पहली बार मेधावी विद्यार्थियों के लिए खुले कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार। 15 प्रतिभाशाली छात्रों ने कलेक्टर के साथ साझा किए अपने सपने, मिला सफलता का नया मंत्र।
रायपुर, 26 जुलाई 2026/ कोरिया जिले में शिक्षा और युवा प्रतिभाओं को नई दिशा देने की अनूठी पहल करते हुए कोरिया कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने 25 जुलाई को जिले के मेधावी विद्यार्थियों के लिए द कलेक्टर्स-15 कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को पहचानने, संवारने और उन्हें साकार करने की दिशा में उठाया गया एक प्रेरणादायी कदम है।
इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि इतिहास में पहली बार कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार विद्यार्थियों के लिए खोले गए, जहां सरकारी औपचारिकताओं की जगह आत्मीयता, विश्वास और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला। आकांक्षी विकासखंड बैकुंठपुर के सहयोग से जिले के 15 मेधावी छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के साथ आत्मीय संवाद करते हुए अपने करियर लक्ष्य, संघर्ष, जिज्ञासाएं और भविष्य की योजनाएं साझा कीं।कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, हर सपना खास होता है और उसे सही मार्गदर्शन, मेहनत व आत्मविश्वास की जरूरत होती है। सपने वही पूरे करते हैं, जो चुनौतियों से घबराते नहीं, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बना लेते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ी सोच रखने, निरंतर सीखते रहने, अनुशासन को जीवन का आधार बनाने और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक लाना नहीं, बल्कि जीवन में नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और निर्णय लेने का साहस विकसित करना है।
संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक सेवाओं, उच्च शिक्षा, तकनीकी क्षेत्र, नवाचार, समय प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कलेक्टर ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर प्रयास करने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।द कलेक्टर्स-15 पहल शिक्षा को केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने का एक नवाचार है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रशासन से सीधे जोड़ना, उनके सपनों को नई उड़ान देना, और उनमें नेतृत्व व सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि यदि युवा प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करेंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी रखेंगे।
पहली बार मेधावी विद्यार्थियों के लिए खुले कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार। 15 प्रतिभाशाली छात्रों ने कलेक्टर के साथ साझा किए अपने सपने, मिला सफलता का नया मंत्र।
रायपुर, 26 जुलाई 2026/ कोरिया जिले में शिक्षा और युवा प्रतिभाओं को नई दिशा देने की अनूठी पहल करते हुए कोरिया कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने 25 जुलाई को जिले के मेधावी विद्यार्थियों के लिए द कलेक्टर्स-15 कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को पहचानने, संवारने और उन्हें साकार करने की दिशा में उठाया गया एक प्रेरणादायी कदम है।
इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि इतिहास में पहली बार कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार विद्यार्थियों के लिए खोले गए, जहां सरकारी औपचारिकताओं की जगह आत्मीयता, विश्वास और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला। आकांक्षी विकासखंड बैकुंठपुर के सहयोग से जिले के 15 मेधावी छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के साथ आत्मीय संवाद करते हुए अपने करियर लक्ष्य, संघर्ष, जिज्ञासाएं और भविष्य की योजनाएं साझा कीं।कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, हर सपना खास होता है और उसे सही मार्गदर्शन, मेहनत व आत्मविश्वास की जरूरत होती है। सपने वही पूरे करते हैं, जो चुनौतियों से घबराते नहीं, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बना लेते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ी सोच रखने, निरंतर सीखते रहने, अनुशासन को जीवन का आधार बनाने और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक लाना नहीं, बल्कि जीवन में नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और निर्णय लेने का साहस विकसित करना है।
संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक सेवाओं, उच्च शिक्षा, तकनीकी क्षेत्र, नवाचार, समय प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कलेक्टर ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर प्रयास करने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।द कलेक्टर्स-15 पहल शिक्षा को केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने का एक नवाचार है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रशासन से सीधे जोड़ना, उनके सपनों को नई उड़ान देना, और उनमें नेतृत्व व सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि यदि युवा प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करेंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी रखेंगे।


Journalist खबरीलाल















