रायपुर, 23 अप्रैल 2026 / कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने बैठक में पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन की प्रगति की जानकारी ली और इसे तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीज एवं उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए। खेती को बढ़ावा देने हेतु हरी खाद, जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग को बढ़ाने किसानों को प्रोत्साहित करें। कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार की अध्यक्षता में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में रबी वर्ष 2025-26 के कार्यों तथा खरीफ सीजन वर्ष 2026 की तैयारियों की रणनीति तय की गई। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता एवं विपणन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी जिलों के कलेक्टर और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में श्रीमती निगार ने रासायनिक उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए जिलों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हर जिले में सुगंधित धान की प्रजाति के उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रीष्मकालीन धान के रकबे में कमी कर दलहन-तिलहन फसलों का विस्तार करने की आवश्यकता बताई गई। श्रीमती निगार ने बैठक में उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार के निर्देश दिए । किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए समर्थन मूल्य पर खरीदी करने वाली उपार्जन समितियों को सुचारू रूप से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया।
रायपुर, 23 अप्रैल 2026 / कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने बैठक में पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन की प्रगति की जानकारी ली और इसे तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीज एवं उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए। खेती को बढ़ावा देने हेतु हरी खाद, जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग को बढ़ाने किसानों को प्रोत्साहित करें। कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार की अध्यक्षता में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में रबी वर्ष 2025-26 के कार्यों तथा खरीफ सीजन वर्ष 2026 की तैयारियों की रणनीति तय की गई। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता एवं विपणन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी जिलों के कलेक्टर और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में श्रीमती निगार ने रासायनिक उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए जिलों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हर जिले में सुगंधित धान की प्रजाति के उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रीष्मकालीन धान के रकबे में कमी कर दलहन-तिलहन फसलों का विस्तार करने की आवश्यकता बताई गई। श्रीमती निगार ने बैठक में उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार के निर्देश दिए । किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए समर्थन मूल्य पर खरीदी करने वाली उपार्जन समितियों को सुचारू रूप से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया।



Journalist खबरीलाल














