहुत अशुभ माना जाता है। इससे राहु खराब होता है। इससे परिवार के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां, मानसिक तनाव और करियर में अड़चनें झेलनी पड़ सकती है। अगर टॉयलेट गलत दिशा में हो तो वहां क्रिस्टल बॉल रख सकते है। इससे आप अशुभ प्रभाव से बच सकते है।
अलमारी या तिजोरी गलत दिशा में होना
वास्तु विशेषज्ञ का मानना है कि, अगर आपकी अलमारी या तिजोरी जिसमें आप पैसे-गहने रखते हैं, वो दक्षिण या पश्चिम दिशा में खुलती है, तो उसमें रखा पैसा लंबे समय तक टिकता नहीं है। इससे घर में बरकत भी नहीं होती है। अलमारी या तिजोरी का उसका मुंह हमेशा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
ब्रह्म स्थान में भारी चीजें रखना
वास्तु शास्त्र में ब्रह्म स्थान अपना अलग ही महत्व है। यह स्थान घर का केंद्र होता है, जिसे हमेशा खाली और साफ रखना चाहिए। अगर इस जगह पर भारी फर्नीचर, कबाड़, पानी की टंकी या स्टोर रूम बनाया जाए, तो इससे राहु का प्रभाव बढ़ता है और परिवार के लोगों की तरक्की में बाधाएं आती हैं। इसलिए वास्तु शास्त्र में बताई गई नियमों का पालन जरूर करें।
उत्तर-पश्चिम में गड़बड़ी
उत्तर-पश्चिम दिशा वास्तु में राहु की दिशा मानी जाती है। अगर इस दिशा में भारी सामान रखा हो, गंदगी हो, टॉयलेट बना हो तो राहु अशुभ परिणाम देने लगता है। इसकी वजह से मानसिक तनाव, निर्णय लेने में भ्रम और पारिवारिक कलह की स्थिति बनती है। इस दिशा को हमेशा साफ-सुथरा रखें और हल्के रं
Vastu Mistakes: हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। अगर बात वास्तु शास्त्र की करें तो, अगर घर की कोई एक भी चीज सही दिशा में न हो या फिर घर में वास्तु दोष हो, तो राहु का नकारात्मक असर बढ़ जाता है। अक्सर लोग घर में ऐसी छोटी-मोटी गलतियां कर देते हैं, जिससे राहु जीवनभर परेशान रहता है। ऐसे में आइए जानें वो गलतियां कौन सी हैं-
घर की बरकत रोक देती हैं वास्तु की ये गलतियां :
मुख्य दरवाजे का दोष
वास्तु विशेषज्ञ के अनुसार, घर के मुख्य द्वार को वास्तु में ऊर्जा प्रवेश द्वार माना गया है। अगर आपका मुख्य दरवाजा यानी मेन गेट टूटा-फूटा या गलत दिशा में हो, तो राहु का प्रकोप बढ़ सकता है।
वहीं, बता दें, मुख्य दरवाजा दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर खुलना भी अशुभ माना जाता है। इस दोष को सही करने के लिए मुख्य द्वार पर स्वास्तिक या शुभ चिन्ह लगाएं।
बाथरूम-टॉयलेट की गलत दिशा
कहते है अगर आपके घर में टॉयलेट और बाथरूम उत्तर-पूर्व या ब्रह्म स्थान में बना हो, तो यह भी बहुत अशुभ माना जाता है। इससे राहु खराब होता है। इससे परिवार के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां, मानसिक तनाव और करियर में अड़चनें झेलनी पड़ सकती है। अगर टॉयलेट गलत दिशा में हो तो वहां क्रिस्टल बॉल रख सकते है। इससे आप अशुभ प्रभाव से बच सकते है।
अलमारी या तिजोरी गलत दिशा में होना
वास्तु विशेषज्ञ का मानना है कि, अगर आपकी अलमारी या तिजोरी जिसमें आप पैसे-गहने रखते हैं, वो दक्षिण या पश्चिम दिशा में खुलती है, तो उसमें रखा पैसा लंबे समय तक टिकता नहीं है। इससे घर में बरकत भी नहीं होती है। अलमारी या तिजोरी का उसका मुंह हमेशा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
ब्रह्म स्थान में भारी चीजें रखना
वास्तु शास्त्र में ब्रह्म स्थान अपना अलग ही महत्व है। यह स्थान घर का केंद्र होता है, जिसे हमेशा खाली और साफ रखना चाहिए। अगर इस जगह पर भारी फर्नीचर, कबाड़, पानी की टंकी या स्टोर रूम बनाया जाए, तो इससे राहु का प्रभाव बढ़ता है और परिवार के लोगों की तरक्की में बाधाएं आती हैं। इसलिए वास्तु शास्त्र में बताई गई नियमों का पालन जरूर करें।
उत्तर-पश्चिम में गड़बड़ी
उत्तर-पश्चिम दिशा वास्तु में राहु की दिशा मानी जाती है। अगर इस दिशा में भारी सामान रखा हो, गंदगी हो, टॉयलेट बना हो तो राहु अशुभ परिणाम देने लगता है। इसकी वजह से मानसिक तनाव, निर्णय लेने में भ्रम और पारिवारिक कलह की स्थिति बनती है। इस दिशा को हमेशा साफ-सुथरा रखें और हल्के रं



Journalist खबरीलाल














