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News (खबरीलाल न्यूज़) : मौनी अमावस्या पर करें 5 काम, पितृ देव होंगे प्रसन्न, तमाम कष्टों से मिलेगा छुटकारा:

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साल 2026 की पहली अमावस्या यानी मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जा रही हैं। सनातन धर्म में मौनी अमावस्या का दिन पूजा-पाठ, अनुष्ठान और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। यह अमावस्या कुल देवता, इष्ट देवता और पितरों को प्रसन्न करने के लिए बेहद खास मानी गई है।





ऐसी मान्यता है कि, इस दिन किए गए उपायों से व्यक्ति को 100 वर्षों के दान-पुण्य के बराबर लाभ मिलता है। ऐसे मे आइए जानते हैं कि मौनी अमावस्या के दिन किन 5 उपायों को करने से पितरों की कृपा प्राप्त होगी और धन-दौलत में वृद्धि होगी।





मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में पितृ तृप्ति और आत्मशुद्धि का विशेष दिन माना जाता है। इस दिन किए गए छोटे-छोटे पुण्य कर्म जीवन की कई परेशानियों को दूर करने में सहायक माने जाते हैं। मान्यता है कि इन उपायों से पितृ देव प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद मिलता है।





मौनी अमावस्या पर करें ये 5 काम





स्नान व मौन व्रत का पालन





मौनी अमावस्या पर प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें। इस   दिन अगर आप गंगा स्नान करने नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें। ऐसा करने से भी गंगा स्नान का लाभ मिल सकता है।संभव हो तो कुछ समय मौन रखें। इससे मन की चंचलता शांत होती है और आत्मिक शुद्धि होती है।





पितृ तर्पण व जल अर्पण





इस दिन दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तिल मिश्रित जल से पितरों का तर्पण करें। इससे पितृ दोष शांत होता है और परिवार में सुख-शांति आती है।





दान-पुण्य अवश्य करें





इस दिन अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, कंबल या धन का दान करें। दान से ग्रह दोष कम होते हैं और आर्थिक कष्टों से राहत मिलती है।





पीपल व तुलसी की सेवा





पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं। घर में तुलसी पूजन करें। इसे पितृ प्रसन्नता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।





सरल भोजन और संयम





सात्त्विक भोजन करें, तामसिक चीज़ों से दूर रहें। क्रोध, वाद-विवाद और नकारात्मक सोच से बचें—संयम ही इस दिन का मुख्य संदेश है।





मौनी अमावस्या पर श्रद्धा से किए गए ये कार्य पितृ देवों को तृप्त करते हैं, जिससे जीवन के कष्ट, बाधाएं और मानसिक तनाव धीरे-धीरे दूर होते हैं।




साल 2026 की पहली अमावस्या यानी मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जा रही हैं। सनातन धर्म में मौनी अमावस्या का दिन पूजा-पाठ, अनुष्ठान और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। यह अमावस्या कुल देवता, इष्ट देवता और पितरों को प्रसन्न करने के लिए बेहद खास मानी गई है।





ऐसी मान्यता है कि, इस दिन किए गए उपायों से व्यक्ति को 100 वर्षों के दान-पुण्य के बराबर लाभ मिलता है। ऐसे मे आइए जानते हैं कि मौनी अमावस्या के दिन किन 5 उपायों को करने से पितरों की कृपा प्राप्त होगी और धन-दौलत में वृद्धि होगी।





मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में पितृ तृप्ति और आत्मशुद्धि का विशेष दिन माना जाता है। इस दिन किए गए छोटे-छोटे पुण्य कर्म जीवन की कई परेशानियों को दूर करने में सहायक माने जाते हैं। मान्यता है कि इन उपायों से पितृ देव प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद मिलता है।





मौनी अमावस्या पर करें ये 5 काम





स्नान व मौन व्रत का पालन





मौनी अमावस्या पर प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें। इस   दिन अगर आप गंगा स्नान करने नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें। ऐसा करने से भी गंगा स्नान का लाभ मिल सकता है।संभव हो तो कुछ समय मौन रखें। इससे मन की चंचलता शांत होती है और आत्मिक शुद्धि होती है।





पितृ तर्पण व जल अर्पण





इस दिन दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तिल मिश्रित जल से पितरों का तर्पण करें। इससे पितृ दोष शांत होता है और परिवार में सुख-शांति आती है।





दान-पुण्य अवश्य करें





इस दिन अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, कंबल या धन का दान करें। दान से ग्रह दोष कम होते हैं और आर्थिक कष्टों से राहत मिलती है।





पीपल व तुलसी की सेवा





पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं। घर में तुलसी पूजन करें। इसे पितृ प्रसन्नता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।





सरल भोजन और संयम





सात्त्विक भोजन करें, तामसिक चीज़ों से दूर रहें। क्रोध, वाद-विवाद और नकारात्मक सोच से बचें—संयम ही इस दिन का मुख्य संदेश है।





मौनी अमावस्या पर श्रद्धा से किए गए ये कार्य पितृ देवों को तृप्त करते हैं, जिससे जीवन के कष्ट, बाधाएं और मानसिक तनाव धीरे-धीरे दूर होते हैं।



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