इस्माइल खातिब को केवल एक खुफिया अधिकारी नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर एक खतरनाक रणनीतिकार माना जाता था. अमेरिका ने 2022 से उनके और उनके मंत्रालय के ऊपर प्रतिबंध लगा रखे थे. इजरायल ने दावा किया है कि तेहरान में उसके हवाई हमलों में ईरान के खुफिया मामलों के मंत्री इस्माइल खातिब की मौत हो गई है. खातिब की मौत ईरान के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है क्योंकि इससे ठीक पहले शीर्ष सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी और रिवोल्यूशनरी गार्ड के बासिज फोर्स के प्रमुख जनरल गुलाम रजा सुलेमानी को भी इजरायल निशाना बना चुका है. आइए बताते हैं कि इस्माइल खातिब कौन थे और किस तरह उन्होंने अमेरिका-इजरायल की नाक में दम कर रखा था.
इस्माइल खातिब को केवल एक खुफिया अधिकारी नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर एक खतरनाक रणनीतिकार माना जाता था. 2022 में अमेरिका ने उनके ऊपर गंभीर प्रतिबंध लगाए थे. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का कहना है कि खातिब उन साइबर नेटवर्क का संचालन करते थे जो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ जासूसी और रैनसमवेयर हमलों में शामिल थे. खातिब के ऊपर अल्बानिया सरकार की वेबसाइटों को हैक करके गोपनीय दस्तावेज लीक करने और वहां के नागरिकों की निजी जानकारियां सार्वजनिक करने का भी आरोप लगा था. ये भी कहा जाता है कि खातिब के मंत्रालय ने ही ईरान के अंदर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ क्रूरतापूर्ण तरीके से दमन चक्र चलाया था.
खातिब का नाम पिछले साल जून में उस वक्त चर्चा में रहा था, जब उन्होंने दावा किया था कि ईरान ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई संवेदनशील दस्तावेज चुरा लिए हैं. इजरायल ने हालांकि इस दावे की कभी पुष्टि नहीं की. खातिब ने दावा किया था कि ये दस्तावेज इजरायल के सोरेक न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर से संबंधित थे. राजधानी तेल अवीव से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित इस सेंटर को इजरायल में न्यूक्लियर साइंस की सेंट्रल लैब कहा जाता है. इजरायल डिफेंस फोर्स ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया कि ईरान में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में खातिब की बड़ी भूमिका थी. उन्हीं के इशारे पर बड़े पैमाने पर लोगों की गिरफ्तारियां हुईं, हत्याएं की गईं. आईडीएफ ने खातिब पर दुनिया में इजरायली और अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ आतंकी गतिविधियां चलाने का भी आरोप लगाया है.
इस्माइल खातिब को केवल एक खुफिया अधिकारी नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर एक खतरनाक रणनीतिकार माना जाता था. अमेरिका ने 2022 से उनके और उनके मंत्रालय के ऊपर प्रतिबंध लगा रखे थे. इजरायल ने दावा किया है कि तेहरान में उसके हवाई हमलों में ईरान के खुफिया मामलों के मंत्री इस्माइल खातिब की मौत हो गई है. खातिब की मौत ईरान के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है क्योंकि इससे ठीक पहले शीर्ष सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी और रिवोल्यूशनरी गार्ड के बासिज फोर्स के प्रमुख जनरल गुलाम रजा सुलेमानी को भी इजरायल निशाना बना चुका है. आइए बताते हैं कि इस्माइल खातिब कौन थे और किस तरह उन्होंने अमेरिका-इजरायल की नाक में दम कर रखा था.
इस्माइल खातिब को केवल एक खुफिया अधिकारी नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर एक खतरनाक रणनीतिकार माना जाता था. 2022 में अमेरिका ने उनके ऊपर गंभीर प्रतिबंध लगाए थे. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का कहना है कि खातिब उन साइबर नेटवर्क का संचालन करते थे जो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ जासूसी और रैनसमवेयर हमलों में शामिल थे. खातिब के ऊपर अल्बानिया सरकार की वेबसाइटों को हैक करके गोपनीय दस्तावेज लीक करने और वहां के नागरिकों की निजी जानकारियां सार्वजनिक करने का भी आरोप लगा था. ये भी कहा जाता है कि खातिब के मंत्रालय ने ही ईरान के अंदर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ क्रूरतापूर्ण तरीके से दमन चक्र चलाया था.
खातिब का नाम पिछले साल जून में उस वक्त चर्चा में रहा था, जब उन्होंने दावा किया था कि ईरान ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई संवेदनशील दस्तावेज चुरा लिए हैं. इजरायल ने हालांकि इस दावे की कभी पुष्टि नहीं की. खातिब ने दावा किया था कि ये दस्तावेज इजरायल के सोरेक न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर से संबंधित थे. राजधानी तेल अवीव से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित इस सेंटर को इजरायल में न्यूक्लियर साइंस की सेंट्रल लैब कहा जाता है. इजरायल डिफेंस फोर्स ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया कि ईरान में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में खातिब की बड़ी भूमिका थी. उन्हीं के इशारे पर बड़े पैमाने पर लोगों की गिरफ्तारियां हुईं, हत्याएं की गईं. आईडीएफ ने खातिब पर दुनिया में इजरायली और अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ आतंकी गतिविधियां चलाने का भी आरोप लगाया है.



Journalist खबरीलाल














