नए आपराधिक कानून लागू होने के दो वर्ष पूरे होने पर बिलासपुर पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग, पारदर्शी विवेचना और समयबद्ध न्याय प्रक्रिया के क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि आधुनिक तकनीक, जवाबदेह पुलिसिंग और जनसहभागिता के समन्वय से बिलासपुर ने प्रदेश में कई महत्वपूर्ण श्रेणियों में अग्रणी स्थान हासिल किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि एक जुलाई 2024 से लागू भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी अमल के लिए बिलासपुर पुलिस ने शुरुआत से ही सुनियोजित रणनीति अपनाई। इसी का परिणाम है कि डिजिटल विवेचना, फॉरेंसिक समन्वय, अभियोजन और डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में जिला प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी थानों और चौकियों को पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा गया है। 1386 अधिकारी-कर्मचारियों को ‘ई-साक्ष्य’ प्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस मुख्यालय के नियमित प्रशिक्षण के साथ मास्टर प्रशिक्षकों ने थाना स्तर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर सभी विवेचकों को नई व्यवस्था के अनुरूप दक्ष बनाया।
बिलासपुर पुलिस ने अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली के माध्यम से 1 लाख 31 हजार 957 मालखाना प्रविष्टियां ऑनलाइन दर्ज की हैं। वहीं महानिदेशक- पुलिस महानिरीक्षक डैशबोर्ड पर 26 हजार 607 प्रविष्टियों के जरिए थानों की गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा रही है।मेडिको-लीगल रिपोर्ट पोर्टल (मेड-ली-पीआर) के माध्यम से 2543 चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट तथा 179 पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त की गई हैं। न्यायालय निर्णय पत्रक की 16 हजार 110 ऑनलाइन प्रविष्टियों के साथ बिलासपुर ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
नए आपराधिक कानून लागू होने के दो वर्ष पूरे होने पर बिलासपुर पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग, पारदर्शी विवेचना और समयबद्ध न्याय प्रक्रिया के क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि आधुनिक तकनीक, जवाबदेह पुलिसिंग और जनसहभागिता के समन्वय से बिलासपुर ने प्रदेश में कई महत्वपूर्ण श्रेणियों में अग्रणी स्थान हासिल किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि एक जुलाई 2024 से लागू भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी अमल के लिए बिलासपुर पुलिस ने शुरुआत से ही सुनियोजित रणनीति अपनाई। इसी का परिणाम है कि डिजिटल विवेचना, फॉरेंसिक समन्वय, अभियोजन और डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में जिला प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी थानों और चौकियों को पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा गया है। 1386 अधिकारी-कर्मचारियों को ‘ई-साक्ष्य’ प्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस मुख्यालय के नियमित प्रशिक्षण के साथ मास्टर प्रशिक्षकों ने थाना स्तर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर सभी विवेचकों को नई व्यवस्था के अनुरूप दक्ष बनाया।
बिलासपुर पुलिस ने अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली के माध्यम से 1 लाख 31 हजार 957 मालखाना प्रविष्टियां ऑनलाइन दर्ज की हैं। वहीं महानिदेशक- पुलिस महानिरीक्षक डैशबोर्ड पर 26 हजार 607 प्रविष्टियों के जरिए थानों की गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा रही है।मेडिको-लीगल रिपोर्ट पोर्टल (मेड-ली-पीआर) के माध्यम से 2543 चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट तथा 179 पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त की गई हैं। न्यायालय निर्णय पत्रक की 16 हजार 110 ऑनलाइन प्रविष्टियों के साथ बिलासपुर ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।


Journalist खबरीलाल














