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Surajpur (खबरीलाल न्यूज़) :: अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर श्रमिकों को समर्पित भव्य पहल, चरचा में श्रमिक परिसर का लोकार्पण, जनप्रतिनिधियों और श्रमिकों की बड़ी मौजूदगी :

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संवाददाता - सौरभ साहू  (चरचा कालरी जिला कोरिया छत्तीसगढ़)

कोरिया चरचा कॉलरी। दिनांक 1 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर नगर पालिका शिवपुर चरचा में श्रमिकों के सम्मान और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। चरचा ईस्ट मार्ग पर निर्मित श्रमिक परिसर का 1 मई को भव्य लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और श्रमिकों में विशेष उत्साह नजर आया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भैयालाल राजवाड़े, रहे, जिन्होंने श्रमिकों के योगदान को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए उनके सम्मान और कल्याण के लिए ऐसे प्रयासों को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्ग की मेहनत से ही विकास की गाड़ी आगे बढ़ती है, इसलिए उनके लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

कार्यक्रम में सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं अति विशिष्ट अतिथियों में नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश सिंह, मंडल अध्यक्ष दीपा विश्वकर्मा, पूर्व मंडल अध्यक्ष अभिमन्यु मुदुली सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं पार्षदगण मौजूद रहे। आयोजन की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष अरुण जयसवाल ने की। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके बाद श्रमिक चौक में स्थापित श्रमिक प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया, जो श्रमिकों के सम्मान का प्रतीक बनकर क्षेत्र में स्थापित हो गई है। नगर पालिका एवं एसईसीएल चरचा आरओ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों पर भी मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में आयोजन किए गए, जहां श्रमिकों के योगदान को सम्मानित किया गया। इस दौरान एसईसीएल से सेवानिवृत्त श्रमिकों आर.एन. राय, महेश यादव, पी.सी. पाण्डेय, विजय नाथ सिंह और श्याम नारायण यादव को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन की जिम्मेदारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी,, वशिष्ठ कुमार ओझा एवं आलोक चक्रधारी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक निभाई गई। वहीं साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की निगरानी सफाई निरीक्षक हरीश जयसवाल द्वारा की गई। कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम सुनिश्चित किए गए थे।

इस अवसर पर नगर पालिका और एसईसीएल के बड़ी संख्या में श्रमिक, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने न केवल श्रमिकों के सम्मान को नई ऊंचाई दी, बल्कि समाज में उनके योगदान के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई।

मजदूर दिवस पर विधायक भईया लाल राजवाड़े का संबोधन: “हर व्यक्ति पहले श्रमिक, बाद में अधिकारी - अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित श्रमिक परिसर लोकार्पण समारोह में क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भईयालाल राजवाड़े ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन से कार्यक्रम को विशेष बना दिया। उन्होंने श्रमिकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “आज का दिन हम सभी के लिए सौभाग्य का दिन है। हम सब पहले श्रमिक हैं, उसके बाद ही अधिकारी या कर्मचारी हैं।”

उन्होंने कहा कि मजदूर दिवस का यह आयोजन भले ही पहले होना चाहिए था, लेकिन “देर आए दुरुस्त आए” की भावना के साथ इसका आयोजन सराहनीय है। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों और खासकर महिलाओं की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति जो श्रम करता है, वह मजदूर है चाहे वह घर का कार्य हो या बाहर का।

अपने संबोधन में उन्होंने समाज की संरचना को श्रमिकों से जोड़ते हुए एक सशक्त उदाहरण दिया “किसी भी इमारत की मजबूती उसकी नींव पर निर्भर करती है, उसी प्रकार समाज की नींव श्रमिक वर्ग है। यदि यह नींव मजबूत है, तभी विकास संभव है।” उन्होंने किसानों, कारखानों में काम करने वाले मजदूरों और निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों के योगदान को अमूल्य बताते हुए कहा कि इनके बिना जीवन की मूलभूत सुविधाएं भी संभव नहीं हैं। बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े ने मजदूर दिवस के इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत में यह दिवस पहली बार वर्ष 1923 में मनाया गया था। यह दिन श्रमिकों की एकजुटता, उनके अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के संकल्प का भी है।

