प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ में मृत महिला के परिवार को 30 दिन में मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने जांच आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मामलों का निस्तारण करने संबंधी राज्य सरकार का आग्रह नामंजूर कर दिया है। हाई कोर्ट ने मेला प्राधिकरण और आयोग को भगदड़ में जान गंवाने वाली महिला के पति को 30 दिन के भीतर मुआवजा भुगतान करने के लिए कहा है। प्रयागराज निवासी उदय प्रताप सिंह की याचिका की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अजित कुमार व न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने चेतावनी दी कि आदेश का पालन न करने पर प्रकरण को गंभीरता से लिया जाएगा।
कोर्ट ने आयोग के साथ मेला प्राधिकरण को भी आदेश की तारीख से अगले 30 दिन के भीतर याची के मुआवजे के दावे को निस्तारित करने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई पर 18 फरवरी को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। 29 जनवरी 2025 की आधी रात संगम क्षेत्र में हुई भगदड़ में कई लोगों की मौत हो गई थी।
प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ में मृत महिला के परिवार को 30 दिन में मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने जांच आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मामलों का निस्तारण करने संबंधी राज्य सरकार का आग्रह नामंजूर कर दिया है। हाई कोर्ट ने मेला प्राधिकरण और आयोग को भगदड़ में जान गंवाने वाली महिला के पति को 30 दिन के भीतर मुआवजा भुगतान करने के लिए कहा है। प्रयागराज निवासी उदय प्रताप सिंह की याचिका की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अजित कुमार व न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने चेतावनी दी कि आदेश का पालन न करने पर प्रकरण को गंभीरता से लिया जाएगा।
कोर्ट ने आयोग के साथ मेला प्राधिकरण को भी आदेश की तारीख से अगले 30 दिन के भीतर याची के मुआवजे के दावे को निस्तारित करने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई पर 18 फरवरी को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। 29 जनवरी 2025 की आधी रात संगम क्षेत्र में हुई भगदड़ में कई लोगों की मौत हो गई थी।



Journalist खबरीलाल














