छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ आबकारी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए होटल, रेस्टोरेंट और क्लब संचालकों को राहत दी है। विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लाइसेंस फीस और बैंक गारंटी में कटौती का फैसला लिया है, जिससे अब बार खोलना पहले की तुलना में काफी सस्ता और आसान हो जाएगा।
सरकार का दावा है कि इस कदम से राज्य में नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन व हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मजबूती मिलेगी। नई नीति के तहत 7 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में FL-2 (क) और FL-3 (क) श्रेणी के बार लाइसेंस शुल्क में कमी की गई है।
पहले और अब का अंतर - पहले लाइसेंस फीस ₹24 लाख, अब लाइसेंस फीस ₹18 लाख, सीधे राहत ₹6 लाख।
यह फैसला खासतौर पर बड़े शहरों के व्यवसायियों के लिए राहत भरा है। इससे नए उद्यमियों को बाजार में एंट्री करने का मौका मिलेगा। बैंक गारंटी में भी राहत। सिर्फ लाइसेंस फीस ही नहीं, बल्कि अनिवार्य बैंक गारंटी राशि में भी कटौती। इससे कारोबार शुरू करने का जोखिम कम होगा और नए खिलाड़ियों को बाजार में आने का मौका मिलेगा।
छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ आबकारी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए होटल, रेस्टोरेंट और क्लब संचालकों को राहत दी है। विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लाइसेंस फीस और बैंक गारंटी में कटौती का फैसला लिया है, जिससे अब बार खोलना पहले की तुलना में काफी सस्ता और आसान हो जाएगा।
सरकार का दावा है कि इस कदम से राज्य में नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन व हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मजबूती मिलेगी। नई नीति के तहत 7 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में FL-2 (क) और FL-3 (क) श्रेणी के बार लाइसेंस शुल्क में कमी की गई है।
पहले और अब का अंतर - पहले लाइसेंस फीस ₹24 लाख, अब लाइसेंस फीस ₹18 लाख, सीधे राहत ₹6 लाख।
यह फैसला खासतौर पर बड़े शहरों के व्यवसायियों के लिए राहत भरा है। इससे नए उद्यमियों को बाजार में एंट्री करने का मौका मिलेगा। बैंक गारंटी में भी राहत। सिर्फ लाइसेंस फीस ही नहीं, बल्कि अनिवार्य बैंक गारंटी राशि में भी कटौती। इससे कारोबार शुरू करने का जोखिम कम होगा और नए खिलाड़ियों को बाजार में आने का मौका मिलेगा।



Journalist खबरीलाल














