रायपुर/दिल्ली। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विपक्ष पर करारा प्रहार किया। इस दौरान, विपक्षी दलों पर शायराना अंदाज में भी हमले किए। पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, ''तुम दुनिया को कितना धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे।'' पीएम मोदी ने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, लेफ्ट समेत विपक्षी दलों पर वार करते हुए कहा कि दशकों से ये दल केंद्र में सत्ता में रहे, सरकार के भागीदार रहे। राज्यों में भी सरकारें चलाने का अवसर मिला, लेकिन उनकी पहचान क्या बनी, आज डील की चर्चा होती है तो गौरव से कहते हैं, तब डील की चर्चा होती थी, तब बोफोर्स याद आता था। उन्होंने सिर्फ जेब भरने का काम किया। लोगों के जीवन में बदलाव आना, उनकी प्राथमिकता नहीं थी।
उन्होंने बैंकिंग सेक्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। 2014 से पहले, फोन बैंकिंग का कालखंड था। नेता के फोन जाते थे और उसके आधार पर करोड़ों रुपये दे दिए जाते थे। गरीबों को तो बैंकों में दुत्कार देते थे, नफरत करते थे। कांग्रेस के नेताओं के फोन पर अरबों रुपये लोगों को दे दिए गए थे और जो ले जाते थे, वे अपनी पर्सनल प्रॉपर्टी मानकर पैसे हजम कर जाते। यही खेल चलता रहा। यूपीए के राज में बैंकिंग व्यवस्था तबाही के कगार पर खड़ी थी। आगे उन्होंने कहा, देशभर में आज बस्तर की चर्चा हो रही है, वहां विकास की रफ्तार तेज गति से दौड़ रही है, जहां कई गांव के लोग बस में नहीं बैठे थे, आज वे सभी ग्रामीण फ्री में बस सेवा का लाभ ले रहे है।
रायपुर/दिल्ली। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विपक्ष पर करारा प्रहार किया। इस दौरान, विपक्षी दलों पर शायराना अंदाज में भी हमले किए। पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, ''तुम दुनिया को कितना धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे।'' पीएम मोदी ने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, लेफ्ट समेत विपक्षी दलों पर वार करते हुए कहा कि दशकों से ये दल केंद्र में सत्ता में रहे, सरकार के भागीदार रहे। राज्यों में भी सरकारें चलाने का अवसर मिला, लेकिन उनकी पहचान क्या बनी, आज डील की चर्चा होती है तो गौरव से कहते हैं, तब डील की चर्चा होती थी, तब बोफोर्स याद आता था। उन्होंने सिर्फ जेब भरने का काम किया। लोगों के जीवन में बदलाव आना, उनकी प्राथमिकता नहीं थी।
उन्होंने बैंकिंग सेक्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। 2014 से पहले, फोन बैंकिंग का कालखंड था। नेता के फोन जाते थे और उसके आधार पर करोड़ों रुपये दे दिए जाते थे। गरीबों को तो बैंकों में दुत्कार देते थे, नफरत करते थे। कांग्रेस के नेताओं के फोन पर अरबों रुपये लोगों को दे दिए गए थे और जो ले जाते थे, वे अपनी पर्सनल प्रॉपर्टी मानकर पैसे हजम कर जाते। यही खेल चलता रहा। यूपीए के राज में बैंकिंग व्यवस्था तबाही के कगार पर खड़ी थी। आगे उन्होंने कहा, देशभर में आज बस्तर की चर्चा हो रही है, वहां विकास की रफ्तार तेज गति से दौड़ रही है, जहां कई गांव के लोग बस में नहीं बैठे थे, आज वे सभी ग्रामीण फ्री में बस सेवा का लाभ ले रहे है।



Journalist खबरीलाल














