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Surajpur (खबरीलाल न्यूज़) :: वादों के पोस्टर चमके, लेकिन सड़क और सफाई बदहाल! दुल्ही तालाब में गंदगी का अंबार, कीचड़ भरी सड़क से स्कूल जाने को मजबूर बच्चे; आखिर कब जागेगा प्रशासन ?:

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khabrilalरिपोर्टर सौरभ साहू की विशेष रिपोर्ट। दिनांक 01/08/2026, लोकेशन : सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। 

सूरजपुर। जिले के मुख्यालय में विकास और स्वच्छता के दावों की जमीनी हकीकत भैयाथान रोड स्थित दुल्ही तालाब और उससे लगी सड़क पर साफ दिखाई देती है। एक ओर सरकार और स्थानीय निकाय शहर को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक बनाने के दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वार्ड क्रमांक 5, 6 और 7 को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क बदहाल पड़ी हुई है। सड़क पर जगह-जगह कीचड़, गड्ढे और जलभराव है, जबकि दुल्ही तालाब के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन दो प्रमुख विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं, शिक्षक, महिलाएं और आम नागरिक गुजरते हैं।

बरसात शुरू होते ही सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है। पैदल चलना मुश्किल हो जाता है, वहीं दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटना का शिकार होने के खतरे से रोज जूझते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आज तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।चुनाव में किए गए वादे, आज भी अधूरे - स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका चुनाव के दौरान अध्यक्ष और जनप्रतिनिधियों ने दुल्ही तालाब क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय, सीसीटीवी कैमरे, बेहतर सड़क, नियमित सफाई और युवाओं के लिए मुफ्त वाई-फाई जैसी कई घोषणाएं की थीं। चुनाव जीतने के बाद ये सभी वादे फाइलों और भाषणों तक ही सीमित रह गए।। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर अब तक कितने सार्वजनिक शौचालय बने? कितने स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए? युवाओं को मुफ्त वाई-फाई की सुविधा कब मिलेगी? यदि इन योजनाओं पर काम नहीं हुआ तो क्या चुनावी वादों को केवल जनता को लुभाने का माध्यम माना जाए?

स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ - दुल्ही तालाब के समीप स्थित इस सड़क से हर दिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे गुजरते हैं। बारिश के दिनों में सड़क कीचड़ और गड्ढों से भर जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजना भी चिंता का विषय बन गया है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही।अधिकारियों की आवाजाही, फिर भी नहीं दिखती बदहाली - विडंबना यह है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन कई अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि भी गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत, जल निकासी और सफाई व्यवस्था को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी केवल निरीक्षण और बैठकों तक सीमित हैं, जबकि धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।

'हमारे रिपोर्टर के द्वारा' ये पहले भी उठाया था मुद्दा - दुल्ही तालाब और बदहाल सड़क की समस्या को राजधानी रिपोर्टर समाचार पत्र पहले भी प्रमुखता से प्रकाशित कर चुका है। खबर के बाद कुछ समय के लिए हलचल तो दिखाई दी, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार केवल खानापूर्ति कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। न सड़क सुधरी, न सफाई व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव आया।

स्वच्छ भारत अभियान पर उठ रहे सवाल - दुल्ही तालाब के आसपास पसरी गंदगी और बदहाल सड़क अब स्वच्छ भारत अभियान की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़े कर रही है। जब जिला मुख्यालय की यह स्थिति है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की व्यवस्था का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। आम लोगों का कहना है कि कागजों में शहर स्वच्छ दिखाई देता है, लेकिन धरातल पर गंदगी, अव्यवस्था और लापरवाही का साम्राज्य कायम है।

जनता का प्रशासन से सीधा सवाल - स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि दुल्ही तालाब क्षेत्र की नियमित सफाई कराई जाए, सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए और चुनाव के दौरान किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

