
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो, बिलासपुर द्वारा शासकीय हाई स्कूल, खमतराई में विद्यार्थियों के बीच मौखिक चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वर्ष 2026 की थीम ‘Hepatitis: Let’s Break It Down’ के माध्यम से हेपेटाइटिस से जुड़े मिथकों को दूर करने, समय पर जांच एवं उपचार कराने तथा बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

विद्यार्थियों को बताया गया कि प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। यह दिवस नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉ. बारूक ब्लमबर्ग की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने हेपेटाइटिस-बी वायरस की खोज तथा इसके टीके के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

चर्चा के दौरान विद्यार्थियों को हेपेटाइटिस के कारण, लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी गई। हेपेटाइटिस-बी से बचाव के लिए टीकाकरण कराने, स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन-पानी का सेवन करने, संक्रमित रक्त और असुरक्षित सुई के उपयोग से बचने, सुरक्षित व्यवहार अपनाने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि हेपेटाइटिस की समय पर पहचान और उपचार से सिरोसिस तथा लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में भारत सरकार की प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही नशा मुक्ति विषय पर जागरूकता बढ़ाते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया गया।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती अलका गौरहा और श्रीमती जया बिसेन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो, बिलासपुर द्वारा शासकीय हाई स्कूल, खमतराई में विद्यार्थियों के बीच मौखिक चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वर्ष 2026 की थीम ‘Hepatitis: Let’s Break It Down’ के माध्यम से हेपेटाइटिस से जुड़े मिथकों को दूर करने, समय पर जांच एवं उपचार कराने तथा बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

विद्यार्थियों को बताया गया कि प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। यह दिवस नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉ. बारूक ब्लमबर्ग की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने हेपेटाइटिस-बी वायरस की खोज तथा इसके टीके के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

चर्चा के दौरान विद्यार्थियों को हेपेटाइटिस के कारण, लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी गई। हेपेटाइटिस-बी से बचाव के लिए टीकाकरण कराने, स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन-पानी का सेवन करने, संक्रमित रक्त और असुरक्षित सुई के उपयोग से बचने, सुरक्षित व्यवहार अपनाने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि हेपेटाइटिस की समय पर पहचान और उपचार से सिरोसिस तथा लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में भारत सरकार की प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही नशा मुक्ति विषय पर जागरूकता बढ़ाते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया गया।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती अलका गौरहा और श्रीमती जया बिसेन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


Journalist खबरीलाल















