पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान हो रहा है. इन केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे. इनमें से 11 बूथ मगराहाट पश्चिम और 4 बूथ डायमंड हार्बर में हैं. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक री-पोलिंग के दौरान दोपहर 1 बजे तक 55.57% मतदान दर्ज किया गया है. मगराहाट पश्चिम सीट के चार बूथों पर 1 बजे तक 56.33% और डायमंड हार्बर सीट के 11 बूथों पर 1 बजे तक 54.9 % मतदान हुआ है.
बीजेपी ने इन मतदान केंद्रों पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे, जिसका संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने इन सभी जगहों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला किया है. बीजेपी ने आरोप लगाया था कि फलता इलाके में एक मतदान केंद्र पर ईवीएम में कमल के फूल निशान वाले बटन पर टेप लगाकर उसे छिपाने की कोशिश की गई. इसका फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस संबंध में मतदाताओं और राजनीतिक दलों की ओर से शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं, जिनमें ईवीएम से छेड़छाड़, बूथ कैप्चरिंग और धांधली के आरोप लगाए गए.
सूत्रों के मुताबिक, फलता विधानसभा क्षेत्र के 30 और बूथों पर भी पुनर्मतदान हो सकता है, जिस पर चुनाव आयोग का फैसला आना बाकी है. इन बूथों पर मतदान 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में हुआ था, लेकिन चुनाव आयोग ने अब जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत इसे रद्द कर दिया है. यह प्रावधान चुनाव आयोग को अधिकार देता है कि अगर किसी मतदान केंद्र पर गंभीर गड़बड़ी- जैसे ईवीएम में खराबी, बूथ कैप्चरिंग, हिंसा या प्रक्रिया में उल्लंघन होता है, तो वह मतदान को निरस्त कर दोबारा मतदान करा सकता है.
मगराहाट और डायमंड हार्बर सीट के कुछ मतदान केंद्रों पर री-पोलिंग के दौरान शनिवार को फलता विधानसभा सीट एक बूथ पर भी स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. लोगों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता उन्हें धमका रहे हैं. इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. इसे लेकर लोगों ने सड़क जाम किया और री-पोलिंग की मांग की. लोगों का आरोप है कि स्थानीय टीएमसी विधायक जहांगीर खान के लोगों ने दोपहर 3 बजे के बाद उन्हें वोट करने से रोका और डराया धमकाया. एक स्थानीय महिला ने कहा, 'टीएमसी के इसराफिल चौकीदार ने हमें धमकी दी है कि अगर ये लोग जीत गए तो हमारे घर जला दिए जाएंगे और खून-खराबा किया जाएगा.' एक अन्य महिला ने कहा, 'हम पर हमला किया गया. इसराफिल चौकीदार ने हमें धमकाया है. हम चाहते हैं कि उसे गिरफ्तार किया जाए और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.'
पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान हो रहा है. इन केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे. इनमें से 11 बूथ मगराहाट पश्चिम और 4 बूथ डायमंड हार्बर में हैं. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक री-पोलिंग के दौरान दोपहर 1 बजे तक 55.57% मतदान दर्ज किया गया है. मगराहाट पश्चिम सीट के चार बूथों पर 1 बजे तक 56.33% और डायमंड हार्बर सीट के 11 बूथों पर 1 बजे तक 54.9 % मतदान हुआ है.
बीजेपी ने इन मतदान केंद्रों पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे, जिसका संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने इन सभी जगहों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला किया है. बीजेपी ने आरोप लगाया था कि फलता इलाके में एक मतदान केंद्र पर ईवीएम में कमल के फूल निशान वाले बटन पर टेप लगाकर उसे छिपाने की कोशिश की गई. इसका फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस संबंध में मतदाताओं और राजनीतिक दलों की ओर से शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं, जिनमें ईवीएम से छेड़छाड़, बूथ कैप्चरिंग और धांधली के आरोप लगाए गए.
सूत्रों के मुताबिक, फलता विधानसभा क्षेत्र के 30 और बूथों पर भी पुनर्मतदान हो सकता है, जिस पर चुनाव आयोग का फैसला आना बाकी है. इन बूथों पर मतदान 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में हुआ था, लेकिन चुनाव आयोग ने अब जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत इसे रद्द कर दिया है. यह प्रावधान चुनाव आयोग को अधिकार देता है कि अगर किसी मतदान केंद्र पर गंभीर गड़बड़ी- जैसे ईवीएम में खराबी, बूथ कैप्चरिंग, हिंसा या प्रक्रिया में उल्लंघन होता है, तो वह मतदान को निरस्त कर दोबारा मतदान करा सकता है.
मगराहाट और डायमंड हार्बर सीट के कुछ मतदान केंद्रों पर री-पोलिंग के दौरान शनिवार को फलता विधानसभा सीट एक बूथ पर भी स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. लोगों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता उन्हें धमका रहे हैं. इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. इसे लेकर लोगों ने सड़क जाम किया और री-पोलिंग की मांग की. लोगों का आरोप है कि स्थानीय टीएमसी विधायक जहांगीर खान के लोगों ने दोपहर 3 बजे के बाद उन्हें वोट करने से रोका और डराया धमकाया. एक स्थानीय महिला ने कहा, 'टीएमसी के इसराफिल चौकीदार ने हमें धमकी दी है कि अगर ये लोग जीत गए तो हमारे घर जला दिए जाएंगे और खून-खराबा किया जाएगा.' एक अन्य महिला ने कहा, 'हम पर हमला किया गया. इसराफिल चौकीदार ने हमें धमकाया है. हम चाहते हैं कि उसे गिरफ्तार किया जाए और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.'



Journalist खबरीलाल