उन्होंने आगे कहा कि समाज को हर छोटे-बड़े कार्य का सम्मान करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि श्रमिकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य और सम्मान मिले। “राष्ट्र के विकास में श्रमिकों का योगदान अमूल्य है, और उनके बिना कोई भी व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल सकती,” उन्होंने स्पष्ट किया।

अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी श्रमिक जीवन से जुड़े रहे हैं और कठिन परिश्रम के बल पर आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि “मजदूर में इतनी ताकत है कि पूरी दुनिया उन्हीं के भरोसे चलती है—सड़क, कोयला, परिवहन, हर व्यवस्था उनके श्रम पर टिकी है।”

अंत में उन्होंने सभी नागरिकों, श्रमिकों और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उनका संबोधन श्रमिकों के सम्मान, एकता और समाज में उनकी अहम भूमिका को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता नजर आया।

सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार ने अपने विचार रखते हुए श्रमिकों की भूमिका को औद्योगिक विकास की आधारशिला बताया। - उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान या उद्योग की प्रगति श्रमिकों की मेहनत और समर्पण पर निर्भर करती है। “श्रमिक केवल काम करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि संगठन की रीढ़ होता है। उनकी मेहनत से ही उत्पादन, विकास और व्यवस्था का संचालन संभव हो पाता है,” उन्होंने स्पष्ट किया।

संजय कुमार ने आगे कहा कि मजदूर दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रमिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने श्रमिकों के कठिन परिश्रम, अनुशासन और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि एसईसीएल जैसे संस्थानों की सफलता के पीछे श्रमिकों का अथक योगदान है।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रबंधन हमेशा श्रमिकों के हितों और सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। “हमारा प्रयास रहता है कि श्रमिकों को बेहतर कार्य वातावरण, सुरक्षा सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से अपना कार्य कर सकें,” उन्होंने कहा।

सह क्षेत्र प्रबंधक ने श्रमिकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पूरी निष्ठा से पालन करें और संगठन की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाएं। अंत में उन्होंने सभी श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन श्रमिकों के मनोबल को बढ़ाने और उनके योगदान को पहचान देने का सशक्त माध्यम हैं।


संवाददाता - सौरभ साहू  (चरचा कालरी जिला कोरिया छत्तीसगढ़)

कोरिया चरचा कॉलरी। दिनांक 1 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर नगर पालिका शिवपुर चरचा में श्रमिकों के सम्मान और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। चरचा ईस्ट मार्ग पर निर्मित श्रमिक परिसर का 1 मई को भव्य लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और श्रमिकों में विशेष उत्साह नजर आया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भैयालाल राजवाड़े, रहे, जिन्होंने श्रमिकों के योगदान को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए उनके सम्मान और कल्याण के लिए ऐसे प्रयासों को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्ग की मेहनत से ही विकास की गाड़ी आगे बढ़ती है, इसलिए उनके लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

कार्यक्रम में सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं अति विशिष्ट अतिथियों में नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश सिंह, मंडल अध्यक्ष दीपा विश्वकर्मा, पूर्व मंडल अध्यक्ष अभिमन्यु मुदुली सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं पार्षदगण मौजूद रहे। आयोजन की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष अरुण जयसवाल ने की। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके बाद श्रमिक चौक में स्थापित श्रमिक प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया, जो श्रमिकों के सम्मान का प्रतीक बनकर क्षेत्र में स्थापित हो गई है। नगर पालिका एवं एसईसीएल चरचा आरओ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों पर भी मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में आयोजन किए गए, जहां श्रमिकों के योगदान को सम्मानित किया गया। इस दौरान एसईसीएल से सेवानिवृत्त श्रमिकों आर.एन. राय, महेश यादव, पी.सी. पाण्डेय, विजय नाथ सिंह और श्याम नारायण यादव को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन की जिम्मेदारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी,, वशिष्ठ कुमार ओझा एवं आलोक चक्रधारी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक निभाई गई। वहीं साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की निगरानी सफाई निरीक्षक हरीश जयसवाल द्वारा की गई। कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम सुनिश्चित किए गए थे।

