
आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी के दामों में भारी तेजी देखी जा रही है। वैश्विक स्तर पर बढ़ रही अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ रुख किया है, जिससे भारतीय सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत आसमान छू रही है।
देश के अंदर सोने की बढ़ती मांग और कमजोर डॉलर के कारण घरेलू बाजार में सोने के भाव लगातार तीसरे सत्र में बढ़ गए हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना तेजी के साथ एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे निवेशकों को आने वाले दिनों में और अधिक तेजी की उम्मीद नजर आ रही है।
घरेलू बाजार में आज 24 कैरेट सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में इसका भाव बढ़कर 1,54,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जिसमें सभी टैक्स शामिल हैं। वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव 0.11% बढ़कर 1,51,985 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।
सोने के साथ चांदी के भाव में भी आज भारी तेजी देखी जा रही है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी का भाव बढ़कर 2,34,800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव 0.15% बढ़कर 2,31,804 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा है।
भारत के प्रमुख शहरों में आज 24 कैरेट सोने की कीमतें काफी ऊंची बनी हुई हैं। दिल्ली, लखनऊ और जयपुर में इसका भाव 1,50,040 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसके अलावा मुंबई और कोलकाता में सोने की कीमत 1,49,890 रुपये है, जबकि चेन्नई में यह रिकॉर्ड 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
लेमन मार्केट्स के गौरव गर्ग के अनुसार, कमजोर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में नरमी से सोने की मांग बढ़ी है। वहीं कोटक सिक्योरिटीज की कायनात चेनवाला ने बताया कि निवेशक अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे फेडरल रिजर्व के ब्याज दर परिदृश्य के बारे में नए संकेत मिलने की उम्मीद है।
सोने की तेजी के पीछे अमेरिकी बाजार के कमजोर आर्थिक आंकड़े भी बड़ी वजह हैं। जुलाई में यू.एस. नॉन-फार्म पेरोल में 23,000 जॉब्स की गिरावट से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना कम हुई है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उम्मीद है कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा।
इसके साथ ही अमेरिकी सीनेट में रशियन सेंक्शन्स बिल का पास होना भी सोने में तेजी की बड़ी वजह है। इस विधेयक के तहत रूस से ऊर्जा खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों पर 100% तक का भारी टैरिफ लग सकता है, जिससे ट्रेड वॉर छिड़ने के डर से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की लिवाली बढ़ा दी है।

आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी के दामों में भारी तेजी देखी जा रही है। वैश्विक स्तर पर बढ़ रही अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ रुख किया है, जिससे भारतीय सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत आसमान छू रही है।
देश के अंदर सोने की बढ़ती मांग और कमजोर डॉलर के कारण घरेलू बाजार में सोने के भाव लगातार तीसरे सत्र में बढ़ गए हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना तेजी के साथ एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे निवेशकों को आने वाले दिनों में और अधिक तेजी की उम्मीद नजर आ रही है।
घरेलू बाजार में आज 24 कैरेट सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में इसका भाव बढ़कर 1,54,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जिसमें सभी टैक्स शामिल हैं। वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव 0.11% बढ़कर 1,51,985 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।
सोने के साथ चांदी के भाव में भी आज भारी तेजी देखी जा रही है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी का भाव बढ़कर 2,34,800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव 0.15% बढ़कर 2,31,804 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा है।
भारत के प्रमुख शहरों में आज 24 कैरेट सोने की कीमतें काफी ऊंची बनी हुई हैं। दिल्ली, लखनऊ और जयपुर में इसका भाव 1,50,040 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसके अलावा मुंबई और कोलकाता में सोने की कीमत 1,49,890 रुपये है, जबकि चेन्नई में यह रिकॉर्ड 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
लेमन मार्केट्स के गौरव गर्ग के अनुसार, कमजोर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में नरमी से सोने की मांग बढ़ी है। वहीं कोटक सिक्योरिटीज की कायनात चेनवाला ने बताया कि निवेशक अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे फेडरल रिजर्व के ब्याज दर परिदृश्य के बारे में नए संकेत मिलने की उम्मीद है।
सोने की तेजी के पीछे अमेरिकी बाजार के कमजोर आर्थिक आंकड़े भी बड़ी वजह हैं। जुलाई में यू.एस. नॉन-फार्म पेरोल में 23,000 जॉब्स की गिरावट से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना कम हुई है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उम्मीद है कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा।
इसके साथ ही अमेरिकी सीनेट में रशियन सेंक्शन्स बिल का पास होना भी सोने में तेजी की बड़ी वजह है। इस विधेयक के तहत रूस से ऊर्जा खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों पर 100% तक का भारी टैरिफ लग सकता है, जिससे ट्रेड वॉर छिड़ने के डर से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की लिवाली बढ़ा दी है।


Journalist खबरीलाल















