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आत्मसमर्पित नक्सलियों को महात्मा गांधी नरेगा और शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु कार्यशाला आयोजित:

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नारायणपुर। जिला पंचायत के सभा कक्ष में सीईओ जिला पंचायत आकांक्षा शिक्षा खलखो के निर्देशानुसार 17 सितम्बर को आत्मसमर्पित नक्सलियों को महात्मा गांधी नरेगा सहित शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में नक्सलवाद का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट चुके 44 से अधिक हितग्राहियों ने सहभागिता की। उन्हें मनरेगा अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न कार्यों, सुविधाओं एवं स्वरोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। 
कार्यशाला के दौरान 40 हितग्राहियों द्वारा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर मांगें प्रस्तुत की गईं। व्यक्तिगत मांगों में भूमि सुधार, डबरी निर्माण, पशु शेड, मुर्गी शेड, बकरी शेड एवं सुअर शेड निर्माण शामिल रहे। वहीं सामुदायिक स्तर पर गांव एवं पारा में सड़क-पुलिया तथा तालाब निर्माण जैसी आवश्यकताओं को प्रमुखता दी गई। मौके पर ही इनसे दस्तावेजो को लिया गया तथा तकनीकि सहायको को नियमानुसार प्रकरण तैयार करने को निदेर्शित किया गया। जिला प्रशासन ने उपस्थित सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को आश्वस्त किया कि शासन की मंशा के अनुरूप उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा उनकी उचित मांगों पर प्राथमिकता से कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें सम्मानजनक जीवनयापन का अवसर प्रदान करना एवं समाज के सर्वांगीण विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।


नारायणपुर। जिला पंचायत के सभा कक्ष में सीईओ जिला पंचायत आकांक्षा शिक्षा खलखो के निर्देशानुसार 17 सितम्बर को आत्मसमर्पित नक्सलियों को महात्मा गांधी नरेगा सहित शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में नक्सलवाद का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट चुके 44 से अधिक हितग्राहियों ने सहभागिता की। उन्हें मनरेगा अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न कार्यों, सुविधाओं एवं स्वरोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। 
कार्यशाला के दौरान 40 हितग्राहियों द्वारा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर मांगें प्रस्तुत की गईं। व्यक्तिगत मांगों में भूमि सुधार, डबरी निर्माण, पशु शेड, मुर्गी शेड, बकरी शेड एवं सुअर शेड निर्माण शामिल रहे। वहीं सामुदायिक स्तर पर गांव एवं पारा में सड़क-पुलिया तथा तालाब निर्माण जैसी आवश्यकताओं को प्रमुखता दी गई। मौके पर ही इनसे दस्तावेजो को लिया गया तथा तकनीकि सहायको को नियमानुसार प्रकरण तैयार करने को निदेर्शित किया गया। जिला प्रशासन ने उपस्थित सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को आश्वस्त किया कि शासन की मंशा के अनुरूप उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा उनकी उचित मांगों पर प्राथमिकता से कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें सम्मानजनक जीवनयापन का अवसर प्रदान करना एवं समाज के सर्वांगीण विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।


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