थाना : भिलाई नगर, जिला दुर्ग। साइबर ठगी में प्रयुक्त 26 म्यूल बैंक खाताधारकों पर भिलाई नगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सभी आरोपी गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत।। साइबर ठगी में प्रयुक्त लेयर-1 (म्यूल) बैंक खातों की पहचान कर 26 खाताधारकों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी की राशि बैंक खातों में प्राप्त कर अन्य खातों में स्थानांतरित एवं निकासी किए जाने के साक्ष्य प्राप्त हुए।
आरोपियों द्वारा अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक एवं इंटरनेट बैंकिंग सुविधाएं अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराकर साइबर अपराध में सहयोग किया जाना पाया गया। प्रकरण में धारा 318(2), 318(3), 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
दुर्ग पुलिस की अपील :: दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम, ओटीपी अथवा इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी भी व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते में धनराशि प्राप्त कर उसे आगे स्थानांतरित करना भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है, जिसके लिए संबंधित खाताधारक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
साइबर अपराध से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाना में संपर्क करें।
थाना : भिलाई नगर, जिला दुर्ग। साइबर ठगी में प्रयुक्त 26 म्यूल बैंक खाताधारकों पर भिलाई नगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सभी आरोपी गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत।। साइबर ठगी में प्रयुक्त लेयर-1 (म्यूल) बैंक खातों की पहचान कर 26 खाताधारकों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी की राशि बैंक खातों में प्राप्त कर अन्य खातों में स्थानांतरित एवं निकासी किए जाने के साक्ष्य प्राप्त हुए।
आरोपियों द्वारा अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक एवं इंटरनेट बैंकिंग सुविधाएं अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराकर साइबर अपराध में सहयोग किया जाना पाया गया। प्रकरण में धारा 318(2), 318(3), 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
दुर्ग पुलिस की अपील :: दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम, ओटीपी अथवा इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी भी व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते में धनराशि प्राप्त कर उसे आगे स्थानांतरित करना भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है, जिसके लिए संबंधित खाताधारक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
साइबर अपराध से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाना में संपर्क करें।


Journalist खबरीलाल














