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Madhya Pradesh (खबरीलाल न्यूज़) :: साइबर फ्रॉड का बढ़ता खतरा, जून 2024 से मार्च 2026 तक लाखों की ठगी :

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 मध्य प्रदेश : शहर में साइबर फ्रॉड के कई गंभीर मामले सामने आए हैं, जिनमें जून 2024 से मार्च 2026 के बीच जालसाजों ने ऑनलाइन स्कैम, पहचान बदलकर और हाईटेक हैकिंग तकनीकों का इस्तेमाल कर नागरिकों से लाखों रुपये की ठगी की।

पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के आदेश पर, इंदौर पुलिस ने शुक्रवार को इस सिलसिले में लगभग दो दर्जन FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लोग ऑनलाइन लेन-देन और सोशल मीडिया पर किसी भी अज्ञात संपर्क से सतर्क रहें।

एक प्रमुख मामला पलासिया पुलिस क्षेत्र का है, जिसमें एक बिजनेसमैन ने 899 रुपये का बॉडी मसाजर खरीदने की कोशिश की। शुरुआती पेमेंट फेल होने के बाद, जालसाजों ने तकनीकी बहाने बनाकर उसे बार-बार ट्रांजैक्शन करने के लिए मनाया। स्कैमर्स ने प्रोसेसिंग में त्रुटियों का फायदा उठाकर उससे 5.41 लाख रुपये की रकम दस से अधिक किस्तों में ट्रांसफर करवाई।

एयरोड्रोम इलाके में वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट के एक रिटायर्ड कर्मचारी को फेसबुक पर स्कॉटलैंड की डॉ. लिसा डेविस नामक महिला से दोस्ती के बहाने फंसाया गया। जालसाजों ने महंगे पार्सल भेजने का दावा किया और बाद में दिल्ली एयरपोर्ट के कस्टम अधिकारी बनकर उसे मनी लॉन्ड्रिंग के चार्ज में फंसाने की धमकी दी। उन्होंने कई किश्तों में करेंसी बदलने और कस्टम क्लियरेंस के लिए पैसे ट्रांसफर करवाए। कुल 10.42 लाख रुपये का चूना लगाया गया।

तेजाजी नगर में एक रिटायर्ड कर्मचारी ने ऑनलाइन स्किन ट्रीटमेंट खोजते समय 8.21 लाख रुपये गंवा दिए। धोखेबाजों ने क्लिनिक के नंबर पर संपर्क कर 10 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस की मांग की। जब पीड़ित ने PhonePe से पेमेंट करने की कोशिश की, तो उन्होंने उसका डिवाइस हैक कर लिया और तीन बैंक अकाउंट्स को एक्सेस करके अगले दिन तक राशि निकाल ली।

पुलिस ने सभी पीड़ितों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन या सोशल मीडिया लेन-देन में सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनवेरिफ़ाइड वेबसाइट से पैसे ट्रांसफर करने से बचें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में दें।

ACP साइबर सेल ने बताया कि जालसाजों की मॉडर्न तकनीकों और हाईटेक फ्रॉड की वजह से यह अपराध तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोग अपने ऑनलाइन बैंकिंग डिवाइस और पासवर्ड सुरक्षित रखें और किसी भी ऑफ़र या सोशल मीडिया फ्रेंड रिक्वेस्ट पर बिना जांच के विश्वास न करें।

पुलिस ने साइबर फ्रॉड रोकने के लिए जागरूकता अभियान तेज़ कर दिया है और जिले में नियमित वर्कशॉप और ट्रेनिंग के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।

इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट किया है कि साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और नागरिकों को सतर्क रहकर अपनी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।


 मध्य प्रदेश : शहर में साइबर फ्रॉड के कई गंभीर मामले सामने आए हैं, जिनमें जून 2024 से मार्च 2026 के बीच जालसाजों ने ऑनलाइन स्कैम, पहचान बदलकर और हाईटेक हैकिंग तकनीकों का इस्तेमाल कर नागरिकों से लाखों रुपये की ठगी की।

पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के आदेश पर, इंदौर पुलिस ने शुक्रवार को इस सिलसिले में लगभग दो दर्जन FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लोग ऑनलाइन लेन-देन और सोशल मीडिया पर किसी भी अज्ञात संपर्क से सतर्क रहें।

एक प्रमुख मामला पलासिया पुलिस क्षेत्र का है, जिसमें एक बिजनेसमैन ने 899 रुपये का बॉडी मसाजर खरीदने की कोशिश की। शुरुआती पेमेंट फेल होने के बाद, जालसाजों ने तकनीकी बहाने बनाकर उसे बार-बार ट्रांजैक्शन करने के लिए मनाया। स्कैमर्स ने प्रोसेसिंग में त्रुटियों का फायदा उठाकर उससे 5.41 लाख रुपये की रकम दस से अधिक किस्तों में ट्रांसफर करवाई।

एयरोड्रोम इलाके में वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट के एक रिटायर्ड कर्मचारी को फेसबुक पर स्कॉटलैंड की डॉ. लिसा डेविस नामक महिला से दोस्ती के बहाने फंसाया गया। जालसाजों ने महंगे पार्सल भेजने का दावा किया और बाद में दिल्ली एयरपोर्ट के कस्टम अधिकारी बनकर उसे मनी लॉन्ड्रिंग के चार्ज में फंसाने की धमकी दी। उन्होंने कई किश्तों में करेंसी बदलने और कस्टम क्लियरेंस के लिए पैसे ट्रांसफर करवाए। कुल 10.42 लाख रुपये का चूना लगाया गया।

तेजाजी नगर में एक रिटायर्ड कर्मचारी ने ऑनलाइन स्किन ट्रीटमेंट खोजते समय 8.21 लाख रुपये गंवा दिए। धोखेबाजों ने क्लिनिक के नंबर पर संपर्क कर 10 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस की मांग की। जब पीड़ित ने PhonePe से पेमेंट करने की कोशिश की, तो उन्होंने उसका डिवाइस हैक कर लिया और तीन बैंक अकाउंट्स को एक्सेस करके अगले दिन तक राशि निकाल ली।

पुलिस ने सभी पीड़ितों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन या सोशल मीडिया लेन-देन में सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनवेरिफ़ाइड वेबसाइट से पैसे ट्रांसफर करने से बचें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में दें।

ACP साइबर सेल ने बताया कि जालसाजों की मॉडर्न तकनीकों और हाईटेक फ्रॉड की वजह से यह अपराध तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोग अपने ऑनलाइन बैंकिंग डिवाइस और पासवर्ड सुरक्षित रखें और किसी भी ऑफ़र या सोशल मीडिया फ्रेंड रिक्वेस्ट पर बिना जांच के विश्वास न करें।

पुलिस ने साइबर फ्रॉड रोकने के लिए जागरूकता अभियान तेज़ कर दिया है और जिले में नियमित वर्कशॉप और ट्रेनिंग के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।

इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट किया है कि साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और नागरिकों को सतर्क रहकर अपनी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।


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