नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के बीच आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा है. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
एक्स पर अपने पोस्ट में सोनम ने लिखा, "यह लोकतंत्र की जीत है. डॉयरेक्ट डेमोक्रेसी... जो सड़कों से निकला है. ये शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. CJP और देश की 'जेन जी' (Gen Z) को बधाई, और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद, जिन्होंने डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज़ उठाई. जवाबदेही से अब सुधार की ओर."
इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है. मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं.
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा - जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. भारत की युवा शक्ति ही इस देश की असली ताकत है. देश की युवा शक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है. जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं. देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री मोदी को भेज दिया है.
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के बीच आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा है. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
एक्स पर अपने पोस्ट में सोनम ने लिखा, "यह लोकतंत्र की जीत है. डॉयरेक्ट डेमोक्रेसी... जो सड़कों से निकला है. ये शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. CJP और देश की 'जेन जी' (Gen Z) को बधाई, और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद, जिन्होंने डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज़ उठाई. जवाबदेही से अब सुधार की ओर."
इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है. मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं.
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा - जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. भारत की युवा शक्ति ही इस देश की असली ताकत है. देश की युवा शक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है. जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं. देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री मोदी को भेज दिया है.


Journalist खबरीलाल















