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Bilaspur (खबरीलाल न्यूज़) :: जिले में धान खरीदी तेज़, किसान बिना परेशानी के बेच रहे धान:

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बिलासपुर, 22 नवंबर 2025/ जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में किसान अब बड़ी संख्या में अपने धान बेचने आ रहे है। टोकन तुहर हाथ ऐप द्वारा ऑनलाइन टोकन कटने से लेकर धान तौलाई तक की संपूर्ण प्रक्रिया बेहद ही आसान और सुविधाजनक है। केंद्रों में शेड, पेयजल, लाइट सहित बारदाने की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। क्षेत्र  के किसानों की सकारात्मक प्रक्रिया ने केंद्रों की व्यवस्थाओं को पारदर्शी साबित किया है। मस्तूरी विकासखंड के जयराम धान उपार्जन केंद्र में धान बेचने आए किसान संजय पाण्डे ने बताया कि वे लगभग 4 से 5 एकड़ में धान की खेती करते है एवं प्रतिवर्ष यहां धान बेचने आते है। आज उनके टोकन का नंबर लगा है, उन्हें टोकन कटवाने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आयी है। वे केंद्र की व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट है। इसी प्रकार खैरा से धान बेचने आए किसान तीजराम साहू ने बताया कि वे 134 कट्टी धान लेकर पहुंचे है। आसानी से टोकन कटा और उनका धान भी समर्थन मूल्य पर विक्रय हो गया है। अब वे बिना किसी चिंता के घर जा सकते है। धान उपार्जन केंद्र में अच्छी गुणवत्ता के बारदाने उपलब्ध है और यहां के कर्मचारियों का व्यवहार भी सहयोगपूर्ण रहा। 

उल्लेखनीय है कि 15 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी के साथ ही अब जिले के उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की रफ्तार बढ़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान-केंद्रित नीतियों और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता ने तस्वीर बदल दी है। आज खरीदी केंद्रों में तकनीक आधारित टोकन व्यवस्था, तेज़ तौल प्रक्रिया और समय पर भुगतान से किसानों में भरोसा बढ़ा है।


बिलासपुर, 22 नवंबर 2025/ जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में किसान अब बड़ी संख्या में अपने धान बेचने आ रहे है। टोकन तुहर हाथ ऐप द्वारा ऑनलाइन टोकन कटने से लेकर धान तौलाई तक की संपूर्ण प्रक्रिया बेहद ही आसान और सुविधाजनक है। केंद्रों में शेड, पेयजल, लाइट सहित बारदाने की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। क्षेत्र  के किसानों की सकारात्मक प्रक्रिया ने केंद्रों की व्यवस्थाओं को पारदर्शी साबित किया है। मस्तूरी विकासखंड के जयराम धान उपार्जन केंद्र में धान बेचने आए किसान संजय पाण्डे ने बताया कि वे लगभग 4 से 5 एकड़ में धान की खेती करते है एवं प्रतिवर्ष यहां धान बेचने आते है। आज उनके टोकन का नंबर लगा है, उन्हें टोकन कटवाने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आयी है। वे केंद्र की व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट है। इसी प्रकार खैरा से धान बेचने आए किसान तीजराम साहू ने बताया कि वे 134 कट्टी धान लेकर पहुंचे है। आसानी से टोकन कटा और उनका धान भी समर्थन मूल्य पर विक्रय हो गया है। अब वे बिना किसी चिंता के घर जा सकते है। धान उपार्जन केंद्र में अच्छी गुणवत्ता के बारदाने उपलब्ध है और यहां के कर्मचारियों का व्यवहार भी सहयोगपूर्ण रहा। 

उल्लेखनीय है कि 15 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी के साथ ही अब जिले के उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की रफ्तार बढ़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान-केंद्रित नीतियों और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता ने तस्वीर बदल दी है। आज खरीदी केंद्रों में तकनीक आधारित टोकन व्यवस्था, तेज़ तौल प्रक्रिया और समय पर भुगतान से किसानों में भरोसा बढ़ा है।


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