रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब दुकानों की व्यवस्था को
पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी
शराब दुकानों में अब जल्द ही कैशलेश व्यवस्था लागू की जाएगी। यानी ग्राहक
शराब खरीदने के लिए नकद भुगतान के बजाय ऑनलाइन माध्यम से भुगतान कर सकेंगे।
आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक में
अधिकारियों को इस संबंध में कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप शराब दुकानों में 100 प्रतिशत भुगतान ऑनलाइन
माध्यम से ही होना चाहिए।आबकारी मंत्री ने कहा कि शराब दुकानों में अब समय
की मांग है कि ग्राहक कैशलेस पेमेंट की ओर बढ़ें। इसके लिए दुकान संचालकों
को आवश्यक तकनीकी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। QR कोड, डेबिट-क्रेडिट
कार्ड स्वाइप मशीन, UPI आधारित भुगतान जैसी सेवाओं को अनिवार्य रूप से
उपलब्ध कराया जाएगा। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और राज्य को मिलने
वाला राजस्व पारदर्शी तरीके से सरकारी खाते में पहुंचेगा। बैठक में मंत्री
देवांगन ने यह भी निर्देश दिया कि सभी शराब दुकानों में सीसीटीवी कैमरे
लगाए जाएं और उनकी निगरानी मुख्यालय से 24 घंटे की जाए। इससे किसी भी
प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने
अधिकारियों से कहा कि शराब दुकानों के संचालन में पारदर्शिता और सुरक्षा
सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आबकारी मंत्री ने बैठक में साफ कहा कि राज्य में अवैध शराब एवं मादक
पदार्थों के निर्माण, परिवहन, संग्रहण और बिक्री पर पूरी तरह अंकुश लगाया
जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस दिशा में
लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। छत्तीसगढ़ की
सीमाएं ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और उत्तरप्रदेश जैसे
राज्यों से जुड़ी हुई हैं। इन सीमावर्ती इलाकों से अक्सर शराब और नशे की
तस्करी की शिकायतें सामने आती हैं। इस पर मंत्री देवांगन ने कहा कि
अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों में विशेष सतर्कता बढ़ाई
जाए और नियमित जांच अभियान चलाया जाए।
बैठक में आबकारी मंत्री ने होटल, ढाबा और फॉर्म हाउसों पर शराब की अवैध
बिक्री और सेवन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फॉर्म
हाउस में होने वाली शराब पार्टियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और बिना
अनुमति के आयोजित कार्यक्रमों पर रोक लगाई जाए। मंत्री ने साफ किया कि अब
किसी भी स्तर पर लाइसेंस व्यवस्था का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आबकारी मंत्री ने शराब दुकानों से संबंधित राजस्व लक्ष्यों की समीक्षा की
और अधिकारियों से विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने
छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन और छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस
कॉरपोरेशन की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। मंत्री ने कहा कि आबकारी विभाग
को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगा।
बैठक में वाणिज्य कर एवं आबकारी विभाग की सचिव आर. शंगीता ने विभागीय
गतिविधियों की विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने शराब दुकानों की
कैशलेस व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, लाइसेंसिंग सिस्टम और राजस्व संग्रहण
की वर्तमान स्थिति के बारे में मंत्री को अवगत कराया। बैठक में आबकारी
विभाग के विशेष सचिव देवेन्द्र कुमार भारद्वाज, अपर आयुक्त आशीष
श्रीवास्तव, पी.एल. साहू, जी.के. भगत सहित छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग
कॉरपोरेशन लिमिटेड और छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन के अधिकारी
उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब दुकानों की व्यवस्था को
पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी
शराब दुकानों में अब जल्द ही कैशलेश व्यवस्था लागू की जाएगी। यानी ग्राहक
शराब खरीदने के लिए नकद भुगतान के बजाय ऑनलाइन माध्यम से भुगतान कर सकेंगे।
आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक में
अधिकारियों को इस संबंध में कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप शराब दुकानों में 100 प्रतिशत भुगतान ऑनलाइन
माध्यम से ही होना चाहिए।आबकारी मंत्री ने कहा कि शराब दुकानों में अब समय
की मांग है कि ग्राहक कैशलेस पेमेंट की ओर बढ़ें। इसके लिए दुकान संचालकों
को आवश्यक तकनीकी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। QR कोड, डेबिट-क्रेडिट
कार्ड स्वाइप मशीन, UPI आधारित भुगतान जैसी सेवाओं को अनिवार्य रूप से
उपलब्ध कराया जाएगा। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और राज्य को मिलने
वाला राजस्व पारदर्शी तरीके से सरकारी खाते में पहुंचेगा। बैठक में मंत्री
देवांगन ने यह भी निर्देश दिया कि सभी शराब दुकानों में सीसीटीवी कैमरे
लगाए जाएं और उनकी निगरानी मुख्यालय से 24 घंटे की जाए। इससे किसी भी
प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने
अधिकारियों से कहा कि शराब दुकानों के संचालन में पारदर्शिता और सुरक्षा
सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आबकारी मंत्री ने बैठक में साफ कहा कि राज्य में अवैध शराब एवं मादक
पदार्थों के निर्माण, परिवहन, संग्रहण और बिक्री पर पूरी तरह अंकुश लगाया
जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस दिशा में
लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। छत्तीसगढ़ की
सीमाएं ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और उत्तरप्रदेश जैसे
राज्यों से जुड़ी हुई हैं। इन सीमावर्ती इलाकों से अक्सर शराब और नशे की
तस्करी की शिकायतें सामने आती हैं। इस पर मंत्री देवांगन ने कहा कि
अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों में विशेष सतर्कता बढ़ाई
जाए और नियमित जांच अभियान चलाया जाए।
बैठक में आबकारी मंत्री ने होटल, ढाबा और फॉर्म हाउसों पर शराब की अवैध
बिक्री और सेवन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फॉर्म
हाउस में होने वाली शराब पार्टियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और बिना
अनुमति के आयोजित कार्यक्रमों पर रोक लगाई जाए। मंत्री ने साफ किया कि अब
किसी भी स्तर पर लाइसेंस व्यवस्था का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आबकारी मंत्री ने शराब दुकानों से संबंधित राजस्व लक्ष्यों की समीक्षा की
और अधिकारियों से विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने
छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन और छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस
कॉरपोरेशन की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। मंत्री ने कहा कि आबकारी विभाग
को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगा।
बैठक में वाणिज्य कर एवं आबकारी विभाग की सचिव आर. शंगीता ने विभागीय
गतिविधियों की विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने शराब दुकानों की
कैशलेस व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, लाइसेंसिंग सिस्टम और राजस्व संग्रहण
की वर्तमान स्थिति के बारे में मंत्री को अवगत कराया। बैठक में आबकारी
विभाग के विशेष सचिव देवेन्द्र कुमार भारद्वाज, अपर आयुक्त आशीष
श्रीवास्तव, पी.एल. साहू, जी.के. भगत सहित छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग
कॉरपोरेशन लिमिटेड और छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन के अधिकारी
उपस्थित रहे।


Journalist खबरीलाल












