
'चलो संसद' मार्च के तीन दिन बाद बॉलीवुड एक्टर आर. माधवन ने अब एक पोस्ट शेयर कर छात्र आंदोलन पर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपने इस पोस्ट में कहा है कि हर छात्र निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता पर आधारित व्यवस्था का हकदार है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सरकारी प्रणाली में लोगों के विश्वास को कमजोर करती हैं। हालांकि, जो लोग माधवन को आइडियल मानते थे और उनकी हमेशा तारीफ किया करते थे, उन्हीं लोगों ने उनके इस पोस्ट पर जमकर आलोचना की है।
इंस्टाग्राम पर जारी एक बयान में माधवन ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सपोर्ट किया और सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एक्टर ने कहा, 'एजुकेशन में हमारे देश के भविष्य को आकार देने की शक्ति है और हर छात्र निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता पर आधारित व्यवस्था का हकदार है। हमेशा भारत के युवाओं की असीम क्षमता पर विश्वास करने वाले व्यक्ति के रूप में, मैं आज अनेक छात्रों और अभिभावकों की चिंता तथा निराशा को समझता हूं। शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो आत्मविश्वास, निष्पक्षता और समान अवसर की भावना को मजबूत करे।'
'3 इडियट्स' फिल्म के एक्टर ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं के लिए इतनी सख्त और स्पष्ट सजा होनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी युवाओं के भविष्य को खतरे में डालने का साहस न कर सके।
उन्होंने कहा कि इस मामले में अतीत की कमियों को स्वीकार किए जाने के बाद मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएगी, व्यवस्था को मजबूत करेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को बनाए रखेगी।
माधवन ने युवाओं के नाम संदेश में कहा, 'मैं शांतिपूर्ण तरीके से सार्थक सुधारों की मांग कर रहे लोगों के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना करता हूं। साथ ही, मैं सभी से उन स्वार्थी तत्वों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह करता हूं जो इस आंदोलन को अपने कब्जे में लेकर इसके वास्तविक उद्देश्य से भटकाने की कोशिश कर सकते हैं।'
एक्टर का यह बयान 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में हजारों छात्रों द्वारा निकाले गए 'चलो संसद' मार्च के तीन दिन बाद आया है। यह मार्च नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।
हालांकि, माधवन के इस पोस्ट के साथ ही लोगों का गुस्सा उनपर फूट पड़ा। करीब 6 जून से इस आंदोलन की शुरुआत हो चुकी थी और 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च निकाला गया। अब इतने दिनों बाद माधवन के इस पोस्ट ने लोगों के गुस्से को भड़का दिया है। एक यूजर ने कहा- सचमुच? अब? इतने समय बाद? वहीं एक और शख्स ने कहा- आप तो हद से ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। यकीन नहीं होता कि मैं टीनेज में आपको अपना आदर्श मानती थी। एक अन्य यूजर ने कहा- बहुत देर हो गई भाई, बहुत देर हो गई।
एक अन्य य़ूजर ने कहा- मुझे आप पर बहुत गर्व है, आपने बिना रीढ़ की हड्डी के इतनी लंबी दूरी तय कर ली! एक और सोशल मीडिया यूजर ने कहा- बिना रीढ़ की हड्डी के जीना कैसा लगता है आपको? एक ने कहा, 'डर सबको लगता है, गला सबको सूखता है। असल जिंदगी में वीरता, फिल्मी सितारों की वीरता से बिलकुल अलग होती है। सोनम सर पिछले 30 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, और 3 इडियट्स की कास्ट का एक भी सदस्य सामने नहीं आया है। जबकि फिल्म सोनम सर के नाम से बनी थी और सबने इसकी बॉक्स ऑफिस सफलता का जश्न मनाया और आनंद लिया। आमिर तो बोला भी नहीं और कह दिया कि फिल्म तो सोनम सर पर आधारित है भी नहीं। असल जिंदगी में, बोलने के लिए हिम्मत चाहिए होती है। आप दर्जनों राष्ट्रीय पुरस्कार जीत सकते हैं। लेकिन चुप रहना ही आपको फिल्मी सितारा बनाता है।'
एक और यूजर ने अपनी बात रखते हुए कहा, 'मैं आपका फैन हूं, आपने जो पोस्ट किया है, वह एक तरह से जवाबदेही मांगने जैसा है, बिना कोई ठोस सवाल पूछे। हम समझते हैं कि आप इस सरकार को पसंद करते हैं, लेकिन एक सार्वजनिक हस्ती होने के नाते कृपया ठोस सवाल पूछें। गंभीर कार्रवाई की मांग करें।' एक अन्य ने कहा- इसमें कोई हैरानी की बात नहीं कि आप दुबई चले गए। कुछ ने कहा- अब आपका ये सपोर्ट हमें मंजूर नहीं है।

