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CG (खबरीलाल न्यूज़) : छत्तीसगढ़ अपनी पहली राजकीय तितली चुनने की ओर: आमजन से मांगे गए सुझाव, 31 अगस्त तक करें मतदान:

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  • वनमंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा नया आयाम, गूगल फॉर्म के माध्यम से अपनी पसंद की राजकीय तितली चुन सकेंगे नागरिक

रायपुर । छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण और तितलियों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने राज्य की पहली "राजकीय तितली" घोषित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत प्रदेशवासियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन जनमत (वोटिंग) आमंत्रित किया है।

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से राजकीय तितली का चयन होने से लोगों में प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ेगी तथा जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को नया बल मिलेगा।

राजकीय तितली के चयन के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने वैज्ञानिक एवं पारिस्थितिक मानकों के आधार पर तीन तितली प्रजातियों का चयन किया है—

  1. Common Banded Peacock (कॉमन बैंडेड पीकॉक)
  2. Orange Oakleaf (ऑरेंज ओकलीफ)
  3. Spot Swordtail (स्पॉट स्वोर्डटेल)

इन प्रजातियों का चयन उनके पारिस्थितिक महत्व, छत्तीसगढ़ में उपलब्धता, संरक्षण मूल्य, विशिष्टता (Uniqueness), पहचान की सरलता तथा जनसामान्य में आकर्षण (Charisma) जैसे महत्वपूर्ण मानदंडों के आधार पर किया गया है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने नागरिकों की राय प्राप्त करने के लिए गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन मतदान प्रारंभ किया है। प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपनी पसंद की तितली के पक्ष में मतदान कर सकता है। मतदान की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

प्राप्त जनमत तथा विशेषज्ञ समिति की अनुशंसाओं के आधार पर राज्य की राजकीय तितली के नाम का अंतिम प्रस्ताव तैयार कर नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रदेश के सभी नागरिकों, विद्यार्थियों, प्रकृति प्रेमियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों से इस जनभागीदारी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होने और अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने की अपील की है, ताकि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता के इस महत्वपूर्ण प्रतीक का चयन व्यापक जनसहभागिता के साथ किया जा सके।

मतदान करें



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  • वनमंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा नया आयाम, गूगल फॉर्म के माध्यम से अपनी पसंद की राजकीय तितली चुन सकेंगे नागरिक

रायपुर । छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण और तितलियों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने राज्य की पहली "राजकीय तितली" घोषित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत प्रदेशवासियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन जनमत (वोटिंग) आमंत्रित किया है।

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से राजकीय तितली का चयन होने से लोगों में प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ेगी तथा जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को नया बल मिलेगा।

राजकीय तितली के चयन के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने वैज्ञानिक एवं पारिस्थितिक मानकों के आधार पर तीन तितली प्रजातियों का चयन किया है—

  1. Common Banded Peacock (कॉमन बैंडेड पीकॉक)
  2. Orange Oakleaf (ऑरेंज ओकलीफ)
  3. Spot Swordtail (स्पॉट स्वोर्डटेल)

इन प्रजातियों का चयन उनके पारिस्थितिक महत्व, छत्तीसगढ़ में उपलब्धता, संरक्षण मूल्य, विशिष्टता (Uniqueness), पहचान की सरलता तथा जनसामान्य में आकर्षण (Charisma) जैसे महत्वपूर्ण मानदंडों के आधार पर किया गया है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने नागरिकों की राय प्राप्त करने के लिए गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन मतदान प्रारंभ किया है। प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपनी पसंद की तितली के पक्ष में मतदान कर सकता है। मतदान की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

प्राप्त जनमत तथा विशेषज्ञ समिति की अनुशंसाओं के आधार पर राज्य की राजकीय तितली के नाम का अंतिम प्रस्ताव तैयार कर नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रदेश के सभी नागरिकों, विद्यार्थियों, प्रकृति प्रेमियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों से इस जनभागीदारी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होने और अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने की अपील की है, ताकि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता के इस महत्वपूर्ण प्रतीक का चयन व्यापक जनसहभागिता के साथ किया जा सके।

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