अब सबसे बड़ा सवाल - क्या जिला प्रशासन इस बार भी केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगा, या फिर आम जनता की वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा? फिलहाल सूरजपुर की जनता की निगाहें जिला प्रशासन और नगर पालिका की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



khabrilalरिपोर्टर सौरभ साहू की विशेष रिपोर्ट। दिनांक 01/08/2026, लोकेशन : सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। 

सूरजपुर। जिले के मुख्यालय में विकास और स्वच्छता के दावों की जमीनी हकीकत भैयाथान रोड स्थित दुल्ही तालाब और उससे लगी सड़क पर साफ दिखाई देती है। एक ओर सरकार और स्थानीय निकाय शहर को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक बनाने के दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वार्ड क्रमांक 5, 6 और 7 को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क बदहाल पड़ी हुई है। सड़क पर जगह-जगह कीचड़, गड्ढे और जलभराव है, जबकि दुल्ही तालाब के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन दो प्रमुख विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं, शिक्षक, महिलाएं और आम नागरिक गुजरते हैं।

बरसात शुरू होते ही सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है। पैदल चलना मुश्किल हो जाता है, वहीं दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटना का शिकार होने के खतरे से रोज जूझते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आज तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।चुनाव में किए गए वादे, आज भी अधूरे - स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका चुनाव के दौरान अध्यक्ष और जनप्रतिनिधियों ने दुल्ही तालाब क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय, सीसीटीवी कैमरे, बेहतर सड़क, नियमित सफाई और युवाओं के लिए मुफ्त वाई-फाई जैसी कई घोषणाएं की थीं। चुनाव जीतने के बाद ये सभी वादे फाइलों और भाषणों तक ही सीमित रह गए।। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर अब तक कितने सार्वजनिक शौचालय बने? कितने स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए? युवाओं को मुफ्त वाई-फाई की सुविधा कब मिलेगी? यदि इन योजनाओं पर काम नहीं हुआ तो क्या चुनावी वादों को केवल जनता को लुभाने का माध्यम माना जाए?

स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ - दुल्ही तालाब के समीप स्थित इस सड़क से हर दिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे गुजरते हैं। बारिश के दिनों में सड़क कीचड़ और गड्ढों से भर जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजना भी चिंता का विषय बन गया है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही।अधिकारियों की आवाजाही, फिर भी नहीं दिखती बदहाली - विडंबना यह है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन कई अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि भी गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत, जल निकासी और सफाई व्यवस्था को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी केवल निरीक्षण और बैठकों तक सीमित हैं, जबकि धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।

'हमारे रिपोर्टर के द्वारा' ये पहले भी उठाया था मुद्दा - दुल्ही तालाब और बदहाल सड़क की समस्या को राजधानी रिपोर्टर समाचार पत्र पहले भी प्रमुखता से प्रकाशित कर चुका है। खबर के बाद कुछ समय के लिए हलचल तो दिखाई दी, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार केवल खानापूर्ति कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। न सड़क सुधरी, न सफाई व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव आया।

स्वच्छ भारत अभियान पर उठ रहे सवाल - दुल्ही तालाब के आसपास पसरी गंदगी और बदहाल सड़क अब स्वच्छ भारत अभियान की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़े कर रही है। जब जिला मुख्यालय की यह स्थिति है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की व्यवस्था का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। आम लोगों का कहना है कि कागजों में शहर स्वच्छ दिखाई देता है, लेकिन धरातल पर गंदगी, अव्यवस्था और लापरवाही का साम्राज्य कायम है।

जनता का प्रशासन से सीधा सवाल - स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि दुल्ही तालाब क्षेत्र की नियमित सफाई कराई जाए, सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए और चुनाव के दौरान किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

अब सबसे बड़ा सवाल - क्या जिला प्रशासन इस बार भी केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगा, या फिर आम जनता की वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा? फिलहाल सूरजपुर की जनता की निगाहें जिला प्रशासन और नगर पालिका की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


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