'चलो संसद' मार्च के तीन दिन बाद बॉलीवुड एक्टर आर. माधवन ने अब एक पोस्ट शेयर कर छात्र आंदोलन पर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपने इस पोस्ट में कहा है कि हर छात्र निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता पर आधारित व्यवस्था का हकदार है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सरकारी प्रणाली में लोगों के विश्वास को कमजोर करती हैं। हालांकि, जो लोग माधवन को आइडियल मानते थे और उनकी हमेशा तारीफ किया करते थे, उन्हीं लोगों ने उनके इस पोस्ट पर जमकर आलोचना की है।
इंस्टाग्राम पर जारी एक बयान में माधवन ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सपोर्ट किया और सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एक्टर ने कहा, 'एजुकेशन में हमारे देश के भविष्य को आकार देने की शक्ति है और हर छात्र निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता पर आधारित व्यवस्था का हकदार है। हमेशा भारत के युवाओं की असीम क्षमता पर विश्वास करने वाले व्यक्ति के रूप में, मैं आज अनेक छात्रों और अभिभावकों की चिंता तथा निराशा को समझता हूं। शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो आत्मविश्वास, निष्पक्षता और समान अवसर की भावना को मजबूत करे।'
'3 इडियट्स' फिल्म के एक्टर ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं के लिए इतनी सख्त और स्पष्ट सजा होनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी युवाओं के भविष्य को खतरे में डालने का साहस न कर सके।
उन्होंने कहा कि इस मामले में अतीत की कमियों को स्वीकार किए जाने के बाद मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएगी, व्यवस्था को मजबूत करेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को बनाए रखेगी।
माधवन ने युवाओं के नाम संदेश में कहा, 'मैं शांतिपूर्ण तरीके से सार्थक सुधारों की मांग कर रहे लोगों के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना करता हूं। साथ ही, मैं सभी से उन स्वार्थी तत्वों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह करता हूं जो इस आंदोलन को अपने कब्जे में लेकर इसके वास्तविक उद्देश्य से भटकाने की कोशिश कर सकते हैं।'
एक्टर का यह बयान 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में हजारों छात्रों द्वारा निकाले गए 'चलो संसद' मार्च के तीन दिन बाद आया है। यह मार्च नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।
हालांकि, माधवन के इस पोस्ट के साथ ही लोगों का गुस्सा उनपर फूट पड़ा। करीब 6 जून से इस आंदोलन की शुरुआत हो चुकी थी और 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च निकाला गया। अब इतने दिनों बाद माधवन के इस पोस्ट ने लोगों के गुस्से को भड़का दिया है। एक यूजर ने कहा- सचमुच? अब? इतने समय बाद? वहीं एक और शख्स ने कहा- आप तो हद से ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। यकीन नहीं होता कि मैं टीनेज में आपको अपना आदर्श मानती थी। एक अन्य यूजर ने कहा- बहुत देर हो गई भाई, बहुत देर हो गई।
एक अन्य य़ूजर ने कहा- मुझे आप पर बहुत गर्व है, आपने बिना रीढ़ की हड्डी के इतनी लंबी दूरी तय कर ली! एक और सोशल मीडिया यूजर ने कहा- बिना रीढ़ की हड्डी के जीना कैसा लगता है आपको? एक ने कहा, 'डर सबको लगता है, गला सबको सूखता है। असल जिंदगी में वीरता, फिल्मी सितारों की वीरता से बिलकुल अलग होती है। सोनम सर पिछले 30 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, और 3 इडियट्स की कास्ट का एक भी सदस्य सामने नहीं आया है। जबकि फिल्म सोनम सर के नाम से बनी थी और सबने इसकी बॉक्स ऑफिस सफलता का जश्न मनाया और आनंद लिया। आमिर तो बोला भी नहीं और कह दिया कि फिल्म तो सोनम सर पर आधारित है भी नहीं। असल जिंदगी में, बोलने के लिए हिम्मत चाहिए होती है। आप दर्जनों राष्ट्रीय पुरस्कार जीत सकते हैं। लेकिन चुप रहना ही आपको फिल्मी सितारा बनाता है।'
एक और यूजर ने अपनी बात रखते हुए कहा, 'मैं आपका फैन हूं, आपने जो पोस्ट किया है, वह एक तरह से जवाबदेही मांगने जैसा है, बिना कोई ठोस सवाल पूछे। हम समझते हैं कि आप इस सरकार को पसंद करते हैं, लेकिन एक सार्वजनिक हस्ती होने के नाते कृपया ठोस सवाल पूछें। गंभीर कार्रवाई की मांग करें।' एक अन्य ने कहा- इसमें कोई हैरानी की बात नहीं कि आप दुबई चले गए। कुछ ने कहा- अब आपका ये सपोर्ट हमें मंजूर नहीं है।


Journalist खबरीलाल















