
भारत की राजनीति में सत्ता के साथ धनबल और क्राइम का ग्राफ लगातार तेजी से बढ़ रहा है। देश के 31 मुख्यमंत्रियों के चुनावी हलफनामों के विश्लेषण में सामने आया है कि 14 मुख्यमंत्रियों के ऊपर 45 प्रतिशत मामले दर्ज हैं। इनमें से 11 मुख्यमंत्री गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। इन सभी मुख्यमंत्रियों की औसत घोषित संपत्ति 54.42 करोड़ रुपये है।
बेदाग मुख्यमंत्रियों में भगवंत मान
भगवंत सिंह मान कम संपत्ति और बेदाग छवि वाले देश के चुनिंदा मुख्यमंत्रियों के लिस्ट में शामिल हैं। 2022 से अब तक उनके कार्यकाल के दौरान उन पर भ्रष्टाचार के कोई मामले दर्ज नहीं है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। इधर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की 5.80 करोड़ रुपये की संपत्ति उनके खिलाफ कोई केस नहीं है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कुल संपत्ति 7.81 करोड़ रुपये की है। वर्तमान समय में उनके खिलाफ कुल मामले दर्ज हैं। इसके अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सबसे ज्यादा 89 केस दर्ज हैं। वहीं, उनकी संपत्ति की बात करें तो उनके पास लगभग 30 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति है।
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल के सीएम की संपत्ति
देश के सबसे अमीर 4 मुख्यमंत्री
सबसे कम संपत्ति वाले मुख्यमंत्री
इन 4 सीएम पर सबसे ज्यादा केस
- रेवंत रेड्डी- 89 केस
- शुभेंदु अधिकारी- 29 केस
- डीके शिवकुमार- 19 केस
- चंद्रबाबू नायडू- 19 केस
देश में 4 मुख्यमंत्री हैं अरबपति
रिपोर्ट के अनुसार, देश में 4 मुख्यमंत्री अरबपति हैं, जबकि कई मुख्यमंत्रियों पर हत्या, हत्या के प्रयास, भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर धाराओं के मामले लंबित हैं। ताजा रिपोर्ट के आंकड़े को देखकर साफ पता चलता है कि ये नेता धनकुबेर भी हैं। सभी 31 मुख्यमंत्रियों की कुल घोषित संपत्ति का आंकड़ा 3,660 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इस हिसाब से देखा जाये तो देश के एक मुख्यमंत्री की औसत संपत्ति 118.07 करोड़ रुपये है।
- डीके शिवकुमार- कर्नाटक
- चंद्रबाबू नायडू – आंध्र प्रदेश
- सी जोसेफ विजय- तमिलनाडु
- पेमा खांडू- अरुणाचल प्रदेश
मुख्यमंत्रियों का शैक्षिक योग्यता
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के रिपोर्ट के मुताबिक, दो मुख्यमंत्री सिर्फ 10वीं पास हैं, जबकि तीन ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई की है। ग्रेजुएट मुख्यमंत्रियों की संख्या सात है। जबकि ग्रेजुएट प्रोफेशनल सीएम छह हैं। पोस्ट ग्रेजुएट मुख्यमंत्रियों की संख्या 9 है। वहीं, डॉक्टरेट मुख्यमंत्री तीन और डिप्लोमा करने वाले एक मुख्यमंत्री है।

भारत की राजनीति में सत्ता के साथ धनबल और क्राइम का ग्राफ लगातार तेजी से बढ़ रहा है। देश के 31 मुख्यमंत्रियों के चुनावी हलफनामों के विश्लेषण में सामने आया है कि 14 मुख्यमंत्रियों के ऊपर 45 प्रतिशत मामले दर्ज हैं। इनमें से 11 मुख्यमंत्री गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। इन सभी मुख्यमंत्रियों की औसत घोषित संपत्ति 54.42 करोड़ रुपये है।
बेदाग मुख्यमंत्रियों में भगवंत मान
भगवंत सिंह मान कम संपत्ति और बेदाग छवि वाले देश के चुनिंदा मुख्यमंत्रियों के लिस्ट में शामिल हैं। 2022 से अब तक उनके कार्यकाल के दौरान उन पर भ्रष्टाचार के कोई मामले दर्ज नहीं है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। इधर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की 5.80 करोड़ रुपये की संपत्ति उनके खिलाफ कोई केस नहीं है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कुल संपत्ति 7.81 करोड़ रुपये की है। वर्तमान समय में उनके खिलाफ कुल मामले दर्ज हैं। इसके अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सबसे ज्यादा 89 केस दर्ज हैं। वहीं, उनकी संपत्ति की बात करें तो उनके पास लगभग 30 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति है।
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल के सीएम की संपत्ति
देश के सबसे अमीर 4 मुख्यमंत्री
सबसे कम संपत्ति वाले मुख्यमंत्री
इन 4 सीएम पर सबसे ज्यादा केस
- रेवंत रेड्डी- 89 केस
- शुभेंदु अधिकारी- 29 केस
- डीके शिवकुमार- 19 केस
- चंद्रबाबू नायडू- 19 केस
देश में 4 मुख्यमंत्री हैं अरबपति
रिपोर्ट के अनुसार, देश में 4 मुख्यमंत्री अरबपति हैं, जबकि कई मुख्यमंत्रियों पर हत्या, हत्या के प्रयास, भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर धाराओं के मामले लंबित हैं। ताजा रिपोर्ट के आंकड़े को देखकर साफ पता चलता है कि ये नेता धनकुबेर भी हैं। सभी 31 मुख्यमंत्रियों की कुल घोषित संपत्ति का आंकड़ा 3,660 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इस हिसाब से देखा जाये तो देश के एक मुख्यमंत्री की औसत संपत्ति 118.07 करोड़ रुपये है।
- डीके शिवकुमार- कर्नाटक
- चंद्रबाबू नायडू – आंध्र प्रदेश
- सी जोसेफ विजय- तमिलनाडु
- पेमा खांडू- अरुणाचल प्रदेश
मुख्यमंत्रियों का शैक्षिक योग्यता
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के रिपोर्ट के मुताबिक, दो मुख्यमंत्री सिर्फ 10वीं पास हैं, जबकि तीन ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई की है। ग्रेजुएट मुख्यमंत्रियों की संख्या सात है। जबकि ग्रेजुएट प्रोफेशनल सीएम छह हैं। पोस्ट ग्रेजुएट मुख्यमंत्रियों की संख्या 9 है। वहीं, डॉक्टरेट मुख्यमंत्री तीन और डिप्लोमा करने वाले एक मुख्यमंत्री है।


Journalist खबरीलाल