इस अवसर पर नगर पालिका और एसईसीएल के बड़ी संख्या में श्रमिक, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने न केवल श्रमिकों के सम्मान को नई ऊंचाई दी, बल्कि समाज में उनके योगदान के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई।

मजदूर दिवस पर विधायक भईया लाल राजवाड़े का संबोधन: “हर व्यक्ति पहले श्रमिक, बाद में अधिकारी - अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित श्रमिक परिसर लोकार्पण समारोह में क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भईयालाल राजवाड़े ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन से कार्यक्रम को विशेष बना दिया। उन्होंने श्रमिकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “आज का दिन हम सभी के लिए सौभाग्य का दिन है। हम सब पहले श्रमिक हैं, उसके बाद ही अधिकारी या कर्मचारी हैं।”

उन्होंने कहा कि मजदूर दिवस का यह आयोजन भले ही पहले होना चाहिए था, लेकिन “देर आए दुरुस्त आए” की भावना के साथ इसका आयोजन सराहनीय है। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों और खासकर महिलाओं की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति जो श्रम करता है, वह मजदूर है चाहे वह घर का कार्य हो या बाहर का।

अपने संबोधन में उन्होंने समाज की संरचना को श्रमिकों से जोड़ते हुए एक सशक्त उदाहरण दिया “किसी भी इमारत की मजबूती उसकी नींव पर निर्भर करती है, उसी प्रकार समाज की नींव श्रमिक वर्ग है। यदि यह नींव मजबूत है, तभी विकास संभव है।” उन्होंने किसानों, कारखानों में काम करने वाले मजदूरों और निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों के योगदान को अमूल्य बताते हुए कहा कि इनके बिना जीवन की मूलभूत सुविधाएं भी संभव नहीं हैं। बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े ने मजदूर दिवस के इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत में यह दिवस पहली बार वर्ष 1923 में मनाया गया था। यह दिन श्रमिकों की एकजुटता, उनके अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के संकल्प का भी है।

उन्होंने आगे कहा कि समाज को हर छोटे-बड़े कार्य का सम्मान करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि श्रमिकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य और सम्मान मिले। “राष्ट्र के विकास में श्रमिकों का योगदान अमूल्य है, और उनके बिना कोई भी व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल सकती,” उन्होंने स्पष्ट किया।

अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी श्रमिक जीवन से जुड़े रहे हैं और कठिन परिश्रम के बल पर आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि “मजदूर में इतनी ताकत है कि पूरी दुनिया उन्हीं के भरोसे चलती है—सड़क, कोयला, परिवहन, हर व्यवस्था उनके श्रम पर टिकी है।”

अंत में उन्होंने सभी नागरिकों, श्रमिकों और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उनका संबोधन श्रमिकों के सम्मान, एकता और समाज में उनकी अहम भूमिका को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता नजर आया।

सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार ने अपने विचार रखते हुए श्रमिकों की भूमिका को औद्योगिक विकास की आधारशिला बताया। - उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान या उद्योग की प्रगति श्रमिकों की मेहनत और समर्पण पर निर्भर करती है। “श्रमिक केवल काम करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि संगठन की रीढ़ होता है। उनकी मेहनत से ही उत्पादन, विकास और व्यवस्था का संचालन संभव हो पाता है,” उन्होंने स्पष्ट किया।

संजय कुमार ने आगे कहा कि मजदूर दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रमिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने श्रमिकों के कठिन परिश्रम, अनुशासन और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि एसईसीएल जैसे संस्थानों की सफलता के पीछे श्रमिकों का अथक योगदान है।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रबंधन हमेशा श्रमिकों के हितों और सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। “हमारा प्रयास रहता है कि श्रमिकों को बेहतर कार्य वातावरण, सुरक्षा सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से अपना कार्य कर सकें,” उन्होंने कहा।

सह क्षेत्र प्रबंधक ने श्रमिकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पूरी निष्ठा से पालन करें और संगठन की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाएं। अंत में उन्होंने सभी श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन श्रमिकों के मनोबल को बढ़ाने और उनके योगदान को पहचान देने का सशक्त माध्यम हैं।


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