साल 1978 में रिलीज हुई फिल्म डॉन हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में से एक मानी जाती है। इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि इसके किरदार और डायलॉग आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। लेकिन इस फिल्म की शूटिंग के दौरान एक ऐसा सीन था, जिसने अभिनेत्री जीनत अमान के लिए मुश्किल खड़ी कर दी थी।
फिल्म में एक अहम सीन है, जिसमें अमिताभ बच्चन का किरदार घायल होता है और जीनत अमान का किरदार ‘रोमा’ उन्हें नर्स बनकर व्हीलचेयर पर बैठाकर वहां से निकालती है। यह सीन देखने में जितना आसान लगता है, शूटिंग के दौरान उतना ही कठिन था। हाल ही में जीनत अमान ने इस सीन को याद करते हुए बताया कि उस समय इस्तेमाल की गई व्हीलचेयर काफी पुरानी और खराब थी। ऐसे में उस पर बैठे अमिताभ बच्चन को धकेलना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया था।
जीनत अमान ने बताया कि सीन की मांग के अनुसार उन्हें अपने चेहरे पर किसी तरह की परेशानी या तनाव नहीं दिखाना था, जबकि हकीकत में वह पूरी ताकत लगाकर व्हीलचेयर को धकेल रही थीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अमिताभ बच्चन का वजन और व्हीलचेयर की हालत ने इस सीन को उनके लिए एक कठिन अनुभव बना दिया था। बावजूद इसके, उन्होंने इस सीन को बखूबी निभाया और दर्शकों को इसकी असलियत का अंदाजा भी नहीं होने दिया।
इस फिल्म को लेकर जीनत अमान ने यह भी बताया कि उन्होंने ‘रोमा’ का किरदार इसलिए स्वीकार किया क्योंकि वह एक मजबूत, निडर और आत्मनिर्भर महिला का रोल निभाना चाहती थीं। उन्हें इस किरदार में वह सभी गुण नजर आए, जो वह पर्दे पर दिखाना चाहती थीं। डॉन उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक रही। फिल्म में अमिताभ बच्चन ने डबल रोल निभाया था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। फिल्म के संवाद और कहानी को मशहूर लेखक जोड़ी सलीम-जावेद ने लिखा था। आज भी ‘डॉन’ का जादू बरकरार है और इसके तीसरे पार्ट को लेकर चर्चा जारी है।
साल 1978 में रिलीज हुई फिल्म डॉन हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में से एक मानी जाती है। इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि इसके किरदार और डायलॉग आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। लेकिन इस फिल्म की शूटिंग के दौरान एक ऐसा सीन था, जिसने अभिनेत्री जीनत अमान के लिए मुश्किल खड़ी कर दी थी।
फिल्म में एक अहम सीन है, जिसमें अमिताभ बच्चन का किरदार घायल होता है और जीनत अमान का किरदार ‘रोमा’ उन्हें नर्स बनकर व्हीलचेयर पर बैठाकर वहां से निकालती है। यह सीन देखने में जितना आसान लगता है, शूटिंग के दौरान उतना ही कठिन था। हाल ही में जीनत अमान ने इस सीन को याद करते हुए बताया कि उस समय इस्तेमाल की गई व्हीलचेयर काफी पुरानी और खराब थी। ऐसे में उस पर बैठे अमिताभ बच्चन को धकेलना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया था।
जीनत अमान ने बताया कि सीन की मांग के अनुसार उन्हें अपने चेहरे पर किसी तरह की परेशानी या तनाव नहीं दिखाना था, जबकि हकीकत में वह पूरी ताकत लगाकर व्हीलचेयर को धकेल रही थीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अमिताभ बच्चन का वजन और व्हीलचेयर की हालत ने इस सीन को उनके लिए एक कठिन अनुभव बना दिया था। बावजूद इसके, उन्होंने इस सीन को बखूबी निभाया और दर्शकों को इसकी असलियत का अंदाजा भी नहीं होने दिया।
इस फिल्म को लेकर जीनत अमान ने यह भी बताया कि उन्होंने ‘रोमा’ का किरदार इसलिए स्वीकार किया क्योंकि वह एक मजबूत, निडर और आत्मनिर्भर महिला का रोल निभाना चाहती थीं। उन्हें इस किरदार में वह सभी गुण नजर आए, जो वह पर्दे पर दिखाना चाहती थीं। डॉन उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक रही। फिल्म में अमिताभ बच्चन ने डबल रोल निभाया था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। फिल्म के संवाद और कहानी को मशहूर लेखक जोड़ी सलीम-जावेद ने लिखा था। आज भी ‘डॉन’ का जादू बरकरार है और इसके तीसरे पार्ट को लेकर चर्चा जारी है।



Journalist खबरीलाल














