Breaking News

CG (खबरीलाल न्यूज़) : सूरजपुर में भूमि अधिग्रहण के विरोध ने लिया हिंसक रूप, DSP समेत 24 पुलिसकर्मी घायल:

post


khabrilal

 सूरजपुर . भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई ने शुक्रवार को सूरजपुर के प्रतापपुर क्षेत्र को हिंसा की आग में झोंक दिया। मदननगर-धरमपुर में प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही विरोध कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस पर अचानक पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र में बदल गया। पत्थरों की बौछार में डीएसपी समेत 24 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जबकि कई जवानों को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और प्रशासनिक अमले को अपनी जान बचाकर पीछे हटना पड़ा। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। प्रशासन ने तत्काल पांच जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है और हालात पर वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

बताया जा रहा है कि भूमि अधिग्रहण और सर्वे को लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी थी। प्रशासन की कार्रवाई शुरू होते ही विरोध हिंसक हो गया और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई। हालात को देखते हुए अधिग्रहण की कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विवाद पहले से था, तो क्या प्रशासन ने पर्याप्त संवाद और सुरक्षा की तैयारी की थी? फिलहाल पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रही है।



khabrilal

 सूरजपुर . भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई ने शुक्रवार को सूरजपुर के प्रतापपुर क्षेत्र को हिंसा की आग में झोंक दिया। मदननगर-धरमपुर में प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही विरोध कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस पर अचानक पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र में बदल गया। पत्थरों की बौछार में डीएसपी समेत 24 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जबकि कई जवानों को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और प्रशासनिक अमले को अपनी जान बचाकर पीछे हटना पड़ा। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। प्रशासन ने तत्काल पांच जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है और हालात पर वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

बताया जा रहा है कि भूमि अधिग्रहण और सर्वे को लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी थी। प्रशासन की कार्रवाई शुरू होते ही विरोध हिंसक हो गया और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई। हालात को देखते हुए अधिग्रहण की कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विवाद पहले से था, तो क्या प्रशासन ने पर्याप्त संवाद और सुरक्षा की तैयारी की थी? फिलहाल पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रही है।


...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner