Breaking News

News (खबरीलाल न्यूज़) : मिडिल ईस्ट संकट गहराया, तेल की कीमतों में और उछाल का अनुमान:

post


khabrilal

 मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कई दिनों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से बंद है। उधर हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब के लिए समुद्री रूट पर बंदी के कारण लाल सागर (Red Sea) के रास्ते एक्सपोर्ट को लेकर चिंताए बढ़ चुकी हैं। इसका असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। पिछले एक हफ्ते से कच्चे तेल में जारी तेजी के बीच यह 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है।

तेल की बढ़ती कीमतों ने पहले ही वैश्विक चिंताओं को चरम पर पहुंचा दिया है। इसी बीच अब विदेश से एक ऐसी चेतावनी आई है, जो डराने वाली है। दरअसल, गोल्डमैन सैश ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर के पार जा सकता है।

गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुए संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में काफी उथल-पुथल की स्थिति बनी हुई है। गुरुवार, को खबर लिखे जाने तक इंटरनेशनल ऑयल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है ब्रेंट क्रूड ऑयल प्राइस (Brent Crude Oil Price) 95.95 डॉलर प्रति बैरल के हिसाब से ट्रेड कर रहा है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, गोल्डमैन ने अपने एक नोट का हवाला देते हुए कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से गुड़्स ट्रांस्पोर्टेशन में किसी तरह की बाधा जारी रहती है, तो फिर चौथी तिमाही तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले मार्च-अप्रैल महीने में जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग तेज हुआ था, तो कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर तक पहुंच गईं थी।

दिग्गज इन्वेंस्टमेंट बैंक गोल्मैन सैश के एनालिस्ट ने डान स्ट्रुवेन के नेतृत्व में कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से बढ़ने और फारस की खाड़ी से अनुमानित ऑयल फ्लो के युद्ध से पहले के स्तरों के 45 प्रतिशत से नीचे गिरने से तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि कच्चे तेल का भाव 120 डॉलर के पार निकलने के इन अनुमानों के लिए रिस्क हाई हैं, जो होर्मुज में लगातार बाधा और लाल सागर में एक्सपोर्ट पर संकट की संभावना को दर्शाता है।

इसके अलावा गोल्डमैन ने वेस्ट एशिया में संघर्ष कम होने की स्थिती में चौथी तिमाही में ब्रेंट का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल और अगले साल 75 डॉलर प्रति बैरल तक टूटने का भी अनुमाना लगाया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट आने से कच्चे तेल के कार्गो को ग्लोबल खरीदारों तक पहुंचाने में लाल सागर की भूमिक अहम हो गई है। जहां यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब पर एक्शन ने इस समुद्री रास्ते को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।



khabrilal

 मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कई दिनों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से बंद है। उधर हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब के लिए समुद्री रूट पर बंदी के कारण लाल सागर (Red Sea) के रास्ते एक्सपोर्ट को लेकर चिंताए बढ़ चुकी हैं। इसका असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। पिछले एक हफ्ते से कच्चे तेल में जारी तेजी के बीच यह 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है।

तेल की बढ़ती कीमतों ने पहले ही वैश्विक चिंताओं को चरम पर पहुंचा दिया है। इसी बीच अब विदेश से एक ऐसी चेतावनी आई है, जो डराने वाली है। दरअसल, गोल्डमैन सैश ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर के पार जा सकता है।

गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुए संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में काफी उथल-पुथल की स्थिति बनी हुई है। गुरुवार, को खबर लिखे जाने तक इंटरनेशनल ऑयल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है ब्रेंट क्रूड ऑयल प्राइस (Brent Crude Oil Price) 95.95 डॉलर प्रति बैरल के हिसाब से ट्रेड कर रहा है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, गोल्डमैन ने अपने एक नोट का हवाला देते हुए कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से गुड़्स ट्रांस्पोर्टेशन में किसी तरह की बाधा जारी रहती है, तो फिर चौथी तिमाही तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले मार्च-अप्रैल महीने में जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग तेज हुआ था, तो कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर तक पहुंच गईं थी।

दिग्गज इन्वेंस्टमेंट बैंक गोल्मैन सैश के एनालिस्ट ने डान स्ट्रुवेन के नेतृत्व में कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से बढ़ने और फारस की खाड़ी से अनुमानित ऑयल फ्लो के युद्ध से पहले के स्तरों के 45 प्रतिशत से नीचे गिरने से तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि कच्चे तेल का भाव 120 डॉलर के पार निकलने के इन अनुमानों के लिए रिस्क हाई हैं, जो होर्मुज में लगातार बाधा और लाल सागर में एक्सपोर्ट पर संकट की संभावना को दर्शाता है।

इसके अलावा गोल्डमैन ने वेस्ट एशिया में संघर्ष कम होने की स्थिती में चौथी तिमाही में ब्रेंट का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल और अगले साल 75 डॉलर प्रति बैरल तक टूटने का भी अनुमाना लगाया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट आने से कच्चे तेल के कार्गो को ग्लोबल खरीदारों तक पहुंचाने में लाल सागर की भूमिक अहम हो गई है। जहां यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब पर एक्शन ने इस समुद्री रास्ते को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।


...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner