रायपुर. पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे बहुआयामी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर रवि साहू और उसके परिवार की लगभग 7 करोड़ 66 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों पर SAFEMA/NDPS Act के तहत कार्रवाई करते हुए सक्षम प्राधिकारी, मुंबई ने फ्रीजिंग आदेश को कन्फर्म कर दिया है।
मुख्य आरोपी रवि साहू, निवासी गांधीनगर कालीबाड़ी रायपुर, को 17 किलो 882 ग्राम गांजा तस्करी मामले में विशेष एनडीपीएस कोर्ट द्वारा पहले ही 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जा चुकी है। कार्रवाई के दायरे में उसकी पत्नी शशि साहू और पुत्र को भी शामिल किया गया है।
जांच में पाया गया कि आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर रायपुर व अभनपुर क्षेत्र में कृषि भूमि, मकान, भवन और कमर्शियल वाहन जैसी कई संपत्तियां हैं, जिनकी कीमत आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक है। पुलिस ने विस्तृत वित्तीय जांच के बाद NDPS Act की धारा 68F के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव SAFEMA प्राधिकरण को भेजा था।
ऑनलाइन सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद 15 मई 2026 को सक्षम प्राधिकारी ने फ्रीजिंग आदेश को पूरी तरह पुष्ट कर दिया। अब इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री या ट्रांसफर बिना अनुमति संभव नहीं होगा।
रायपुर. पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे बहुआयामी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर रवि साहू और उसके परिवार की लगभग 7 करोड़ 66 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों पर SAFEMA/NDPS Act के तहत कार्रवाई करते हुए सक्षम प्राधिकारी, मुंबई ने फ्रीजिंग आदेश को कन्फर्म कर दिया है।
मुख्य आरोपी रवि साहू, निवासी गांधीनगर कालीबाड़ी रायपुर, को 17 किलो 882 ग्राम गांजा तस्करी मामले में विशेष एनडीपीएस कोर्ट द्वारा पहले ही 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जा चुकी है। कार्रवाई के दायरे में उसकी पत्नी शशि साहू और पुत्र को भी शामिल किया गया है।
जांच में पाया गया कि आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर रायपुर व अभनपुर क्षेत्र में कृषि भूमि, मकान, भवन और कमर्शियल वाहन जैसी कई संपत्तियां हैं, जिनकी कीमत आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक है। पुलिस ने विस्तृत वित्तीय जांच के बाद NDPS Act की धारा 68F के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव SAFEMA प्राधिकरण को भेजा था।
ऑनलाइन सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद 15 मई 2026 को सक्षम प्राधिकारी ने फ्रीजिंग आदेश को पूरी तरह पुष्ट कर दिया। अब इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री या ट्रांसफर बिना अनुमति संभव नहीं होगा।



Journalist खबरीलाल














