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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: गैर कर्मियों व सिविलियन का एसईसीएल हॉस्पिटल में उपचार नहीं !!! :

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कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड जैसी कंपनी लगातार कर्मचारी कल्याण के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन वास्तविकता से इसका लेना-देना नहीं है। सुराकछार, बलगी, बांकी उपक्षेत्र के अंतर्गत संचालित एसईसीएल के विभागीय अस्पताल में कर्मचारियों को उपचार तो मिल रहा है लेकिन गैर कर्मियों व आसपास के लोगों को उपचार देने में अस्पताल इंचार्ज आनाकानी कर रहे हैं। उपक्षेत्रीय प्रबंधन को इस मामले से अवगत कराया गया है।
कोरबा एरिया के अंतर्गत यह अस्पताल आता है। कोल इंडिया जैसी महारत्न कंपनी ने अपनी लाभकारी इकाई एसईसीएल और इसके महत्वपूर्ण हिस्से कोरबा के मामले में लगातार उदारता दिखाई है लेकिन पता नहीं क्या समझकर सुराकछार, बलगी, बांकी उपक्षेत्र में स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधा आम लोगों और गैर एसईसीएल कर्मियों को देने में उदासीनता दिखाई जा रही है। काफी समय से यह मामला यहां पर बना हुआ है, इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। खबर के अनुसार बांकी अस्पताल में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। इसकी जानकारी प्रबंधन को है लेकिन निराकरण करने पर ध्यान नहीं है।
दो हजार रुपए जमा करो तब इलाज : अश्वनी
नगर पालिका बांकीमोंगरा के पार्षद अश्वनी मिश्रा ने जन भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर उपक्षेत्रीय प्रबंधन को शिकायत की है। बताया गया कि इस विभागीय अस्पताल में लोगों को प्राथमिक उपचार नहीं मिल पा रहा है। ऐसे लोगों को दो हजार रुपए कहीं से भी लाकर जमा करने को कहा जाता है। इस राशि के अभाव में उन्हें उपचार की सुविधा नहीं मिल पाती है, जबकि मरीजों की प्राण रक्षा को पहला धर्म कहा गया है और सरकार भी इस तरफ जोर दे रही है। पार्षद ने कहा कि सरकार ने गोल्डन ऑवर इसी इरादे से बनाए हैं ताकि जान बच सके। इसके बावजूद इधर ध्यान नहीं है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इस अस्पताल में एक्स-रे चार्ज लेने के बावजूद मरीजों की जांच के प्रकरण में उन्हें एक्स-रे फिल्म देने के बजाय वाट्सऐप पर स्क्रीन शार्ट भेजा जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सेवाओं में सुधार कब होगा?


कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड जैसी कंपनी लगातार कर्मचारी कल्याण के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन वास्तविकता से इसका लेना-देना नहीं है। सुराकछार, बलगी, बांकी उपक्षेत्र के अंतर्गत संचालित एसईसीएल के विभागीय अस्पताल में कर्मचारियों को उपचार तो मिल रहा है लेकिन गैर कर्मियों व आसपास के लोगों को उपचार देने में अस्पताल इंचार्ज आनाकानी कर रहे हैं। उपक्षेत्रीय प्रबंधन को इस मामले से अवगत कराया गया है।
कोरबा एरिया के अंतर्गत यह अस्पताल आता है। कोल इंडिया जैसी महारत्न कंपनी ने अपनी लाभकारी इकाई एसईसीएल और इसके महत्वपूर्ण हिस्से कोरबा के मामले में लगातार उदारता दिखाई है लेकिन पता नहीं क्या समझकर सुराकछार, बलगी, बांकी उपक्षेत्र में स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधा आम लोगों और गैर एसईसीएल कर्मियों को देने में उदासीनता दिखाई जा रही है। काफी समय से यह मामला यहां पर बना हुआ है, इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। खबर के अनुसार बांकी अस्पताल में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। इसकी जानकारी प्रबंधन को है लेकिन निराकरण करने पर ध्यान नहीं है।
दो हजार रुपए जमा करो तब इलाज : अश्वनी
नगर पालिका बांकीमोंगरा के पार्षद अश्वनी मिश्रा ने जन भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर उपक्षेत्रीय प्रबंधन को शिकायत की है। बताया गया कि इस विभागीय अस्पताल में लोगों को प्राथमिक उपचार नहीं मिल पा रहा है। ऐसे लोगों को दो हजार रुपए कहीं से भी लाकर जमा करने को कहा जाता है। इस राशि के अभाव में उन्हें उपचार की सुविधा नहीं मिल पाती है, जबकि मरीजों की प्राण रक्षा को पहला धर्म कहा गया है और सरकार भी इस तरफ जोर दे रही है। पार्षद ने कहा कि सरकार ने गोल्डन ऑवर इसी इरादे से बनाए हैं ताकि जान बच सके। इसके बावजूद इधर ध्यान नहीं है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इस अस्पताल में एक्स-रे चार्ज लेने के बावजूद मरीजों की जांच के प्रकरण में उन्हें एक्स-रे फिल्म देने के बजाय वाट्सऐप पर स्क्रीन शार्ट भेजा जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सेवाओं में सुधार कब होगा?


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